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अर्थशास्त्र

मुख्य बिंदु

वैश्विक आर्थिक मुद्दे: विश्व व्यापार संगठन, विश्व बैंक, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की भूमिकाएँ

पेपर I · इकाई 2 अनुभाग 1 / 11 0 PYQ 36 मिनट

सार्वजनिक अनुभाग पूर्वावलोकन

मुख्य बिंदु

विश्व व्यापार संगठन, विश्व बैंक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष — ये तीनों संस्थाएँ आज के वैश्विक आर्थिक ढाँचे की आधारशिला हैं। RAS Mains 2026 की दृष्टि से इनके प्रमुख तथ्य और आँकड़े स्मरण करना अनिवार्य है।

1. WTO (विश्व व्यापार संगठन):
WTO की स्थापना 1 जनवरी 1995 को हुई। यह GATT 1947 का उत्तराधिकारी है। इसका मुख्यालय जिनेवा, स्विट्ज़रलैंड में है। 2024 तक इसके 166 सदस्य देश हैं — नवीनतम सदस्य कोमोरोस और तिमोर-लेस्ते (2024) हैं। भारत WTO का संस्थापक सदस्य है। WTO 16 बहुपक्षीय एवं 2 बहु-पक्षीय व्यापार समझौतों का प्रशासन करता है। महानिदेशक: न्गोज़ी ओकोन्जो-इवेला (नाइजीरिया) — मार्च 2021 से, WTO की प्रथम अफ्रीकी एवं प्रथम महिला महानिदेशक।

2. WTO व्यापार मात्रा:
WTO के नियमों के अंतर्गत व्यापार लगभग $33 ट्रिलियन (2023 — वस्तु + सेवाएँ) का है। वैश्विक वस्तु निर्यात $23.8 ट्रिलियन (2023) रहा। भारत का वस्तु निर्यात: $778 अरब (FY2023-24)।

3. विश्व बैंक समूह की संरचना:
विश्व बैंक एकल संस्था नहीं, बल्कि 5 संस्थाओं का समूह है: IBRD (अंतर्राष्ट्रीय पुनर्निर्माण एवं विकास बैंक), IDA (अंतर्राष्ट्रीय विकास संघ), IFC (अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम), MIGA (बहुपक्षीय निवेश गारंटी एजेंसी), और ICSID (निवेश विवाद निपटान केंद्र)। मुख्यालय वाशिंगटन D.C. में है। वर्तमान अध्यक्ष: अजय बंगा (भारतीय-अमेरिकी) — जून 2023 से।

4. IMF — विशेष आहरण अधिकार (SDR):
SDR IMF की आरक्षित संपत्ति है — यह मुद्रा नहीं, बल्कि IMF सदस्यों की उपयोग-योग्य मुद्राओं पर एक दावा है। SDR टोकरी: अमेरिकी डॉलर (43.38%), यूरो (29.31%), चीनी युआन/रेनमिनबी (12.28%), जापानी येन (7.59%), ब्रिटिश पाउंड स्टर्लिंग (7.44%)। भारत का IMF कोटा: SDR 13,114.4 मिलियन (कुल कोटे का 2.75%, 13वाँ सबसे बड़ा)।

5. IMF की COVID-19 प्रतिक्रिया:
2020-21 में IMF ने 94 देशों को $290 अरब का आपातकालीन वित्त पोषण दिया। अगस्त 2021 में IMF ने SDR 456.5 अरब ($650 अरब) का SDR आवंटन किया — इतिहास का सबसे बड़ा SDR आवंटन — सभी सदस्यों को IMF कोटा अनुपात में। भारत को SDR 12.57 अरब (~$17.86 अरब) प्राप्त हुए।

6. IBRD बनाम IDA:
IBRD मध्य-आय और साख-योग्य निम्न-आय देशों को बाज़ार दरों के करीब (~4-5%) ऋण देता है। IDA विश्व के 74 सबसे गरीब देशों को अत्यंत रियायती शर्तों पर — लगभग शून्य ब्याज, 5-10 वर्ष अनुग्रह अवधि, 25-40 वर्ष परिपक्वता — ऋण देता है। भारत 2014 में IDA से स्नातक हुआ और अब IBRD से ऋण लेता है। भारत का IBRD ऋण पोर्टफोलियो: लगभग $25 अरब (सक्रिय, 2024)।

7. WTO विवाद निपटान एवं AB संकट:
WTO का विवाद निपटान निकाय (DSB) व्यापार विवादों का निर्णय करता है। अपीलीय निकाय (AB) — 2023 में सभी 7 सीटें रिक्त हैं — अमेरिका ने 2019 से नई नियुक्तियाँ अवरुद्ध की हैं। इसे "AB संकट" कहा जाता है। भारत WTO के 40+ विवादों में पक्षकार रहा है।

8. विश्व बैंक की वर्तमान प्राथमिकताएँ:
विश्व बैंक के इवोल्यूशन रोडमैप (2023) में जलवायु परिवर्तन, महामारी और संघर्ष जैसी वैश्विक चुनौतियों को शामिल किया गया है। IDA-20 पुनःपूर्ति (2022): $93 अरब — अब तक की सबसे बड़ी।

9. IMF अनुच्छेद IV परामर्श:
IMF प्रत्येक सदस्य देश के साथ वार्षिक "अनुच्छेद IV परामर्श" करता है। विश्व आर्थिक आउटलुक (WEO) द्विवार्षिक प्रकाशित होता है। अप्रैल 2025 WEO: 2025 में वैश्विक वृद्धि 2.8% (अमेरिकी टैरिफ अनिश्चितता से कम); भारत के लिए 6.2% का अनुमान।

10. दोहा विकास एजेंडा (DDA):
नवंबर 2001 में दोहा, कतर में शुरू WTO बहुपक्षीय वार्ता दौर — 2008 से ठप। भारत ने 2014 में बाली TFA को अवरुद्ध किया — खाद्य सुरक्षा के लिए सार्वजनिक स्टॉकहोल्डिंग का स्थायी समाधान माँगा। TFA 2017 में अनुसमर्थित हुआ — भारत को "शांति खंड" की सुरक्षा मिली।

11. नया विकास बैंक (NDB) — BRICS बैंक:
BRICS (ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका) द्वारा 2014 में स्थापित, 2016 से परिचालन में; मुख्यालय शंघाई। BRICS और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए बुनियादी ढाँचा वित्त। भारत का NDB ऋण पोर्टफोलियो: $13+ अरब (2024)। अब इसमें 9 सदस्य हैं।