सार्वजनिक अनुभाग पूर्वावलोकन
विदेशी प्रत्यक्ष निवेश एवं पोर्टफोलियो निवेश
4.1 FDI बनाम FPI — मुख्य अंतर
| पहलू | FDI (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) | FPI/FII (विदेशी पोर्टफोलियो निवेश) |
|---|---|---|
| प्रकृति | दीर्घकालिक, सामरिक निवेश | अल्पकालिक, वित्तीय निवेश |
| नियंत्रण | ≥10% इक्विटी हिस्सेदारी (प्रबंधन भागीदारी) | <10% इक्विटी; कोई प्रबंधन नियंत्रण नहीं |
| साधन | ग्रीनफील्ड परियोजनाएँ, अधिग्रहण, JVs | शेयर, बॉन्ड, म्युचुअल फंड, ETFs |
| अस्थिरता | स्थिर; प्रतिबद्ध पूंजी | अत्यधिक अस्थिर — रात भर में निकल सकते हैं |
| प्रभाव | प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, रोजगार सृजन | बाजारों में तरलता, मूल्य खोज |
| नियामक संस्था | DPIIT (नीति); RBI (अनुपालन) | SEBI (FPIs; विनियम) |
| "हॉट मनी" जोखिम | बहुत कम | उच्च — अचानक पलटाव |
4.2 भारत का FDI — रुझान और नीति
भारत के FDI अंतर्प्रवाह (USD अरब):
- 2014–15: $44.9 अरब (Make in India लॉन्च के बाद उछाल)
- 2019–20: $74.4 अरब
- 2021–22: $83.6 अरब (उच्चतम)
- 2022–23: $71.4 अरब
- 2023–24: $70.9 अरब
FDI मार्ग:
- स्वचालित मार्ग: पूर्व सरकारी अनुमति के बिना FDI — अधिकतर क्षेत्र (100% अनुमत: विनिर्माण, बुनियादी ढाँचा, IT, ई-कॉमर्स B2B)
- सरकारी मार्ग: विदेशी निवेश सुविधा पोर्टल (FIFP) से पूर्व अनुमोदन आवश्यक — संवेदनशील क्षेत्र (रक्षा 49–74%, उपग्रह संचार, मल्टी-ब्रांड खुदरा)
शीर्ष FDI स्रोत देश (2023–24):
- मॉरीशस: ~25% (कर संधि रूटिंग)
- सिंगापुर: ~22%
- USA: ~10%
- नीदरलैंड, UK, जापान अनुसरण करते हैं
शीर्ष FDI प्राप्तकर्ता क्षेत्र:
- सेवा क्षेत्र (वित्त, बैंकिंग, बीमा): 13%
- कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर: 15%
- दूरसंचार: 7%
- व्यापार: 6%
- फार्मास्यूटिकल्स: 4%
DPIIT: FDI नीति के लिए नोडल मंत्रालय। FEMA 2000 FDI अनुपालन को नियंत्रित करता है; RBI रिकॉर्ड रखता है।
4.3 सॉवरेन वेल्थ फंड और संस्थागत निवेशक
भारत में निवेश करने वाले प्रमुख वैश्विक सॉवरेन वेल्थ फंड:
- अबू धाबी निवेश प्राधिकरण (ADIA) — बुनियादी ढाँचा, रियल एस्टेट
- GIC (सिंगापुर) — प्राइवेट इक्विटी, रियल एस्टेट
- कनाडा पेंशन योजना — हरित ऊर्जा, बुनियादी ढाँचा
भारत का राष्ट्रीय निवेश और अवसंरचना कोष (NIIF) 2015 में ₹40,000 करोड़ कोष के साथ स्थापित हुआ। यह वैश्विक निवेशकों के साथ भागीदारी में हरित ऊर्जा, सड़क और डिजिटल बुनियादी ढाँचे में निवेश करता है।
4.4 भारत में FPI
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPIs) भारत के इक्विटी और ऋण बाजारों में निवेश के लिए SEBI के साथ पंजीकृत हैं।
- FPI शुद्ध अंतर्प्रवाह 2023–24: +$56.4 अरब (इक्विटी)
- भारतीय इक्विटी में कुल FPI होल्डिंग्स: ~$700 अरब (2024)
- FPIs NSE-सूचीबद्ध कंपनियों के बाजार पूंजीकरण का ~17% रखते हैं
FPI अस्थिरता के जोखिम: 2022 में (रूस-यूक्रेन युद्ध + Fed दर वृद्धि के बाद), FPIs ने भारतीय इक्विटी से $17 अरब निकाले — जिससे रुपये का मूल्यह्रास हुआ। रुपया अक्टूबर 2022 में 83/$ तक पहुँचा।
