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परिचय एवं संदर्भ
लोक वित्त क्या है?
लोक वित्त (Public Finance) इस बात का अध्ययन है कि सरकारें अपने आर्थिक और सामाजिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए राजस्व कैसे जुटाती हैं, व्यय कैसे आवंटित करती हैं और ऋण का प्रबंधन कैसे करती हैं। भारत के लिए यह स्थूल-आर्थिक स्थिरता बनाए रखते हुए बुनियादी ढाँचे, कल्याण और समावेशी विकास की ओर संसाधनों को पुनर्निर्देशित करने का प्राथमिक साधन है।
केंद्रीय बजट
केंद्रीय बजट भारत का वार्षिक वित्तीय विवरण है, जो संविधान के Article 112 ("वार्षिक वित्तीय विवरण") के तहत प्रस्तुत किया जाता है। यह आने वाले वित्त वर्ष (अप्रैल–मार्च) के लिए सरकार के राजस्व और व्यय के अनुमान प्रस्तुत करता है और संसद में रखा जाने वाला सबसे महत्त्वपूर्ण नीतिगत दस्तावेज है।
2017 से, बजट प्रस्तुति की तिथि फरवरी के अंतिम दिन से बदलकर 1 फरवरी कर दी गई (अरुण जेटली के अधीन), और रेलवे बजट को सामान्य बजट में मिला दिया गया।
RAS 2026 के लिए यह विषय क्यों महत्त्वपूर्ण है
टॉपिक 27 2013 से 2023 तक हर RPSC परीक्षा में आया है — 5 वर्षों में कुल 16 अंक। यह इसे राजस्थान-विशेष कल्याण योजनाओं के बाद प्रश्नपत्र I इकाई II अर्थशास्त्र में सबसे सुसंगत विषय बनाता है।
2026 के लिए महारत के प्रमुख क्षेत्र:
- केंद्रीय बजट 2025-26 के आँकड़े और राजकोषीय समेकन लक्ष्य
- चार प्रकार के घाटे
- GST राजस्व के आँकड़े
- वित्त आयोग की सिफारिशें
- FRBM लक्ष्य और एस्केप क्लॉज
