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संसद का संयुक्त अधिवेशन
संयुक्त बैठक कब बुलाई जाती है
अनुच्छेद 108 के अंतर्गत संयुक्त बैठक बुलाई जाती है जब:
- एक सदन द्वारा पारित विधेयक दूसरे सदन द्वारा अस्वीकृत कर दिया जाए
- दोनों सदन संशोधनों पर असहमत हों
- एक सदन में विधेयक प्राप्त होने के 6 माह से अधिक समय बीत जाए
पीठासीन अधिकारी: लोक सभा के अध्यक्ष (अध्यक्ष की अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष)
मत: दोनों सदनों के उपस्थित और मतदान करने वाले कुल सदस्यों का साधारण बहुमत — लोक सभा (543) राज्य सभा (245) पर प्रभावी होती है।
संयुक्त बैठक की सीमाएँ
लागू नहीं होती: धन विधेयक, संवैधानिक संशोधन विधेयक, अनुच्छेद 249/312 के अंतर्गत राज्य सभा द्वारा पुरःस्थापित विधेयकों पर
अब तक की संयुक्त बैठकें — इतिहास में केवल 3
- दहेज प्रतिषेध विधेयक 1961 (1961)
- बैंकिंग सेवा आयोग (निरसन) विधेयक 1977 (1978)
- आतंकवाद निवारण अधिनियम (POTA) 2002 (2002)
