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परिचय एवं पाठ्यक्रम
पाठ्यक्रम में स्थान और परीक्षक की अपेक्षाएँ
RPSC 2026 मुख्य परीक्षा के पाठ्यक्रम में आर्थिक संकेतकों को प्रश्न-पत्र I, इकाई 2 (अर्थशास्त्र), भाग C के अंतर्गत रखा गया है। विषय-क्षेत्र स्पष्ट रूप से राजस्थान-केंद्रित है: परीक्षक यह जानना चाहते हैं कि मानक व्यापक आर्थिक संकेतक राजस्थान की आर्थिक वास्तविकता और नियोजन ढाँचे में कैसे लागू होते हैं। प्रमुख संकेतकों में सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP), प्रति व्यक्ति आय और समावेशी विकास के सूचकांक शामिल हैं।
यह टियर 5 / नया-अंतराल विषय है: यह RAS मुख्य परीक्षा (2013, 2016, 2018, 2021, 2023) में कभी नहीं पूछा गया। 2026 के संशोधित पाठ्यक्रम में इसका समावेश RPSC के समकालीन शासन और विकास अवधारणाओं की ओर बदलाव तथा राज्य सरकार के विकसित राजस्थान 2047 एजेंडे को दर्शाता है। 2026 की परीक्षा संशोधित पाठ्यक्रम के अंतर्गत पहली परीक्षा है, जो इस विषय को परीक्षा जोखिम की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण बनाती है।
पाँच उप-विषय
इस अध्याय में पाँच परस्पर संबद्ध उप-विषय शामिल हैं:
- SDP / GSDP: मापन पद्धति, नाममात्र बनाम वास्तविक, क्षेत्रीय और जिलावार आँकड़े
- प्रति व्यक्ति आय: परिभाषा, राजस्थान की प्रवृत्तियाँ, जिलावार असमानताएँ
- समावेशी विकास: वैचारिक ढाँचा, MPI, कल्याण योजनाएँ
- विकसित राजस्थान 2047: 10 संकल्प, $350 बिलियन अर्थव्यवस्था लक्ष्य, राइजिंग राजस्थान शिखर सम्मेलन
- SDGs: 17 लक्ष्य, भारत/राजस्थान का प्रदर्शन, संस्थागत तंत्र
इस विषय के बाहर क्या है
राजकोषीय नीति और कराधान विषय #32 में शामिल हैं। कृषि उत्पादकता का विस्तृत विवरण विषय #33 में है। औद्योगिक नीति का विवरण विषय #34 में है। यहाँ परीक्षक संकेतकों की वैचारिक समझ परख रहे हैं, न कि केवल रटे हुए आँकड़े।
