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अर्थशास्त्र

परिचय एवं पाठ्यक्रम

ग्रामीण विकास, पंचायती राज, राज्य वित्त आयोग

पेपर I · इकाई 2 अनुभाग 2 / 14 0 PYQ 35 मिनट

सार्वजनिक अनुभाग पूर्वावलोकन

परिचय एवं पाठ्यक्रम

RPSC 2026 मुख्य परीक्षा के पाठ्यक्रम में ग्रामीण विकास, पंचायती राज और राज्य वित्त आयोग को प्रश्नपत्र I, इकाई 2 (अर्थशास्त्र), भाग C के अंतर्गत रखा गया है। यह विषय पूर्णतः राजस्थान-केंद्रित है — परीक्षक यह जांचता है कि विकेंद्रीकृत शासन राजस्थान में वास्तव में कैसे कार्य करता है: कानूनी ढाँचा, संस्थागत संरचना, वित्तीय प्रवाह और विकास कार्यक्रमों के परिणाम।

विषय के तीन परस्पर जुड़े स्तंभ:

पहला, पंचायती राज — संवैधानिक आधार (73वाँ संशोधन), राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994, त्रि-स्तरीय संरचना, चुनाव, आरक्षण और 29 विषयों का विकेंद्रीकरण।

दूसरा, राज्य वित्त आयोग — संवैधानिक अधिदेश (अनुच्छेद 243-I), संरचना, विकेंद्रीकरण संबंधी सिफारिशें और छठे SFC के आँकड़े।

तीसरा, ग्रामीण विकास कार्यक्रम — MGNREGS, PMAY-G, DAY-NRLM/राजीविका, SBM-G, स्वामित्व योजना, DDU-GKY और पारदर्शिता तंत्र।

इस विषय की सीमाएँ: 73वें संशोधन से पूर्व का पंचायती राज का संवैधानिक इतिहास (विषय #104 देखें), कृषि उत्पादकता एवं सिंचाई योजनाएँ (विषय #33), शहरी स्थानीय निकाय (अलग विषय) और राष्ट्रीय राजकोषीय हस्तांतरण (विषय #32) इस विषय के बाहर हैं।

PYQ पैटर्न: यह विषय पिछले 5 परीक्षाओं में एक बार प्रकट हुआ है (टायर 4 — अनियमित), सामान्यतः आरक्षण प्रावधानों या MGNREGA डेटा पर 5 अंकों के तथ्यात्मक प्रश्न के रूप में। 2026 की परीक्षा में, संशोधित पाठ्यक्रम के अंतर्गत, विकसित राजस्थान 2047 पर वर्तमान सरकार के जोर और हाल के विधायी विकास (दो-बच्चा मानदंड संशोधन, 2026) को देखते हुए, इस विषय को अधिक महत्व मिल सकता है। SFC तंत्र और MGNREGS प्रदर्शन डेटा पर 1-2 प्रश्नों की उम्मीद रखें।

परीक्षा प्रारूप: 6 × 5 अंक प्रश्न (प्रत्येक 50 शब्द) + 3 × 10 अंक प्रश्न (प्रत्येक 150 शब्द)। कुल 60 अंक, इकाई 2 के अंतर्गत।

संबंधित विषय: विषय #33 (कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र), #104 (पंचायती राज — राजव्यवस्था कोण), #22 (वृद्धि, विकास, HDI)।