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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

कार्बन यौगिक एवं ईंधन

रसायन विज्ञान: परमाणु संरचना, धातु/अधातु, अयस्क/मिश्र धातु, अम्ल/क्षार/pH, औषधि, कीटनाशक, कार्बन यौगिक, ईंधन, रेडियोधर्मिता, हरित रसायन

पेपर II · इकाई 2 अनुभाग 7 / 13 0 PYQ 28 मिनट

सार्वजनिक अनुभाग पूर्वावलोकन

कार्बन यौगिक एवं ईंधन

6.1 कार्बनिक रसायन के मूल सिद्धांत

कार्बन की विशिष्टता दो गुणों से उत्पन्न होती है:

  1. श्रृंखलन: कार्बन परमाणु लंबी श्रृंखलाओं, वलयों और शाखाओं में एक-दूसरे से जुड़ सकते हैं, जिससे लाखों यौगिक बनते हैं।
  2. चतुर्संयोजकता: कार्बन में 4 संयोजकता इलेक्ट्रॉन होते हैं, जो 4 सहसंयोजक बंध बनाते हैं।

समजातीय श्रेणी: एक ही क्रियात्मक समूह वाले कार्बनिक यौगिकों की श्रेणी जो −CH₂− इकाई से भिन्न होती है।

श्रेणी सूत्र उदाहरण क्रियात्मक समूह
एल्केन CₙH₂ₙ₊₂ मेथेन CH₄, एथेन C₂H₆, प्रोपेन C₃H₈ कोई नहीं (संतृप्त)
एल्कीन CₙH₂ₙ एथीन C₂H₄, प्रोपीन C₃H₆ C=C (एक द्विबंध)
एल्काइन CₙH₂ₙ₋₂ एथाइन C₂H₂ (ऐसीटिलीन) C≡C (त्रिबंध)
ऐल्कोहॉल CₙH₂ₙ₊₁OH मेथेनॉल CH₃OH, एथेनॉल C₂H₅OH −OH
कार्बोक्सिलिक अम्ल CₙH₂ₙ₊₁COOH एसीटिक अम्ल CH₃COOH −COOH

महत्वपूर्ण यौगिक:

  • एथेनॉल (C₂H₅OH): मादक पेय, ईंधन (एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम — भारत में 2025 तक 20% लक्ष्य), एंटीसेप्टिक, विलायक में उपयोग।
  • एसीटिक अम्ल (CH₃COOH): सिरके में (5% विलयन); खाद्य संरक्षण, रंग, प्लास्टिक में उपयोग।
  • फॉर्मेल्डिहाइड (HCHO): जैविक नमूनों में परिरक्षक; बेकेलाइट प्लास्टिक बनाने में उपयोग।

6.2 बहुलक

प्राकृतिक बहुलक: रबर (polyisoprene), स्टार्च (ग्लूकोज बहुलक), सेल्युलोज (ग्लूकोज बहुलक — संरचनात्मक), प्रोटीन (अमीनो अम्ल बहुलक), DNA/RNA (न्यूक्लियोटाइड बहुलक)।

कृत्रिम बहुलक:

बहुलक एकलक वर्ष उपयोग
बेकेलाइट फिनोल + फॉर्मेल्डिहाइड 1907 (Leo Baekeland) विद्युत स्विच, हैंडल — प्रथम पूर्णतः कृत्रिम प्लास्टिक
नायलॉन-6,6 Adipic acid + hexamethylenediamine 1935 (DuPont) कपड़ा, रस्सी, टूथब्रश ब्रिसल
पॉलिएथिलीन (PE) एथिलीन (एथीन) 1933 थैलियाँ, पाइप, बोतलें
PVC विनाइल क्लोराइड 1920s पाइप, तार, फर्श
टेफ्लॉन (PTFE) टेट्राफ्लुओरोएथिलीन 1938 (Roy Plunkett) नॉन-स्टिक कुकवेयर, गैसकेट
पॉलिस्टाइरीन स्टाइरीन 1839 पैकेजिंग फोम (थर्मोकोल), डिस्पोजेबल

रबर वल्केनीकरण

प्राकृतिक रबर नरम और चिपचिपी होती है — अत्यधिक तापमान पर उपयोगहीन। Charles Goodyear (1839) ने पाया कि रबर को गंधक (3–5%) के साथ गर्म करने से बहुलक श्रृंखलाओं के बीच अनुप्रस्थ बंध बनते हैं, जो विस्तृत तापमान सीमा पर लोचदार गुण देते हैं।

वल्केनीकृत रबर का उपयोग टायर, सील, जूते में होता है।

6.3 ईंधन और ऊर्जा

ऊष्मीय मान = ईंधन की प्रति इकाई द्रव्यमान से मुक्त ऊर्जा (MJ/kg):

ईंधन ऊष्मीय मान (MJ/kg) अवस्था विशेषताएँ
हाइड्रोजन 142 गैस सर्वाधिक; शून्य उत्सर्जन; भंडारण की चुनौती
LPG (ब्यूटेन/प्रोपेन) ~50 गैस/द्रव घरेलू खाना पकाना; स्वच्छ दहन
पेट्रोल ~47 द्रव परिवहन; ऑक्टेन रेटिंग (RON)
डीजल ~45 द्रव उच्च ऊर्जा घनत्व; भारी वाहन
केरोसीन ~43 द्रव विमानन (जेट ईंधन), ग्रामीण खाना पकाना
कोयला (बिटुमिनस) ~28–35 ठोस विद्युत उत्पादन; CO₂ उत्सर्जक
लकड़ी ~15 ठोस बायोमास; ग्रामीण ऊर्जा; अकुशल
बायोगैस ~22 गैस CH₄ (55–60%) + CO₂ का मिश्रण; कार्बनिक अपशिष्ट से

पेट्रोलियम शोधन — प्रभाजी आसवन उत्पाद:

प्रभाज क्वथनांक परिसर कार्बन परमाणु उपयोग
शोधनशाला गैस (LPG) 30°C से नीचे C₁–C₄ खाना पकाना, गर्म करना
पेट्रोल 30–70°C C₅–C₇ मोटर कार
नेफ्था 90–200°C C₆–C₁₀ रासायनिक कच्चा माल
केरोसीन 150–270°C C₁₀–C₁₆ जेट ईंधन, ग्रामीण खाना पकाना
डीजल 250–350°C C₁₄–C₁₉ ट्रक, ट्रेन, बस
फ्यूल ऑयल 350°C से ऊपर C₂₀+ जहाज, बिजली स्टेशन
बिटुमेन/डामर अवशेष C₄₀+ सड़क निर्माण, छत

भारत का एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम (EBP)

सरकार का लक्ष्य: 2025–26 तक पेट्रोल में 20% एथेनॉल (E20) (2030 से पहले)।

  • उद्देश्य: पेट्रोलियम आयात कम करना, वाहन उत्सर्जन घटाना, गन्ना किसानों का समर्थन
  • FY2023–24 में भारत ने राष्ट्रीय स्तर पर ~12% मिश्रण हासिल किया
  • बायोएथेनॉल गन्ने की शीरा, क्षतिग्रस्त अनाज और सेल्युलोसिक बायोमास से बनाया जाता है