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परिचय एवं संदर्भ
RPSC के लिए यह विषय क्यों महत्वपूर्ण है
विषय 92, Paper III के राजनीति विज्ञान खंड की मूल आधारशिला है। भारत का संविधान 448 अनुच्छेद, 12 अनुसूचियाँ और 22 भाग (2024 तक) के साथ विश्व का सबसे लंबा लिखित संविधान है। RPSC ने 2013 से 2023 तक प्रत्येक परीक्षा वर्ष में इस विषय का परीक्षण किया है (औसत 5.4 अंक/वर्ष), जिससे यह एक विश्वसनीय मध्यम-प्राथमिकता विषय है जो 5-अंक और 10-अंक दोनों प्रश्न उत्पन्न कर सकता है।
संवैधानिक संरचना — प्रस्तावना, मौलिक अधिकार, DPSP, मौलिक कर्तव्य — राज्य और नागरिकों के बीच संस्थापक समझौते का प्रतिनिधित्व करती है।
2026 पाठ्यक्रम की अपेक्षाएँ
2026 के पाठ्यक्रम में स्पष्ट रूप से चार उप-घटकों का उल्लेख है:
- संविधान सभा (ऐतिहासिक संदर्भ)
- मौलिक अधिकार (न्यायोचित — भाग III)
- DPSP (गैर-न्यायोचित — भाग IV)
- मौलिक कर्तव्य (आकांक्षात्मक — भाग IVA)
10-अंक के प्रश्नों में तुलनात्मक शैली (FR बनाम DPSP, न्यायोचित बनाम गैर-न्यायोचित) या न्यायालयों ने इन प्रतिस्पर्धी प्रावधानों को किस प्रकार संतुलित किया है, इस पर विश्लेषणात्मक प्रश्न अपेक्षित हैं।
संवैधानिक संरचना एक दृष्टि में
| घटक | भाग | अनुच्छेद | न्यायोचित? | चरित्र |
|---|---|---|---|---|
| प्रस्तावना | — | — | नहीं | व्याख्यात्मक मार्गदर्शिका |
| मौलिक अधिकार | III | 12–35 | हाँ | राज्य पर नकारात्मक दायित्व |
| DPSP | IV | 36–51 | नहीं | राज्य पर सकारात्मक दायित्व |
| मौलिक कर्तव्य | IVA | 51A | नहीं | नागरिकों पर नैतिक दायित्व |
