सार्वजनिक अनुभाग पूर्वावलोकन
व्यापार नीति ढाँचा
6.1 भारत का विनिमय दर प्रबंधन
भारत प्रबंधित फ्लोट विनिमय दर व्यवस्था अपनाता है — रुपये का मूल्य मुख्यतः बाजार शक्तियों द्वारा निर्धारित होता है, लेकिन RBI अत्यधिक अस्थिरता रोकने के लिए हस्तक्षेप करता है।
रुपये के मूल्य के कारक:
- चालू खाता संतुलन
- FDI और FPI अंतर्प्रवाह
- वैश्विक जोखिम भावना (FPI को प्रभावित करती है)
- US Federal Reserve नीति (ब्याज दर अंतर)
- तेल कीमतें (भारत का सबसे बड़ा आयात)
रुपये के मूल्यह्रास का रुझान: ₹31/$ (1991) → ₹44/$ (2007) → ₹68/$ (2013 संकट) → ₹83–84/$ (2022–24)
रुपये के मूल्यह्रास का प्रभाव:
- आयात महंगे हो जाते हैं (तेल, इलेक्ट्रॉनिक्स) — मुद्रास्फीतिकारी
- निर्यात सस्ते हो जाते हैं (IT सेवाएँ, फार्मा) — प्रतिस्पर्धी
- विदेशी ऋण चुकौती का रुपया मूल्य बढ़ता है
पूंजी खाता परिवर्तनीयता: भारत में चालू खाता परिवर्तनीयता है (माल/सेवाओं में व्यापार स्वतंत्र रूप से तय होता है)। पूर्ण पूंजी खाता परिवर्तनीयता (पूंजी की सीमा-पार मुक्त आवाजाही) अभी लागू नहीं — RBI अचानक पूंजी पलायन रोकने के लिए नियंत्रण रखता है।
6.2 निर्यात संवर्धन संस्थाएँ
| संस्था | भूमिका |
|---|---|
| DGFT (विदेश व्यापार महानिदेशालय) | FTP लागू करता है; आयात/निर्यात लाइसेंस, अग्रिम प्राधिकरण जारी करता है |
| APEDA (कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण) | कृषि निर्यात बढ़ाता है; मानक निर्धारित करता है |
| MPEDA (समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण) | समुद्री/समुद्री भोजन निर्यात बढ़ाता है; गुणवत्ता नियंत्रण |
| EEPC (इंजीनियरिंग निर्यात संवर्धन परिषद) | इंजीनियरिंग माल निर्यात बढ़ाता है |
| EXIM बैंक (निर्यात-आयात बैंक) | निर्यात वित्त; विकासशील देशों के लिए LOC |
| ECGC (निर्यात ऋण गारंटी निगम) | भारतीय निर्यातकों के लिए निर्यात ऋण बीमा |
6.3 विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZs)
SEZs (विशेष आर्थिक क्षेत्र अधिनियम 2005 के तहत) सरलीकृत सीमा शुल्क प्रक्रियाओं, कर रियायतों और विश्व स्तरीय बुनियादी ढाँचे वाले निर्दिष्ट क्षेत्र हैं।
प्रमुख आंकड़े:
- अनुमोदित SEZs: 425+ (2024); चालू: 260+
- SEZs से निर्यात: ₹11.08 लाख करोड़ (2022–23) — भारत के माल निर्यात का ~28%
विवाद: भूमि अधिग्रहण मुद्दे, कर रियायत लागतें, अपेक्षाओं के सापेक्ष सीमित रोजगार सृजन; कुछ SEZs क्षमता से कम काम कर रहे हैं।
