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| विषय | विवरण |
|---|---|
| संवैधानिक नैतिकता — प्रणेता | डॉ. अम्बेडकर (संविधान सभा बहस, 1948) |
| निजता का मील का पत्थर | K.S. Puttaswamy (2017) — 9-न्यायाधीश पीठ, सर्वसम्मति |
| धारा 377 रद्द | Navtej Singh Johar (2018) — 5-न्यायाधीश पीठ, सर्वसम्मति |
| धारा 497 (व्यभिचार) रद्द | Joseph Shine (2018) — 5-न्यायाधीश पीठ, सर्वसम्मति |
| तत्काल तीन तलाक मामला | Shayara Bano (2017) — 3:2 बहुमत |
| तीन तलाक कानून | Muslim Women Act 2019 — 3 वर्ष तक कारावास |
| Sabarimala मामले का वर्ष | 2018 — 4:1 बहुमत; 2019 में 9-न्यायाधीश पीठ को संदर्भित |
| EWS आरक्षण बरकरार | Janhit Abhiyan (2022) — 3:2 बहुमत |
| Article 370 निरस्तीकरण बरकरार | In Re: Article 370 (दिसंबर 2023) — 5-न्यायाधीश पीठ, सर्वसम्मति |
| CAA 2019 — लाभार्थी धर्म | हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी, ईसाई |
| CAA नियम अधिसूचित | मार्च 2024 |
| DPDP Act 2023 — नियामक निकाय | Data Protection Board of India (DPBI) |
| DPDP Act अधिकतम दंड | ₹250 करोड़ |
| BNS/BNSS/BSA प्रभावी तिथि | 1 जुलाई 2024 |
| BNS में राजद्रोह का प्रतिस्थापन | धारा 152 — संप्रभुता/एकता के विरुद्ध कृत्य |
| परिवर्तनकारी संविधानवाद — प्रमुख प्रवर्तक | न्यायमूर्ति D.Y. Chandrachud |
| Vishakha निर्णय वर्ष | 1997 — कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न संबंधी दिशानिर्देश |
| NJAC रद्द | 2015 — 99वां संशोधन — न्यायिक स्वतंत्रता = मूल संरचना |
