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परिचय एवं पाठ्यक्रम
टॉपिक 71 पेपर II के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी खंड में सबसे गतिशील और लगातार पूछे जाने वाले विषयों में से एक है। यह तीन अलग-अलग क्षेत्रों को जोड़ता है जिन पर RPSC ने बार-बार प्रश्न पूछे हैं:
- (क) भारत की वैज्ञानिक विरासत और संस्थागत पारिस्थितिकी तंत्र
- (ख) राष्ट्रीय नीतिगत आयामों वाली उभरती प्रौद्योगिकियाँ — नैनोतकनीक, क्वांटम कंप्यूटिंग, AI और रोबोटिक्स
- (ग) भारत के डिजिटल परिवर्तन को नियंत्रित करने वाला नीतिगत एवं नियामक ढाँचा — डिजिटल इंडिया, साइबर सुरक्षा और डेटा गोपनीयता
RPSC 2026 के पाठ्यक्रम में ये सभी उप-विषय एक ही टॉपिक के अंतर्गत स्पष्ट रूप से सूचीबद्ध हैं, अर्थात परीक्षक आठ में से किसी भी उप-क्षेत्र से प्रश्न पूछ सकते हैं। PYQ रिकॉर्ड इस विस्तार की पुष्टि करता है: भारतीय वैज्ञानिक (2021, 10 अंक), नैनो मिशन (2018, 5 अंक), क्वांटम कंप्यूटिंग (2023, 2 अंक), AIRAWAT + ChatGPT (2023, 10 अंक), AI/LLMs (2024, 10 अंक), डिजिटल रुपी बनाम UPI (2024, 2 अंक), और डिजिटल पर्यटन पहल (2024, 5 अंक) — सभी पूछे जा चुके हैं।
2026 की परीक्षा में DPDP अधिनियम 2023, राष्ट्रीय क्वांटम मिशन और IndiaAI मिशन — ये सभी 2023 के बाद के विकास — पूछे जाने की संभावना है जो पिछले सभी प्रश्नपत्रों में अनुपस्थित हैं।
विषय-क्षेत्र की सीमाएँ
- इस टॉपिक का दायरा भारत-विशिष्ट है (टॉपिक 70 के विपरीत जो अमूर्त/वैश्विक है)।
- सामान्य क्वांटम यांत्रिकी सिद्धांत टॉपिक 68 (भौतिकी) में आता है; इस टॉपिक में भारत की नीतिगत प्रतिक्रिया, संस्थागत कर्ता और विशिष्ट कार्यक्रम अपेक्षित हैं।
- ISRO मिशन (चंद्रयान-3, आदित्य-L1, गगनयान) यहाँ भारत की विज्ञान संस्थाओं और उपलब्धियों के संदर्भ में आते हैं; विस्तृत प्रक्षेपण यान और उपग्रह प्रौद्योगिकी टॉपिक 72 में आती है।
- चंद्रयान-3 और आदित्य-L1 दोनों टॉपिक के लिए वैध परीक्षा सामग्री हैं।
परीक्षा दृष्टिकोण
5-अंकीय (50-शब्द) प्रश्नों के लिए, विशिष्ट संख्याएँ याद रखें — कार्यक्रम बजट, प्रक्षेपण तिथियाँ, संस्था स्थापना वर्ष, नीति अधिनियमन वर्ष। हर उत्तर की संरचना: क्या + भारत का नीतिगत/संदर्भ + 2–3 प्रमुख तथ्य संख्याओं के साथ।
