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अर्थशास्त्र

परिचय एवं संदर्भ

सेवा क्षेत्र एवं अवसंरचना: ऊर्जा, परिवहन, संचार

पेपर I · इकाई 2 अनुभाग 2 / 11 0 PYQ 26 मिनट

सार्वजनिक अनुभाग पूर्वावलोकन

परिचय एवं संदर्भ

परिचय एवं संदर्भ

भारत का सेवा क्षेत्र उसकी आर्थिक वृद्धि का इंजन है — फिर भी देश का भौतिक बुनियादी ढाँचा ऐतिहासिक रूप से प्रतिस्पर्धात्मकता में सबसे बड़ी बाधा रहा है। Topic 25 परीक्षा में लगातार पूछा जाता है (पिछले 5 वर्षों में, औसत 5.2 अंक/वर्ष) क्योंकि बुनियादी ढाँचा हर आर्थिक बहस के केंद्र में है: लॉजिस्टिक्स लागत, विनिर्माण प्रतिस्पर्धात्मकता, ग्रामीण संपर्क, ऊर्जा पहुँच और डिजिटल अर्थव्यवस्था।

2023 की परीक्षा में राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति (5 अंक) और PM गति शक्ति के तीन रेलवे गलियारों (2 अंक) पर प्रश्न थे। 2021 में 8 प्रमुख अवसंरचना उद्योगों पर 2 अंक का प्रश्न आया। 2018 में बुनियादी ढाँचे पर 10 अंक दिए गए। 2026 के लिए PM गति शक्ति, नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य, उड़ान योजना और राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति पर प्रश्नों की उम्मीद है।

बुनियादी ढाँचे का महत्व

किसी भी अर्थव्यवस्था के लिए बुनियादी ढाँचा उत्पादकता का आधार है। सड़कें, रेलवे, बंदरगाह, बिजली ग्रिड और डिजिटल नेटवर्क मिलकर उत्पादन, वितरण और उपभोग की श्रृंखला को संभव बनाते हैं। भारत में कमजोर बुनियादी ढाँचे के कारण:

  • लॉजिस्टिक्स लागत GDP का ~13% (वैश्विक औसत 8%)
  • विनिर्माण में कम प्रतिस्पर्धात्मकता
  • ग्रामीण बाजारों तक सीमित पहुँच
  • ऊर्जा घाटे से उत्पादन पर असर

केंद्र सरकार का पूँजी व्यय जोर (Capex Push)

भारत की बुनियादी ढाँचे पर खर्च तेजी से बढ़ा है। केंद्रीय बजट 2024–25 में पूँजी व्यय: 11.11 लाख करोड़ रु. (GDP का 3.4%), जो 2019–20 के 4.39 लाख करोड़ से लगभग 2.5 गुना है। यह सुविचारित "capex push" रणनीति निजी निवेश को आकर्षित करने और रोजगार उत्पन्न करने के लिए है।

सरकारी पूँजी व्यय का गुणक प्रभाव (multiplier effect) होता है — प्रत्येक रुपए के सरकारी बुनियादी ढाँचा निवेश से निजी क्षेत्र में 2–3 रुपए का निवेश आता है। इसलिए यह रणनीति विकास को गति देने का सबसे प्रभावी माध्यम मानी जाती है।

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु

इस टॉपिक में तीन प्रमुख आयाम हैं जो परीक्षा में बार-बार आते हैं:

  1. सेवा क्षेत्र — IT/ITES की वैश्विक भूमिका, पर्यटन, वित्तीय सेवाएँ
  2. भौतिक बुनियादी ढाँचा — सड़क, रेलवे, बंदरगाह, ऊर्जा
  3. डिजिटल बुनियादी ढाँचा — दूरसंचार, BharatNet, India Stack

सभी तीनों आयाम PM गति शक्ति और राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति के अंतर्गत एकीकृत हैं, जो 2030 तक भारत की लॉजिस्टिक्स लागत को GDP के 13% से घटाकर 8% तक लाना चाहते हैं।