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अर्थशास्त्र

राज्य वित्त आयोग

ग्रामीण विकास, पंचायती राज, राज्य वित्त आयोग

पेपर I · इकाई 2 अनुभाग 5 / 14 0 PYQ 35 मिनट

सार्वजनिक अनुभाग पूर्वावलोकन

राज्य वित्त आयोग

संवैधानिक अधिदेश:

संविधान का अनुच्छेद 243-I प्रत्येक राज्य के राज्यपाल को 73वें संशोधन के प्रारंभ के एक वर्ष के भीतर (अर्थात् अप्रैल 1994 तक) और उसके बाद प्रत्येक पाँचवें वर्ष की समाप्ति पर राज्य वित्त आयोग (SFC) का गठन करने का अधिदेश देता है। SFC निम्नलिखित पर समीक्षा एवं सिफारिशें करता है:

  • राज्य और पंचायतों के बीच करों, शुल्कों, पथकरों एवं फीस की निवल आय का वितरण
  • वे कर, शुल्क, पथकर एवं फीस जो पंचायतों को अर्पित या विनियुक्त किए जा सकते हैं
  • राज्य की समेकित निधि से पंचायतों को अनुदान-सहायता
  • पंचायतों की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए आवश्यक उपाय

SFC रिपोर्ट राज्य विधानमंडल के समक्ष रखी जाती है (अनुच्छेद 243-I(4))।

राजस्थान के राज्य वित्त आयोग:

SFC गठन वर्ष अध्यक्ष सिफारिश अवधि
1वाँ SFC 1994 B.B. टंडन 1995-2000
2वाँ SFC 2000 हीरालाल देवपुरा 2000-2005
3वाँ SFC 2005 D.C. सामंत 2005-2010
4वाँ SFC 2010 मांगीलाल शर्मा 2010-2015
5वाँ SFC 2015 I.D. भटनागर 2015-2020
6वाँ SFC 2020-21 (जारी) 2020-2025

6वाँ SFC — प्रदर्शन डेटा (2024-25):

6वें राज्य वित्त आयोग का विकेंद्रीकरण 2024-25 में:

  • बजट आवंटन: ₹4,000 करोड़
  • PRI को हस्तांतरित: ₹621.07 करोड़ (रिपोर्टिंग अवधि तक)
  • PRI द्वारा व्यय: ₹1,886.13 करोड़ (प्रारंभिक शेष + हस्तांतरण सहित)
  • पूर्ण कार्य: 37,394

स्तरों के बीच निधि वितरण (राजस्थान का मानक अनुपात):

  • ग्राम पंचायत: हस्तांतरित निधियों का 75%
  • पंचायत समिति: 20%
  • जिला परिषद: 5%

ग्राम पंचायतों की ओर यह भारित वितरण (75%) जमीनी शासन को मजबूत करने के संवैधानिक आशय को दर्शाता है। ग्राम पंचायत स्तर सीधे सर्वाधिक नागरिकों को स्पर्श करता है और ग्रामीण विकास कार्यों का सबसे बड़ा हिस्सा क्रियान्वित करता है।

15वाँ वित्त आयोग (केंद्रीय) अनुदान:

SFC से पृथक, 15वाँ वित्त आयोग (केंद्र सरकार का) भी सीधे PRI को अनुदान आवंटित करता है। 2024-25 के लिए:

  • बजट: ₹4,100 करोड़
  • हस्तांतरित: ₹2,203.29 करोड़
  • व्यय: ₹2,204.24 करोड़
  • पूर्ण कार्य: 42,028

15वें वित्त आयोग (अध्यक्ष: N.K. सिंह; 2021-22 से 2025-26) ने अनुदानों को बंधित अनुदान (स्वच्छता एवं पेयजल — 60%) और अबंधित अनुदान (लचीला उपयोग — 40%) में विभाजित किया। यह अंतर परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है: बंधित अनुदान अन्य उद्देश्यों के लिए नहीं लगाए जा सकते।

SFC और केंद्रीय वित्त आयोग की तुलना:
SFC राज्य-स्तरीय निकाय है (अनुच्छेद 243-I) जो राज्य-PRI वित्तीय संबंध निर्धारित करता है; जबकि केंद्रीय वित्त आयोग (अनुच्छेद 280) केंद्र-राज्य वित्तीय संबंधों की समीक्षा करते हुए सीधे स्थानीय निकायों को भी अनुदान देता है। दोनों मिलकर PRI वित्त का दोहरा स्तंभ बनाते हैं।