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संभावित प्रश्न एवं आदर्श उत्तर
Q1 (5 अंक — 50 शब्द): Ayushman Bharat PM-JAY क्या है? इसकी कवरेज और लाभ बताओ।
आदर्श उत्तर:
Ayushman Bharat — Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana (AB-PMJAY), सितंबर 2018 में लॉन्च, विश्व की सबसे बड़ी सरकार-वित्तपोषित स्वास्थ्य बीमा योजना है। कवरेज: 10.74 करोड़ निचले-40% परिवारों (SECC डेटाबेस) से 55 करोड़ व्यक्ति। लाभ: 31,000+ सूचीबद्ध सार्वजनिक और निजी अस्पतालों में माध्यमिक और तृतीयक अस्पताल भर्ती के लिए ₹5 लाख प्रति परिवार प्रति वर्ष। नकदरहित और कागज़रहित; पूरे भारत में पोर्टेबल। 2024 में, 70 वर्ष से अधिक के सभी नागरिकों तक विस्तारित — 4.5 करोड़ लाभार्थी जोड़े गए।
Q2 (5 अंक — 50 शब्द): NEP 2020 ने स्कूली शिक्षा में किए गए प्रमुख संरचनात्मक बदलावों को समझाओ।
आदर्श उत्तर:
NEP 2020 स्कूली शिक्षा को पुरानी 10+2 प्रणाली से 5+3+3+4 मॉडल में पुनर्गठित करती है: आधारभूत (3-8 आयु, खेल-आधारित, मातृभाषा माध्यम), प्रारंभिक (8-11, अनुभवात्मक अधिगम), मध्य (11-14, व्यावसायिक एकीकरण, कोडिंग), और माध्यमिक (14-18, बहुविषयक — कोई कठोर कला/विज्ञान/वाणिज्य धाराएँ नहीं)। रटने के तनाव को कम करने के लिए बोर्ड परीक्षाएँ सुधरीं। यह आधारभूत चरणों में मातृभाषा में शिक्षण अनिवार्य करती है, कक्षा 6 से कोडिंग प्रस्तुत करती है, और उच्च शिक्षा GER को 2035 तक 50% तक बढ़ाने का लक्ष्य रखती है। CUET कॉलेज प्रवेश को मानकीकृत करता है।
Q3 (5 अंक — 50 शब्द): MGNREGS क्या है? इसके प्रमुख प्रावधान और 2025-26 का बजट आवंटन बताओ।
आदर्श उत्तर:
MGNREGS (Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Scheme), MGNREGA 2005 के तहत अधिनियमित, भारत का प्रमुख अधिकार-आधारित ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम है। प्रमुख प्रावधान: (1) प्रति ग्रामीण परिवार प्रति वर्ष 100 दिन के अकुशल शारीरिक कार्य की कानूनी गारंटी; (2) 15 दिनों के भीतर काम शुरू नहीं होने पर बेरोज़गारी भत्ता दिया जाता है; (3) कार्य जल संरक्षण, भूमि विकास, ग्रामीण सड़कों पर केंद्रित; (4) 57% श्रमिक महिलाएँ हैं; (5) राज्य-वार वैधानिक न्यूनतम मजदूरी। बजट 2025-26 आवंटन: ₹86,000 करोड़। FY2024-25: 298 करोड़ व्यक्ति-दिवस सृजित।
Q4 (5 अंक — 50 शब्द): Multidimensional Poverty Index (MPI) क्या है? भारत की प्रगति का सारांश दो।
आदर्श उत्तर:
Multidimensional Poverty Index (MPI) 12 संकेतकों (पोषण, बाल मृत्यु दर, शिक्षा, उपस्थिति, खाना पकाने का ईंधन, स्वच्छता, पेयजल, बिजली, आवास, संपत्ति) का उपयोग करके तीन आयामों — स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर — में गरीबी मापता है। एक परिवार MPI-गरीब है यदि भारित संकेतकों में 33% से अधिक वंचना हो। भारत की प्रगति: NITI Aayog की 2023 रिपोर्ट दर्शाती है कि भारत ने MPI गरीबी 29.17% (2013-14) से 11.28% (2022-23) तक कम की — 2015-16 से 2019-21 में 24.82 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकाला, यह वैश्विक स्तर पर सबसे तेज़ कमी में से एक है।
Q5 (10 अंक — 150 शब्द): भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र के कार्यक्रमों और चुनौतियों पर चर्चा करो। कौन-से सुधार आवश्यक हैं?
आदर्श उत्तर:
भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में परिवर्तनकारी कार्यक्रम हुए हैं लेकिन सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज प्राप्त करने में संरचनात्मक चुनौतियाँ बनी हैं।
प्रमुख कार्यक्रम:
National Health Mission (NHM, 2005): सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए छाता ढाँचा। NRHM (ग्रामीण) और NUHM (शहरी) — 10.4 लाख ASHA कार्यकर्ता सामुदायिक स्वास्थ्य की रीढ़ बनते हैं; मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, रोग नियंत्रण पर ध्यान। MMR 556 (1991) से 97 (2018-20) तक कम; IMR 80 से 27 (2022)। NHM बजट 2025-26: ₹38,183 करोड़।
Ayushman Bharat (2018):
- Ayushman Arogya Mandirs: 1.75 लाख उप-स्वास्थ्य केंद्र व्यापक प्राथमिक देखभाल प्रदान करने के लिए परिवर्तित — मानसिक स्वास्थ्य, AYUSH, दंत चिकित्सा, टेलीमेडिसिन सहित 12 सेवाएँ।
- PM-JAY: 55 करोड़ (निचले 40%) के लिए ₹5 लाख/परिवार/वर्ष स्वास्थ्य कवर। 6.5 करोड़ से अधिक अस्पताल भर्ती; ₹1 लाख करोड़ दावे भुगतान। 2024 में 70+ के सभी नागरिकों तक विस्तारित।
e-Sanjeevani: 310 मिलियन टेलीकंसल्टेशन (2025) — नई अवसंरचना के बिना वंचित ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँच।
Mission Indradhanush: टीकाकरण कवरेज न्यूमोकोकल, रोटावायरस, और खसरा-रूबेला सहित 12 टीकों तक विस्तारित।
चुनौतियाँ:
- कम सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यय: GDP का 1.35% बनाम WHO-अनुशंसित 5%; उच्च OOP (47%) परिवारों को निर्धन बनाता है
- अवसंरचना अंतर: केवल 0.73 डॉक्टर प्रति 1,000 जनसंख्या (WHO: 1 प्रति 1,000); 62% जिला अस्पताल निर्धारित बेड मानदंड से नीचे
- शहरी-ग्रामीण विभाजन: शहरों में ग्रामीण क्षेत्रों से 10 गुना अधिक विशेषज्ञ
- रोग बोझ बदलाव: गैर-संचारी रोग (मधुमेह, उच्च रक्तचाप, कैंसर, हृदय रोग) अब 60%+ मौतों का कारण — लेकिन प्राथमिक देखभाल प्रणाली अभी भी संचारी रोगों पर केंद्रित
- दवा सामर्थ्य: ब्रांडेड दवाएँ सस्ती जेनेरिक से 3-5 गुना महंगी — Jan Aushadhi Kendra (10,000+ स्टोर) मदद करते हैं पर पर्याप्त नहीं
आवश्यक सुधार:
- सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यय GDP के 2.5% तक बढ़ाना (National Health Policy 2017 लक्ष्य)
- सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज — PM-JAY को सभी तक विस्तारित (निचले 40% से आगे)
- नर्सिंग और संबद्ध स्वास्थ्य कार्यकर्ता विस्तार — प्रशिक्षित सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यबल
- Jan Aushadhi विस्तार और सार्वजनिक अस्पतालों में जेनेरिक दवाओं का अनिवार्यकरण
Q6 (10 अंक — 150 शब्द): भारत में बेरोज़गारी के विभिन्न प्रकार क्या हैं? ग्रामीण बेरोज़गारी से निपटने की सरकारी योजनाओं पर चर्चा करो।
आदर्श उत्तर:
भारत का श्रम बाजार अपनी संरचनात्मक जटिलता को दर्शाते हुए बेरोज़गारी के कई रूप दिखाता है।
भारत में बेरोज़गारी के प्रकार:
- प्रकट/दृश्य बेरोज़गारी: जो सक्रिय रूप से काम खोज रहे हैं पर नहीं पा रहे — शहरी शिक्षित युवा; PLFS 2023-24: 6.7% शहरी दर
- प्रच्छन्न बेरोज़गारी: आवश्यकता से अधिक कामगार — कृषि में व्यापक; उन्हें हटाने से उत्पादन कम नहीं होता। अनुमानित 20-30% कृषि कार्यबल प्रच्छन्न बेरोज़गार है।
- मौसमी बेरोज़गारी: कृषि मजदूर धीमे मौसम (खरीफ के बाद अक्टूबर-दिसंबर, खरीफ से पहले अप्रैल-जून) में बेरोज़गार; 100 मिलियन से अधिक मौसमी कृषि मजदूर प्रभावित
- संरचनात्मक बेरोज़गारी: जैसे-जैसे अर्थव्यवस्था विकसित होती है कौशल बेमेल — IT क्रांति, गिग इकोनॉमी ऐसे कौशल की माँग करती है जो कृषि मजदूरों में नहीं; ~65% भारतीय कार्यबल अनौपचारिक क्षेत्र में
- शिक्षित बेरोज़गारी: उपयुक्त रोजगार न पाने वाले युवा स्नातक — युवा बेरोज़गारी (15-29) ~17-18%; सीमित औपचारिक क्षेत्र नौकरियों के लिए 21 मिलियन इंजीनियर और प्रबंधन स्नातक प्रतिस्पर्धा में
- चक्रीय बेरोज़गारी: COVID के बाद श्रम बाजार तनाव — CMIE ने अप्रैल 2020 में 120 मिलियन अस्थायी रूप से बेरोज़गार का अनुमान लगाया
ग्रामीण रोजगार के लिए सरकारी योजनाएँ:
MGNREGS — प्रमुख योजना:
MGNREGA 2005 के तहत अधिनियमित, यह भारत का प्राथमिक रोज़गार-विरोधी कार्यक्रम है:
- प्रति ग्रामीण परिवार 100 दिन अकुशल कार्य की कानूनी गारंटी
- FY2024-25 में 298 करोड़ व्यक्ति-दिवस सृजित; 57% महिला भागीदार
- मजदूरी दरें राज्य न्यूनतम मजदूरी से जुड़ी (₹267-374/दिन)
- उत्पादक ग्रामीण संपत्तियाँ बनाता है: 2.82 करोड़ जल संरक्षण कार्य, 89 लाख ग्रामीण सड़कें, 3.54 करोड़ वृक्षारोपण कार्य (संचयी 2006-2024)
- बजट 2025-26: ₹86,000 करोड़
PM Employment Generation Programme (PMEGP):
सूक्ष्म उद्यमों के लिए क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी — 15-35% परियोजना लागत सब्सिडी; 2008 से 64 लाख से अधिक उद्यम समर्थित; ₹35,000 करोड़ ऋण जुटाया।
Deendayal Antyodaya Yojana (DAY-NRLM):
ग्रामीण आजीविका मिशन — 10 करोड़+ सदस्यों के साथ 90 लाख Self Help Groups (SHGs); ₹9.3 लाख करोड़ क्रेडिट जुटाया (2024)। SHGs बैंकों से जुड़े; उद्यम प्रोत्साहन; कौशल प्रशिक्षण।
PM SVANidhi: 1.5 करोड़ शहरी फेरीवालों के लिए कार्यशील पूँजी — ₹10,000 से ₹50,000 स्तरित ऋण।
