सार्वजनिक अनुभाग पूर्वावलोकन
विद्युत-चुंबकीय तरंगें
6.1 EM स्पेक्ट्रम
मैक्सवेल (1865) ने सैद्धांतिक रूप से EM तरंगों की भविष्यवाणी की — विद्युत और चुंबकीय क्षेत्रों का दोलन c = 3 × 10⁸ m/s की गति से प्रसार।
हर्ट्ज़ (1887) ने प्रयोगात्मक रूप से रेडियो तरंगें उत्पन्न कीं, जिससे मैक्सवेल की भविष्यवाणी की पुष्टि हुई।
| क्षेत्र | तरंगदैर्ध्य | आवृत्ति | मुख्य अनुप्रयोग |
|---|---|---|---|
| रेडियो तरंगें | >1 mm | <300 GHz | AM/FM रेडियो, TV प्रसारण, उपग्रह संचार |
| माइक्रोवेव | 1 mm – 1 m | 300 MHz – 300 GHz | माइक्रोवेव ओवन (2.45 GHz), मोबाइल फोन (800–2600 MHz), Wi-Fi, रडार, GPS |
| अवरक्त (IR) | 700 nm – 1 mm | 300 GHz – 430 THz | ऊष्मा स्थानांतरण, नाइट-विजन कैमरे, TV रिमोट, थर्मल इमेजिंग |
| दृश्य प्रकाश | 400–700 nm | 430–770 THz | दृष्टि, फोटोग्राफी, सौर पैनल |
| पराबैंगनी (UV) | 10–400 nm | 770 THz – 30 PHz | नसबंदी (UV-C), विटामिन D संश्लेषण, फोरेंसिक, नकली नोट पहचान |
| X-किरणें | 0.01–10 nm | 30 PHz – 30 EHz | चिकित्सा इमेजिंग, हवाई अड्डा सुरक्षा, क्रिस्टलोग्राफी |
| गामा किरणें | <0.01 nm | >30 EHz | कैंसर चिकित्सा, परमाणु प्रक्रियाएँ, खाद्य नसबंदी |
6.2 माइक्रोवेव अनुप्रयोग
माइक्रोवेव ओवन: 2.45 GHz माइक्रोवेव का उपयोग — यह आवृत्ति पानी के अणुओं की अनुनाद आवृत्ति से मेल खाती है, जिससे वे घूमते हैं और आंतरिक रूप से ऊष्मा उत्पन्न करते हैं (आयतनात्मक तापन)। कोई आयनीकरण विकिरण नहीं होता।
रडार (Radio Detection and Ranging): माइक्रोवेव/रेडियो तरंगों के स्पंद प्रेषित किए जाते हैं; वस्तुओं से प्रतिध्वनि से दूरी (उड़ान समय × c/2) और गति (डॉप्लर शिफ्ट) मिलती है।
अनुप्रयोग:
- विमानन (वायु यातायात नियंत्रण)
- मौसम पूर्वानुमान (डॉप्लर रडार तूफान की तीव्रता पहचानता है)
- सैन्य और स्पीड गन
GPS (Global Positioning System): अमेरिकी 24+ उपग्रहों का समूह माइक्रोवेव संकेत प्रेषित करता है। रिसीवर 4+ उपग्रहों से आगमन समय के अंतर से स्थिति की गणना करता है (त्रिभुजन)।
NavIC (Navigation with Indian Constellation): भारत की अपनी नेविगेशन प्रणाली।
- 7 उपग्रह (2018); भारत + 1,500 km परिधि को कवर करती है
- सटीकता < 20 m
6.3 अवरक्त अनुप्रयोग
- थर्मल इमेजिंग कैमरे: गर्म वस्तुओं से उत्सर्जित IR का पता लगाते हैं — नाइट-विजन चश्में, खोज-और-बचाव, बुखार जाँच (FLIR कैमरे), इमारतों की ऊर्जा ऑडिटिंग में उपयोग।
- IR स्पेक्ट्रोस्कोपी: रासायनिक यौगिकों को उनकी अनन्य IR अवशोषण आवृत्तियों से पहचानती है।
- रिमोट सेंसिंग: पृथ्वी अवलोकन उपग्रह (RESOURCESAT, CARTOSAT) वनस्पति, जल निकायों और भूमि तापमान की निगरानी के लिए near-IR और thermal-IR बैंड का उपयोग करते हैं।
