Skip to main content

अर्थशास्त्र

मुख्य बिंदु

ग्रामीण विकास, पंचायती राज, राज्य वित्त आयोग

पेपर I · इकाई 2 अनुभाग 1 / 14 0 PYQ 35 मिनट

सार्वजनिक अनुभाग पूर्वावलोकन

मुख्य बिंदु

राजस्थान में पंचायती राज, ग्रामीण विकास एवं राज्य वित्त आयोग से जुड़े 14 प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:

  1. त्रि-स्तरीय पंचायती राज संरचना: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 के अंतर्गत 33 जिला परिषद, 365 पंचायत समितियाँ और 11,194 ग्राम पंचायतें स्थापित हैं। यह संरचना 73वें संवैधानिक संशोधन (1992) को लागू करती है।

  2. 73वाँ संवैधानिक संशोधन (1992): इस संशोधन ने संविधान में भाग IX (अनुच्छेद 243 से 243-O) और 11वीं अनुसूची (29 विषय) जोड़े। राजस्थान ने 1994 अधिनियम के माध्यम से इसे लागू किया।

  3. आरक्षण प्रावधान: राजस्थान की पंचायतों में महिलाओं के लिए 50% सीटें आरक्षित हैं; SC/ST को जनसंख्या अनुपात में आरक्षण मिलता है; OBC को भी राज्य विधि के अंतर्गत आरक्षण दिया जाता है। राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) विधेयक 2026 (मार्च 2026) द्वारा दो-बच्चा मानदंड (धारा 19, 1994 अधिनियम) समाप्त कर दिया गया।

  4. छठा राज्य वित्त आयोग (SFC): 2024-25 में बजट प्रावधान ₹4,000 करोड़; ₹621.07 करोड़ PRI को हस्तांतरित; 37,394 कार्य पूर्ण।

  5. निधि वितरण अनुपात: हस्तांतरित निधियों में ग्राम पंचायत को 75%, पंचायत समिति को 20% और जिला परिषद को 5% प्राप्त होता है।

  6. 15वाँ वित्त आयोग (केंद्रीय) PRI अनुदान 2024-25: बजट ₹4,100 करोड़; ₹2,203.29 करोड़ हस्तांतरित; 42,028 कार्य पूर्ण। अध्यक्ष: N.K. सिंह (2021-22 से 2025-26)।

  7. MGNREGS प्रदर्शन 2024-25 (अप्रैल–दिसंबर): ₹7,676.98 करोड़ व्यय; 2,309.72 लाख मानव-दिवस सृजित; 53.28 लाख परिवार नियोजित; 1.27 लाख परिवारों ने 100 दिन पूरे किए।

  8. PMAY-G (प्रधानमंत्री आवास योजना — ग्रामीण): मैदानी क्षेत्रों में प्रति आवास ₹1.20 लाख; पहाड़ी/दुर्गम क्षेत्रों में ₹1.30 लाख सहायता दी जाती है। स्थायी आवास के लिए ग्रामीण निराश्रितों को लाभ।

  9. स्वामित्व योजना (ड्रोन सर्वेक्षण): राजस्थान के 36,352 में से 35,955 गाँवों में ड्रोन सर्वेक्षण पूर्ण; 6,85,935 संपत्ति पत्ते (पट्टे) वितरित।

  10. राजीविका (DAY-NRLM): ग्रामीण महिलाओं को स्व-सहायता समूहों (SHG) में संगठित कर वित्तीय समावेशन एवं आजीविका संवर्धन। 4.09 लाख SHG में 48.64 लाख परिवार; ₹8,712.94 करोड़ बैंक ऋण।

  11. SBM-G चरण II (2024-25): 1,03,566 शौचालय निर्मित; 32,793 गाँव ODF Plus घोषित; 11 गोबर-धन परियोजनाएं संचालित; ₹74.65 करोड़ व्यय।

  12. सुनवाई का अधिकार अधिनियम 2012: सरकारी विभागों में आवेदनों पर निर्धारित समय-सीमा में सुनवाई का कानूनी अधिकार देने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य बना।

  13. जन सूचना पोर्टल (2019): 13 सितंबर 2019 को लॉन्च; 280+ योजनाओं एवं 117+ विभागों का डेटा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध; ग्राम पंचायत स्तर तक पारदर्शिता सुनिश्चित।

  14. विकसित राजस्थान 2047 — 'विकसित गाँव-वार्ड अभियान' (19 मार्च–15 मई 2026): सभी 11,341 ग्राम पंचायतों के लिए बॉटम-अप मास्टर प्लान तैयार करने का अभियान — विकेंद्रीकृत विकास नियोजन की व्यापक पहल।