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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

चिकित्सा निदान

भौतिक विज्ञान: गति, कार्य/शक्ति/ऊर्जा, गुरुत्वाकर्षण, प्रकाश, ऊष्मा, विद्युत, चुंबकत्व, ध्वनि, विद्युत-चुंबकीय तरंगें, चिकित्सा निदान, परमाणु विखंडन/संलयन, विकिरण सुरक्षा

पेपर II · इकाई 2 अनुभाग 8 / 13 0 PYQ 31 मिनट

सार्वजनिक अनुभाग पूर्वावलोकन

चिकित्सा निदान

7.1 इमेजिंग प्रौद्योगिकियाँ

X-ray रेडियोग्राफी (1895, विल्हेम Röntgen — भौतिकी का पहला नोबेल पुरस्कार 1901)

  • X-rays (0.01–10 nm तरंगदैर्ध्य) मुलायम ऊतक से गुजरती हैं किन्तु कैल्शियम-समृद्ध हड्डियों से अवशोषित होती हैं।
  • अनुप्रयोग: हड्डी के फ्रैक्चर, फेफड़े के रोग (TB, निमोनिया), दाँत की कैविटी, छाती की जाँच।

CT Scan (Computed Tomography / CAT Scan)

  • कई X-ray बीम रोगी के चारों ओर घूमते हैं; डिटेक्टर सरणियाँ प्रत्येक कोण से क्षीणन मापती हैं।
  • कंप्यूटर अनुप्रस्थ काट (टोमोग्राफिक) छवियाँ पुनर्निर्मित करता है — 3D आंतरिक शारीरिक रचना दिखा सकता है।
  • अनुप्रयोग: आघात पहचान, कैंसर स्टेजिंग, आंतरिक चोटें, अंग मूल्यांकन।
  • सीमा: साधारण X-ray से अधिक विकिरण खुराक; गर्भवती महिलाओं के लिए उपयुक्त नहीं।

MRI (Magnetic Resonance Imaging)

  • मजबूत चुंबकीय क्षेत्र (1.5–3 Tesla, पृथ्वी के क्षेत्र का ~30,000×) और रेडियोफ्रीक्वेंसी स्पंद का उपयोग।
  • हाइड्रोजन परमाणु (पानी और वसा में) क्षेत्र के साथ संरेखित होते हैं, फिर RF स्पंद समाप्त होने पर रेडियो तरंगें उत्सर्जित करते हैं।
  • ये उत्सर्जन पहचाने जाते हैं और उच्च-रिज़ॉल्यूशन छवियों में संगणित किए जाते हैं।
  • लाभ: कोई आयनीकरण विकिरण नहीं; मुलायम ऊतकों का उत्कृष्ट कंट्रास्ट (मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी, मांसपेशियाँ, स्नायुबंध)।
  • अनुप्रयोग: मस्तिष्क ट्यूमर, MS, रीढ़ की डिस्क हर्निया, ACL चोट, हृदय संरचना।

PET Scan (Positron Emission Tomography)

  • रोगी को F-18 फ्लोरोडीऑक्सीग्लूकोज (FDG) अंतःशिरा में दिया जाता है — एक रेडियोधर्मी ग्लूकोज अनुरूप।
  • कैंसर कोशिकाओं की उच्च चयापचय दर = उच्च ग्लूकोज ग्रहण = उच्च FDG सांद्रता = "हॉट स्पॉट"।
  • F-18 पॉज़िट्रॉन उत्सर्जित करता है; पॉज़िट्रॉन इलेक्ट्रॉन के साथ विनाश करता है → 180° पर दो गामा फोटोन — पहचाने जाते हैं और चयापचय मानचित्र बनाने के लिए बैक-प्रोजेक्ट किए जाते हैं।
  • अल्जाइमर निदान (मस्तिष्क ग्लूकोज चयापचय), हृदय व्यवहार्यता मूल्यांकन में भी उपयोग।

अल्ट्रासाउंड (सोनोग्राफी)

  • उच्च-आवृत्ति ध्वनि तरंगें (2–15 MHz) शरीर में निर्देशित; अंग सीमाओं से परावर्तन से छवियाँ बनती हैं।
  • पूर्णतः सुरक्षित (कोई आयनीकरण विकिरण नहीं) — गर्भावस्था में भ्रूण निगरानी के लिए मानक।
  • अनुप्रयोग: प्रसूति (भ्रूण विकास), उदर अंग (यकृत, पित्ताशय, गुर्दे), इकोकार्डियोग्राफी (हृदय कार्य), डॉप्लर अल्ट्रासाउंड (रक्त प्रवाह वेग)।

7.2 इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी

ECG (Electrocardiogram):

  • सतही इलेक्ट्रोड से हृदय की विद्युत गतिविधि रिकॉर्ड करता है।
  • P तरंग: आलिंद विध्रुवण; QRS कॉम्प्लेक्स: निलय विध्रुवण; T तरंग: निलय पुनर्ध्रुवण।
  • अतालता, दिल के दौरे (MI में ST उत्थान), चालन दोष पहचानता है।

EEG (Electroencephalogram):

  • खोपड़ी के इलेक्ट्रोड से मस्तिष्क की विद्युत गतिविधि (10–100 µV, 1–30 Hz) रिकॉर्ड करता है।
  • मिर्गी निदान, नींद विकार, मस्तिष्क मृत्यु मूल्यांकन में उपयोग।