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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

डिजिटल इंडिया एवं सरकारी नीतियाँ

भारतीय विज्ञान: वैज्ञानिकों का योगदान, संस्थाएँ, रोबोटिक्स, नैनोतकनीक, क्वांटम कंप्यूटिंग, सरकारी नीतियाँ, डिजिटल इंडिया, साइबर सुरक्षा एवं डेटा गोपनीयता

पेपर II · इकाई 2 अनुभाग 7 / 13 0 PYQ 38 मिनट

सार्वजनिक अनुभाग पूर्वावलोकन

डिजिटल इंडिया एवं सरकारी नीतियाँ

6.1 डिजिटल इंडिया कार्यक्रम

1 जुलाई 2015 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किया गया डिजिटल इंडिया भारत सरकार का प्रमुख कार्यक्रम है जो भारत को डिजिटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान अर्थव्यवस्था में बदलने का लक्ष्य रखता है। यह तीन विज़न क्षेत्रों में संचालित होता है: डिजिटल अवसंरचना, डिजिटल सेवाएँ और डिजिटल साक्षरता।

आधार और पहचान

  • UIDAI (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) आधार का प्रबंधन करता है — प्रत्येक निवासी के लिए 12 अंकों की बायोमेट्रिक पहचान
  • 1.37 अरब नामांकित (2025)
  • आधार-आधारित प्रमाणीकरण प्रतिदिन 50+ मिलियन सत्यापन प्रसंस्करण करता है
  • आधार अधिनियम 2016 विधायी ढाँचा प्रदान करता है

भुगतान

  • UPI (एकीकृत भुगतान इंटरफेस): अगस्त 2016 में NPCI द्वारा लॉन्च। वर्चुअल पेमेंट एड्रेस (VPA) का उपयोग करने वाली रियल-टाइम इंटरबैंक मोबाइल भुगतान प्रणाली। मार्च 2025: 14.96 अरब लेन-देन; FY2024-25: कुल 170 अरब से अधिक UPI लेन-देन।
    • UPI One World विदेशी आगंतुकों को लेन-देन करने में सक्षम बनाता है
    • UPI123Pay फीचर फोन उपयोगकर्ताओं को सक्षम बनाता है
    • भारत UPI का निर्यात करता है: सिंगापुर (PayNow लिंकेज), UAE, फ्रांस, UK, भूटान, नेपाल, श्रीलंका
  • RuPay: भारत का घरेलू कार्ड भुगतान नेटवर्क (NPCI) जिसके 750 मिलियन+ कार्ड जारी।
  • FASTag: RFID-आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह; 97%+ राजमार्ग टोल संग्रह अब डिजिटल।

पहचान और दस्तावेज

  • DigiLocker: क्लाउड-आधारित डिजिटल दस्तावेज वॉलेट — आधार, PAN, ड्राइविंग लाइसेंस, अंक पत्र, वाहन RC की सत्यापित प्रतियाँ संग्रहित करता है। 250 मिलियन+ उपयोगकर्ता (2025)। भौतिक दस्तावेजों की आवश्यकता समाप्त करता है।
  • e-संजीवनी: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 2019 में शुरू की गई राष्ट्रीय टेलीमेडिसिन सेवा। 2025 तक 250 मिलियन+ टेलीकंसल्टेशन। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (उप-स्वास्थ्य केंद्रों) में तैनात।

शासन

  • UMANG (नव-युग शासन के लिए एकीकृत मोबाइल एप्लिकेशन): 1,800+ केंद्रीय और राज्य सरकार सेवाओं को एकीकृत करने वाला एकल ऐप। 2017 में लॉन्च।
  • DigiYatra: बायोमेट्रिक-आधारित एयरपोर्ट चेक-इन और बोर्डिंग — 24 एयरपोर्ट (2025); आधार/पासपोर्ट से जुड़ी चेहरा पहचान का उपयोग।
  • CoWIN (कोविड वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क): COVID-19 टीकाकरण प्रशासन के लिए MoHFW द्वारा विकसित — 2.5 अरब टीके की खुराक दर्ज, वैश्विक स्तर पर मॉडल के रूप में उपयोग।
  • GeM (गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस): सरकारी मंत्रालयों द्वारा वस्तुओं और सेवाओं की खरीद के लिए 2016 में लॉन्च। GMV 4 लाख करोड़ रुपये+ (2024 तक संचयी)।

कनेक्टिविटी

  • भारतनेट: सभी 2.5 लाख ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ने का विश्व का सबसे बड़ा ग्रामीण ब्रॉडबैंड कार्यक्रम। Phase I (1 लाख GP) 2017 में पूर्ण; Phase II और III जारी। 2025 तक 2.14 लाख GP जुड़ चुके।
  • PM-WANI (प्रधानमंत्री वाई-फाई एक्सेस नेटवर्क इंटरफेस): ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में हॉट स्पॉट के लिए विकेंद्रीकृत सार्वजनिक वाई-फाई ढाँचा।

वाणिज्य

  • ONDC (ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स): DPIIT द्वारा अप्रैल 2022 में लॉन्च। ओपन-सोर्स, अंतर-संचालनीय ई-कॉमर्स प्रोटोकॉल (वाणिज्य के लिए UPI की तरह)। किसी भी बायर ऐप को बिना प्लेटफॉर्म लॉक-इन के किसी भी सेलर ऐप से जोड़ता है। MSMEs, किराना स्टोर और किसानों के लिए ई-कॉमर्स का लोकतांत्रिकरण का लक्ष्य।

6.2 IndiaAI मिशन (2024)

IndiaAI मिशन को मार्च 2024 में 5 वर्षों (2024–2029) के लिए 10,371 करोड़ रुपये के बजट के साथ मंजूरी दी गई, जो इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत और IndiaAI — डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन के तहत एक नई स्वतंत्र व्यापार इकाई — द्वारा संचालित।

IndiaAI मिशन के सात स्तंभ

  1. IndiaAI कंप्यूट क्षमता (AIRAWAT): राष्ट्रीय AI कंप्यूट अवसंरचना — 10,000+ GPU क्लस्टर; C-DAC और निजी क्लाउड सुविधाओं में होस्ट। लक्ष्य: किफायती दरों पर 10,000 GPU कंप्यूट क्षमता।
  2. IndiaAI नवाचार केंद्र: भारतीय भाषाओं और क्षेत्रों (स्वास्थ्य, कृषि, शासन) के लिए बड़े पैमाने पर स्वदेशी फाउंडेशन मॉडल। लक्ष्य: भारत के LLM समकक्ष विकसित करना।
  3. IndiaAI डेटासेट प्लेटफॉर्म: AI प्रशिक्षण के लिए खुले, क्यूरेटेड डेटासेट जिसमें भारतीय भाषा कॉर्पस, स्वास्थ्य रिकॉर्ड, उपग्रह इमेजरी शामिल।
  4. IndiaAI एप्लिकेशन विकास पहल: क्षेत्र-विशिष्ट AI अनुप्रयोग — स्वास्थ्य (रोग शीघ्र पहचान), कृषि (फसल सलाह), शिक्षा (अनुकूली शिक्षण) और शासन (धोखाधड़ी पहचान)।
  5. IndiaAI भविष्य कौशल: 2027 तक 5 मिलियन का AI कौशल उन्नयन; 500 कॉलेजों में AI प्रयोगशालाएँ।
  6. IndiaAI स्टार्टअप वित्तपोषण: डीप-टेक AI स्टार्टअप के लिए 2,000 करोड़ रुपये का कोष।
  7. सुरक्षित और विश्वसनीय AI: जिम्मेदार AI दिशानिर्देश, पूर्वाग्रह ऑडिट, एल्गोरिथम जवाबदेही ढाँचे।

AIRAWAT (PYQ 2023 — Q26a)

पूरा नाम — AI अनुसंधान, विश्लेषण और ज्ञान आत्मसात प्लेटफॉर्म। अवसंरचना आवश्यकताओं में शामिल हैं:

  • उच्च-प्रदर्शन GPU क्लस्टर (NVIDIA H100/A100 श्रेणी)
  • उच्च-बैंडविड्थ मेमोरी सिस्टम
  • कम-विलंबता इंटरकनेक्ट (InfiniBand)
  • विशाल डेटासेट के लिए समानांतर फाइल सिस्टम
  • शीतलन और बिजली अवसंरचना
  • साइबर सुरक्षा ढाँचे

स्वदेशी LLMs (PYQ 2024 — Q27)

  • कृत्रिम AI (Ola संस्थापक भाविश अग्रवाल, 2024): भारतीय भाषाओं पर प्रशिक्षित भारत का पहला स्वदेशी LLM। 22 अनुसूचित भारतीय भाषाओं को संभालता है।
  • OpenHathi (Sarvam AI, 2024): हिंदी-प्रथम ओपन-सोर्स LLM, Llama 2 पर आधारित, हिंदी-अंग्रेजी द्विभाषी कॉर्पस पर प्रशिक्षित।
  • प्रोजेक्ट उड़ान (IIT बॉम्बे + AI4Bharat): 22 भारतीय भाषाओं के लिए तंत्रिका मशीन अनुवाद।
  • BhasaVerse (CDAC, 2024): क्षेत्रीय लिपियों सहित 22 भारतीय भाषाओं के लिए AI मॉडल।
  • AI4Bharat (IIT मद्रास): भारतीय भाषाओं के लिए ओपन-सोर्स NLP टूल — IndicBERT, IndicNMT, IndicASR (वाक् पहचान)।

6.3 NITI आयोग की AI के लिए राष्ट्रीय रणनीति (2018)

NITI आयोग द्वारा जून 2018 में जारी कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए राष्ट्रीय रणनीति (#AIForAll) भारत का पहला आधिकारिक AI रणनीति दस्तावेज था। इसने AI अनुप्रयोग के लिए 5 फोकस क्षेत्रों की पहचान की:

  • स्वास्थ्य सेवा
  • कृषि
  • शिक्षा
  • स्मार्ट सिटी एवं बुनियादी ढाँचा
  • स्मार्ट गतिशीलता एवं परिवहन

इसने "गैराज से ग्लोबल" दृष्टिकोण का समर्थन किया — भारत में भारत और विश्व के लिए AI समाधान विकसित करना।