Skip to main content

अर्थशास्त्र

अनुमानित प्रश्न एवं आदर्श उत्तर

सेवा क्षेत्र एवं अवसंरचना: ऊर्जा, परिवहन, संचार

पेपर I · इकाई 2 अनुभाग 9 / 11 0 PYQ 26 मिनट

सार्वजनिक अनुभाग पूर्वावलोकन

अनुमानित प्रश्न एवं आदर्श उत्तर

अनुमानित प्रश्न एवं आदर्श उत्तर

प्रश्न 1. [5 अंक — 50 शब्द] PM गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान क्या है? इसके उद्देश्य बताइए।

आदर्श उत्तर: PM गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (अक्टूबर 2021 में शुरू) समन्वित बुनियादी ढाँचा योजना के लिए 16 केंद्रीय मंत्रालयों को एकीकृत करने वाला GIS आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म है। उद्देश्य: मंत्रालयों के बीच परियोजना विलंब समाप्त करना, 2030 तक लॉजिस्टिक्स लागत GDP के 13% से 8% तक घटाना, परियोजना शुरुआत से ही मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना और समग्र ग्रीनफील्ड योजना हेतु सभी बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं (सड़क, रेलवे, बंदरगाह, पाइपलाइन, दूरसंचार) को मैप करना।


प्रश्न 2. [5 अंक — 50 शब्द] उड़ान योजना क्या है? इसकी उपलब्धियाँ बताइए।

आदर्श उत्तर: उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक), नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा अक्टूबर 2016 में शुरू, क्षेत्रीय मार्गों पर एयरलाइनों को व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (VGF) के जरिए हवाई यात्रा किफायती बनाती है। आधी सीटें सीमित किराए पर होती हैं। 2024 तक: 479 उड़ान मार्ग चालू, 89 हवाई अड्डे विकसित/चालू। भारत अब 13.3 करोड़ घरेलू यात्रियों (2022–23) के साथ विश्व का तीसरा सबसे बड़ा नागरिक उड्डयन बाजार है।


प्रश्न 3. [5 अंक — 50 शब्द] आठ प्रमुख अवसंरचना उद्योगों के नाम बताइए। इनका क्या महत्व है?

आदर्श उत्तर: आठ प्रमुख उद्योग हैं: कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली। ये मिलकर औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में 40.27% भार रखते हैं, जो भारत के औद्योगिक स्वास्थ्य का प्रमुख मापक है। मासिक डेटा वाणिज्य मंत्रालय द्वारा प्रकाशित होता है। इनका प्रदर्शन निर्माण, विनिर्माण और ऊर्जा-गहन क्षेत्रों में आदान उपलब्धता निर्धारित करता है।


प्रश्न 4. [10 अंक — 150 शब्द] भारत के परिवहन बुनियादी ढाँचे की स्थिति पर चर्चा करो। सरकार ने इसे सुधारने के लिए कौन-सी प्रमुख पहलें की हैं?

आदर्श उत्तर: भारत के पास विश्व का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क (63.32 लाख किमी) और चौथा सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क (68,702 किमी) है। फिर भी परिवहन बुनियादी ढाँचा बाधा बना हुआ है: उच्च लॉजिस्टिक्स लागत (~GDP का 13%), खराब अंतिम-मील कनेक्टिविटी और अपर्याप्त बंदरगाह क्षमता ने निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता को नुकसान पहुँचाया है।

सड़क पहलें: भारतमाला परियोजना Phase-I (5.35 लाख करोड़ रु.; 34,800 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग) भारत का सबसे बड़ा राजमार्ग कार्यक्रम है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (1,386 किमी, 2023 से चरणबद्ध) यात्रा समय 24 से 12 घंटे घटाएगा।

रेलवे: समर्पित माल ढुलाई गलियारे — पूर्वी DFC (1,337 किमी) और पश्चिमी DFC (1,468 किमी) — 2022 में पूरी तरह चालू हुए, माल ढुलाई गति दोगुनी और यात्री मार्ग मुक्त हुए। 2023–24 बजट में तीन नए रेल गलियारे घोषित। वंदे भारत एक्सप्रेस (2024 तक 40 रैकसेट) यात्री सेवाएँ उन्नत करती है।

उड्डयन: उड़ान योजना (479 क्षेत्रीय मार्ग; 89 हवाई अड्डे) ने हवाई यात्रा लोकतांत्रिक बनाई।

बंदरगाह: सागरमाला कार्यक्रम (802 परियोजनाएँ, 5.48 लाख करोड़ रु.) 12 प्रमुख बंदरगाहों को आधुनिक बनाता है।

समन्वय: PM गति शक्ति (2021) 16 मंत्रालयों को एक GIS प्लेटफॉर्म पर एकीकृत करता है और 2030 तक लॉजिस्टिक्स लागत GDP के 8% तक घटाने का लक्ष्य रखता है।


प्रश्न 5. [5 अंक — 50 शब्द] भारतनेट क्या है? इसके उद्देश्य एवं वर्तमान स्थिति बताइए।

आदर्श उत्तर: भारतनेट, सभी 2.5 लाख ग्राम पंचायतों को उच्च-गति ऑप्टिकल फाइबर ब्रॉडबैंड (न्यूनतम 100 Mbps) से जोड़ने का भारत का प्रमुख कार्यक्रम है। राष्ट्रीय ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क कार्यक्रम के तहत शुरू (2011, 2014 के बाद तेज), यह सरकारी-वित्तपोषित OFC उपयोग करता है। कुल परियोजना लागत: 61,109 करोड़ रु.। स्थिति (2024): 2.07 लाख ग्राम पंचायतें जुड़ीं; 14.8 लाख किमी OFC बिछाई गई। यह डिजिटल शासन और ग्रामीण इंटरनेट पहुँच की रीढ़ के रूप में काम करता है।


प्रश्न 6. [10 अंक — 150 शब्द] भारत की ऊर्जा सुरक्षा चुनौतियों और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत प्रतिक्रियाओं पर चर्चा करो।

आदर्श उत्तर: भारत को संरचनात्मक ऊर्जा सुरक्षा चुनौती का सामना है: यह विश्व का तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता (1,025 Mtoe, 2022–23) है पर जीवाश्म ईंधन आयात पर 85%+ निर्भर है — अकेले तेल आयात ~$232 अरब/वर्ष। इससे अर्थव्यवस्था वैश्विक तेल मूल्य झटकों के प्रति संवेदनशील रहती है।

नवीकरणीय ऊर्जा जोर: भारत की कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता अप्रैल 2025 तक 220+ GW पहुँची — सौर (89.9 GW), पवन (47.5 GW) और जैव-ऊर्जा। राष्ट्रीय सौर मिशन लक्ष्य: 2030 तक 280 GW सौर; समग्र गैर-जीवाश्म क्षमता लक्ष्य: 500 GW।

प्रमुख योजनाएँ: (1) PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (2024): 1 करोड़ घरों में रूफटॉप सौर, 300 यूनिट/माह मुफ्त — 75,021 करोड़ रु. समर्थन। (2) PM-KUSUM (2019): 35 लाख किसानों के लिए सौर पंप। (3) राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (2023, 19,744 करोड़ रु.): 2030 तक 5 MMTPA हरित हाइड्रोजन। (4) FAME India Phase-II (2019, 10,000 करोड़ रु.): तेल माँग घटाने को EV अपनाना।

भारत का अद्यतन NDC (2022) 2030 तक 50% गैर-जीवाश्म बिजली और 2070 तक नेट-जीरो का संकल्प करता है। इन लक्ष्यों के लिए 2023–2030 में $222 अरब नवीकरणीय निवेश चाहिए।