Skip to main content

अर्थशास्त्र

ग्रामीण विकास कार्यक्रम

ग्रामीण विकास, पंचायती राज, राज्य वित्त आयोग

पेपर I · इकाई 2 अनुभाग 6 / 14 0 PYQ 35 मिनट

सार्वजनिक अनुभाग पूर्वावलोकन

ग्रामीण विकास कार्यक्रम

MGNREGS — महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005 (MGNREGA) ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति परिवार प्रति वर्ष 100 दिन अकुशल मजदूरी रोजगार को कानूनी अधिकार के रूप में गारंटी देता है। यह कवरेज की दृष्टि से विश्व का सबसे बड़ा रोजगार गारंटी कार्यक्रम है।

राजस्थान का MGNREGS प्रदर्शन 2024-25 (अप्रैल–दिसंबर 2024):

पैरामीटर मान
कुल व्यय ₹7,676.98 करोड़
सृजित मानव-दिवस 2,309.72 लाख
नियोजित परिवार 53.28 लाख
100 दिन पूरे करने वाले परिवार 1.27 लाख
राजस्थान अधिसूचित मजदूरी दर (2024-25) ₹255/दिन

राजस्थान परंपरागत रूप से MGNREGS उपयोगिता में शीर्ष 3 राज्यों में रहता है। राजस्थान में इस योजना का महत्व इसलिए अधिक है क्योंकि यहाँ विशाल अर्ध-शुष्क एवं शुष्क भूगोल है जिसमें वर्षभर कृषि रोजगार सीमित है; मौसमी प्रवासन अधिक है जिसे MGNREGS कम करती है; और महिलाओं की भागीदारी दर लगातार 55% से अधिक है। सामाजिक अंकेक्षण (धारा 17) तंत्र के अंतर्गत ग्राम सभाएं हर छह महीने में सभी MGNREGS कार्यों का अंकेक्षण करती हैं।

PMAY-G — प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण):

PMAY-G 2016 में लॉन्च हुई (इंदिरा आवास योजना के स्थान पर)। ग्रामीण निराश्रितों को स्थायी आवास के लिए:

  • सहायता राशि: मैदानी क्षेत्र में ₹1.20 लाख; पहाड़ी/दुर्गम/IAP जिलों में ₹1.30 लाख
  • वित्त पोषण अनुपात: केंद्र:राज्य = 60:40 (मैदानी राज्य); 90:10 (पर्वतीय/पूर्वोत्तर)
  • अतिरिक्त सहायता: स्वच्छता शौचालय के लिए ₹12,000 (SBM-G अभिसरण); अकुशल श्रम के लिए 90 व्यक्ति-दिवस MGNREGS मजदूरी
  • लाभार्थी चयन: SECC 2011 डेटा पर आधारित; मोटर वाहन स्वामी, आयकर दाता, सरकारी कर्मचारी स्थायी रूप से बाहर
  • प्रौद्योगिकी: AwaasSoft पोर्टल के माध्यम से जियो-टैगिंग एवं MIS निगरानी

राजीविका — राजस्थान ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM):

राजीविका राजस्थान में दीनदयाल अंत्योदय योजना — राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) का राज्य क्रियान्वयन है। 2011-12 में स्थापित (SGSY — स्वर्णजयंती ग्राम स्वरोजगार योजना, 1999 के स्थान पर)।

मुख्य आँकड़े:

  • स्व-सहायता समूह (SHG): 4.09 लाख
  • परिवार: 48.64 लाख
  • बैंक ऋण: ₹8,712.94 करोड़
  • गाँवों में उपस्थिति: 37,912 गाँव

तीन-स्तरीय ढाँचा:

  • SHG: 10-20 महिला सदस्य, साप्ताहिक बैठक, नियमित बचत, बैंक से ऋण
  • ग्राम संगठन (VO): ग्राम स्तर पर SHG का संघ (50-200 SHG सदस्य)
  • क्लस्टर स्तर संघ (CLF): ब्लॉक/क्लस्टर स्तर पर VO का संघ

DDU-GKY — दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना:

2014 में लॉन्च; 15-35 वर्ष के ग्रामीण गरीब युवाओं को प्लेसमेंट-लिंक्ड कौशल प्रशिक्षण। अनिवार्यतः महिलाओं को 33% कवरेज; अवधि 576 घंटे (3 माह न्यूनतम) से 2,304 घंटे (12 माह अधिकतम); प्लेसमेंट की गारंटी अन्य कौशल कार्यक्रमों से अलग बनाती है।

SBM-G चरण II (2024-25):

चरण I (2014-2019) में सभी जिले ODF। चरण II (2020-2025): ODF Plus — ठोस/तरल अपशिष्ट प्रबंधन।

मानक आँकड़ा
निर्मित शौचालय 1,03,566
सामुदायिक स्वच्छता परिसर 1,238
ODF Plus गाँव घोषित 32,793
गोबर-धन परियोजनाएं 11
कुल व्यय ₹74.65 करोड़

GOBAR-dhan (Galvanising Organic Bio-Agro Resources Dhan) पशु गोबर एवं जैवनिम्नीकरणीय कचरे को बायोगैस एवं जैविक खाद में बदलता है।

स्वामित्व योजना:

24 अप्रैल 2020 (राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस) को PM मोदी द्वारा लॉन्च। ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि के मानचित्रण के लिए ड्रोन तकनीक। राजस्थान में 36,352 में से 35,955 गाँवों (98.9%) में ड्रोन सर्वेक्षण पूर्ण; 6,85,935 संपत्ति पत्ते (पट्टे) वितरित। संपत्ति स्वामी अब बैंक ऋण के लिए इन पत्तों को संपार्श्विक के रूप में उपयोग कर सकते हैं।

अन्य प्रमुख ग्रामीण कार्यक्रम:

श्री अन्नपूर्णा रसोई (ग्रामीण): 891 सक्रिय रसोई; ₹8 प्रति थाली (लाभार्थी); ₹22 प्रति थाली (सरकारी सब्सिडी); 2.27 करोड़ भोजन परोसे।

GP भवन निर्माण: 1,443 स्वीकृत में से 1,220 नए ग्राम पंचायत भवन पूर्ण।

विमुक्त/घुमंतू समुदाय: 17,156 भूखंड/पट्टे विमुक्त जनजातियों एवं घुमंतू समुदायों को आवंटित।