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अर्थशास्त्र

विकसित राजस्थान 2047: दृष्टिकोण, ढाँचा एवं आर्थिक लक्ष्य

आर्थिक संकेतक: राज्य घरेलू उत्पाद, प्रति व्यक्ति आय, समावेशी विकास, विकसित राजस्थान 2047, सतत विकास लक्ष्य

पेपर I · इकाई 2 अनुभाग 6 / 14 0 PYQ 40 मिनट

सार्वजनिक अनुभाग पूर्वावलोकन

विकसित राजस्थान 2047: दृष्टिकोण, ढाँचा एवं आर्थिक लक्ष्य

विकसित राजस्थान 2047 राज्य की दीर्घकालिक विकास परिकल्पना है, जो केंद्र सरकार के विकसित भारत 2047 कार्यक्रम से संरेखित है। इसे 2024-25 के संशोधित बजट में स्पष्ट किया गया और "अमृत कालखंड" ढाँचे के अंतर्गत पाँच वर्षीय कार्ययोजना के रूप में औपचारिक रूप दिया गया। परिकल्पना समग्र राज्य विकास के लिए 10 संकल्पों में "सबका साथ, सबका विकास" के सिद्धांत को साकार करती है।

$350 बिलियन अर्थव्यवस्था का लक्ष्य

विकसित राजस्थान का सबसे मापनीय तत्व 2029 तक $350 बिलियन (लगभग ₹29 लाख करोड़) अर्थव्यवस्था का लक्ष्य है — वर्तमान पथ से लगभग दोगुना।

लक्ष्य के प्रमुख तथ्य:

  • राजस्थान का 2024-25 नाममात्र GSDP: ₹17.04 लाख करोड़ (लगभग $205 बिलियन)
  • आवश्यक वृद्धि: चार वर्षों में 12-15% नाममात्र वार्षिक वृद्धि
  • तंत्र: राइजिंग राजस्थान शिखर सम्मेलन MoU + RIPS 2024 + औद्योगिक नीति सुधार

विकसित राजस्थान के 10 संकल्प

संकल्प संख्या विषय प्रमुख हस्तक्षेप
1 $350 बिलियन अर्थव्यवस्था निवेश प्रोत्साहन, राइजिंग राजस्थान शिखर सम्मेलन, RIPS 2024
2 बुनियादी ढाँचा विकास एक्सप्रेसवे, सड़कें, जल परियोजनाएँ, ऊर्जा कॉरिडोर
3 जीवन गुणवत्ता एवं नागरिक सुविधाएँ शहरी विकास, स्वच्छता, पेयजल
4 कृषि विकास और किसान कल्याण फसल बीमा, सिंचाई, MSP, डिजिटल कृषि
5 औद्योगिक विकास और निवेश MSME नीति 2024, औद्योगिक पार्क, निर्यात प्रोत्साहन
6 पर्यटन, कला एवं संस्कृति विरासत सर्किट, फिल्म पर्यटन, सांस्कृतिक अवसंरचना
7 सतत विकास एवं हरित वृद्धि नवीकरणीय ऊर्जा, SDG स्थानीयकरण, RAM जल सेतु
8 मानव संसाधन विकास एवं स्वास्थ्य चिरंजीवी, शिक्षा सुधार, कौशल विकास
9 सामाजिक सुरक्षा कल्याण योजनाएँ, पेंशन, DBT, महिला सशक्तिकरण
10 सुशासन डिजिटल शासन, जन आधार, पारदर्शिता

स्रोत: राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2024-25, कार्यकारी सारांश, राजस्थान सरकार

राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024

राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 विकसित राजस्थान एजेंडे के प्रमुख निवेशक आयोजन के रूप में जयपुर में हुआ।

प्रमुख परिणाम:

  • 5,000 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें वैश्विक निवेशक, उद्योग जगत के नेता और नीति-निर्माता शामिल
  • ₹35 लाख करोड़ के MoU हस्ताक्षरित — राजस्थान के इतिहास में सबसे बड़ा एकल निवेश आयोजन
  • फोकस क्षेत्र: नवीकरणीय ऊर्जा, अवसंरचना, प्रौद्योगिकी और कृषि
  • 10 नई नीतियाँ लागू: RIPS 2024, राजस्थान निर्यात नीति 2024, MSME नीति 2024, खनिज नीति 2024, M-सैंड नीति 2024
  • नवीकरणीय ऊर्जा केंद्र और डिजिटल अर्थव्यवस्था के रूप में राजस्थान की स्थिति के रणनीतिक खाके तैयार हुए

RAM जल सेतु लिंक परियोजना

विकसित राजस्थान के अंतर्गत एक प्रमुख अवसंरचना परियोजना:

  • कवरेज: 17 जिलों में 3 करोड़ लोग
  • सिंचाई: 4 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि
  • SDG संरेखण: SDG-6 (स्वच्छ जल और स्वच्छता) और SDG-2 (कृषि समावेशिता) का सीधा समर्थन

संभावित GSDP बनाम वास्तविक GSDP

संभावित GSDP वह अधिकतम टिकाऊ उत्पादन है जो राजस्थान की अर्थव्यवस्था पूर्ण रोज़गार पर मुद्रास्फीति दबाव के बिना कर सकती है। इन संरचनात्मक बाधाओं से उत्पादन अंतर उत्पन्न होता है:

  1. कारक बाज़ार अक्षमता: लगभग 50% श्रमशक्ति निम्न-उत्पादकता कृषि में, विखंडित जोत और जल अभाव
  2. मानव पूंजी की कमी: महिला साक्षरता 52.1% (जनगणना 2011), IMR 30.3 (NFHS-5), MMR 197 — सभी श्रम उत्पादकता सीमित करते हैं
  3. ऐतिहासिक ऊर्जा कमी: बिजली की कमी ने औद्योगिक उत्पादन बाधित किया (2024 तक आंशिक रूप से सुलझाया — सौर क्षमता 20,000 MW से अधिक)
  4. अवसंरचना अंतराल: 3,17,121 किमी सड़कों के बावजूद आंतरिक जिलों से संपर्क कमज़ोर
  5. कम विविधीकरण: वर्षा-आधारित कृषि पर निर्भरता (राजस्थान का 60% शुष्क/अर्ध-शुष्क) से उत्पादन में उतार-चढ़ाव

विकसित राजस्थान 2047 अपने 10 संकल्पों के माध्यम से इन बाधाओं को सीधे लक्षित करता है।