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विश्व बैंक समूह — संरचना एवं भारत
विश्व बैंक समूह — संरचना एवं भारत
5.1 विश्व बैंक समूह — पाँच संस्थाएँ
"विश्व बैंक" आमतौर पर IBRD + IDA को एक साथ संदर्भित करता है। पूर्ण विश्व बैंक समूह में 5 संस्थाएँ शामिल हैं:
1. IBRD (अंतर्राष्ट्रीय पुनर्निर्माण एवं विकास बैंक, 1944):
- मध्य-आय और साख-योग्य निम्न-आय देशों को ऋण देता है
- ब्याज दरें: बाज़ार के करीब (LIBOR/SOFR + स्प्रेड, लगभग 4-5%)
- 189 सदस्य देश
- भारत का संबंध: प्रमुख IBRD उधारकर्ता; भारत के सक्रिय परियोजनाओं का पोर्टफोलियो ~$25 अरब (2024)
2. IDA (अंतर्राष्ट्रीय विकास संघ, 1960):
- "मृदु ऋण खिड़की" — दुनिया के 74 सबसे गरीब देशों को रियायती ऋण (प्रति व्यक्ति GNI < सीमा)
- शर्तें: 25-40 वर्ष परिपक्वता, 5-10 वर्ष अनुग्रह अवधि, 0.75-1.25% सेवा शुल्क (कोई ब्याज नहीं)
- हर 3 वर्षों में पुनःपूर्ति — IDA20 (2022): $93 अरब (2022-25 के लिए; अब तक की सबसे बड़ी)
- भारत 2014 में IDA पात्रता से स्नातक हुआ — IBRD की ओर स्थानांतरित
3. IFC (अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम, 1956):
- विश्व बैंक समूह का निजी क्षेत्र विभाग
- विकासशील देशों में निजी कंपनियों को ऋण और इक्विटी — सरकारी गारंटी के बिना
- भारत: प्रमुख IFC निवेश गंतव्य — HDFC, महिंद्रा फाइनेंस, नवीकरणीय ऊर्जा स्टार्टअप, माइक्रोफाइनेंस
4. MIGA (बहुपक्षीय निवेश गारंटी एजेंसी, 1988):
- विकासशील देशों में निवेश करने वाले निजी निवेशकों और ऋणदाताओं को राजनीतिक जोखिम बीमा प्रदान करता है
- जोखिम कवर: अधिग्रहण, मुद्रा अपरिवर्तनीयता, अनुबंध उल्लंघन, युद्ध/नागरिक अशांति
- विकासशील देशों में FDI प्रवाह को सुगम बनाने का लक्ष्य
5. ICSID (निवेश विवाद निपटान अंतर्राष्ट्रीय केंद्र, 1966):
- विदेशी निवेशकों और मेजबान देशों के बीच निवेश विवादों के लिए मध्यस्थता और सुलह सुविधा
- भारत ने ICSID कन्वेंशन की पुष्टि नहीं की है — भारत से जुड़े विवाद UNCITRAL (तदर्थ) मध्यस्थता के माध्यम से जाते हैं
5.2 विश्व बैंक — वर्तमान प्राथमिकताएँ और विकास
विश्व बैंक का मिशन (विकसित):
मूल मिशन (1944): "पुनर्निर्माण और विकास" — युद्धोत्तर यूरोप का पुनर्निर्माण, फिर विकास ऋण।
वर्तमान मिशन: "एक रहने योग्य ग्रह पर अत्यधिक गरीबी समाप्त करना और साझा समृद्धि को बढ़ावा देना" (2023 संशोधन)।
विश्व बैंक का इवोल्यूशन रोडमैप (2023):
अध्यक्ष अजय बंगा द्वारा प्रस्तावित (जून 2023 से — पहले भारतीय-अमेरिकी अध्यक्ष)। मुख्य परिवर्तन:
- विस्तारित जनादेश: वैश्विक चुनौतियाँ — जलवायु, महामारी, नाजुकता — न केवल व्यक्तिगत देश विकास
- ट्रिपल बैंक: विकास बैंक + ज्ञान संस्था + आयोजक/समन्वयक के रूप में कार्य
- निजी पूँजी जुटाना: 10 वर्षों में गारंटी और जोखिम न्यूनीकरण के माध्यम से $1 ट्रिलियन निजी क्षेत्र से जुटाने का लक्ष्य
- हाइब्रिड पूँजी: नए वित्तीय उपकरण — नए पूँजी वृद्धि के बिना ऋण क्षमता बढ़ाने के लिए
IDA 20 पुनःपूर्ति (2022):
- सबसे बड़ी IDA पुनःपूर्ति: वित्त वर्ष 2022-25 के लिए $93 अरब
- थीम: "संकट से बेहतर पुनर्निर्माण, एक हरित, लचीले और समावेशी भविष्य की ओर"
- IDA20 संसाधनों का 70% अफ्रीका को
- जलवायु-विशिष्ट प्रतिबद्धताएँ: IDA20 का 35% जलवायु के लिए
- नाजुक और संघर्ष-प्रभावित राज्य: IDA20 का 30%
5.3 विश्व बैंक और भारत — प्रमुख परियोजनाएँ
भारत विश्व बैंक के सबसे बड़े उधारकर्ताओं में से एक है:
- भारत का IBRD पोर्टफोलियो: ~$25 अरब सक्रिय परियोजनाएँ (2024)
- क्षेत्र: शहरी बुनियादी ढाँचा, जल आपूर्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य प्रणाली, नवीकरणीय ऊर्जा, परिवहन
भारत-विश्व बैंक की प्रमुख परियोजनाएँ:
| परियोजना | ऋण | फोकस |
|---|---|---|
| राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) | $500 मिलियन | महिलाओं के SHG, ग्रामीण आजीविका |
| PM गतिशक्ति (राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स दक्षता कार्यक्रम) | $1.5 अरब | बहुआयामी लॉजिस्टिक्स |
| हरित विकास नीति ऋण | $1.5 अरब (श्रृंखला) | नवीकरणीय ऊर्जा, EV इकोसिस्टम |
| राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली सुदृढ़ीकरण | $500 मिलियन | प्राथमिक और द्वितीयक स्वास्थ्य |
| महाराष्ट्र लचीला जलवायु-स्मार्ट कृषि | $250 मिलियन | जलवायु-लचीली खेती |
विश्व बैंक के वे प्रकाशन जो भारत उपयोग करता है:
- व्यापार सुगमता (EoDB) रैंकिंग (अब बंद; 2014 में 142 से 2020 में 63 पर आया)
- मानव पूँजी सूचकांक (HCI): भारत 0.49 (2020)
- गरीबी और समानता डेटा
