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ऊर्जा अवसंरचना
ऊर्जा अवसंरचना
3.1 भारत का ऊर्जा परिदृश्य
भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता है (चीन और USA के बाद), जिसकी 1,025 Mtoe (मिलियन टन तेल समतुल्य) प्राथमिक ऊर्जा खपत (2022–23) है। ऊर्जा मिश्रण अभी भी जीवाश्म ईंधन पर भारी निर्भर है:
- कोयला: बिजली उत्पादन का ~55%
- तेल/गैस: परिवहन और उद्योग
- नवीकरणीय: तेजी से बढ़ रहा — 2023–24 में बिजली का 22%
बिजली क्षेत्र के प्रमुख आँकड़े (अप्रैल 2025):
- कुल स्थापित क्षमता: 950+ GW (परंपरागत + नवीकरणीय सहित)
- परंपरागत (थर्मल + परमाणु + बड़े जलविद्युत): ~730 GW
- नवीकरणीय (सौर + पवन + लघु जलविद्युत + जैव): 220 GW से अधिक
- केवल सौर: 89.9 GW (मार्च 2025) — विश्व की चौथी सबसे बड़ी सौर क्षमता
- बिजली पहुँच: 100% घरेलू विद्युतीकरण सौभाग्य योजना (2019) के अंतर्गत प्राप्त
- प्रति व्यक्ति खपत: 1,357 kWh (2023–24) — विश्व औसत 3,400 kWh से काफी कम
3.2 प्रमुख ऊर्जा नीतियाँ एवं योजनाएँ
राष्ट्रीय सौर मिशन (NAPCC के अंतर्गत, 2010):
प्रारंभ में 2022 तक 20 GW का लक्ष्य था; लक्ष्य संशोधित कर 2022 तक 100 GW फिर 2030 तक 280 GW सौर किया गया। मार्च 2025 तक: 89.9 GW — 2030 के लिए पथ पर।
PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (फरवरी 2024):
- लक्ष्य: 1 करोड़ घरों पर रूफटॉप सोलर
- सब्सिडी: क्षमता के अनुसार प्रति घर 30,000–78,000 रु.
- लाभार्थियों को 300 यूनिट/माह मुफ्त बिजली
- 7 वर्षों में कुल वित्तीय सहायता: 75,021 करोड़ रु.
- 2025 तक 75 लाख+ आवेदन प्राप्त
PM किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM, 2019):
- 35 लाख किसानों के लिए सौर पंप; कृषि भूमि पर ग्रिड-कनेक्टेड सोलर
- लक्ष्य: किसानों के माध्यम से 30.8 GW सौर क्षमता
राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (जनवरी 2023):
- लक्ष्य: 2030 तक 5 MMTPA (मिलियन मीट्रिक टन प्रतिवर्ष) हरित हाइड्रोजन
- परिव्यय: 19,744 करोड़ रु.
- उर्वरक, रिफाइनरी, इस्पात क्षेत्रों का विकार्बनीकरण; तेल आयात निर्भरता कम करना
- भारत को वैश्विक हरित हाइड्रोजन निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित करना
FAME India Phase-II (2019): विद्युत वाहनों को तीव्र अपनाना एवं विनिर्माण
- परिव्यय: 3 वर्षों में 10,000 करोड़ रु.
- लक्ष्य: 7,090 इलेक्ट्रिक बसें, 5 लाख 3-व्हीलर, 55,000 4-व्हीलर, 10 लाख 2-व्हीलर
- चार्जिंग बुनियादी ढाँचे का विकास
ऊर्जा क्षेत्र के 2030 लक्ष्य:
- 500 GW गैर-जीवाश्म बिजली क्षमता
- नवीकरणीय स्रोतों से 50% बिजली
- 2005 स्तर से उत्सर्जन तीव्रता 45% कम करना
प्रमुख ऊर्जा योजनाओं की तुलना:
| ऊर्जा योजना | वर्ष | लक्ष्य | स्थिति |
|---|---|---|---|
| राष्ट्रीय सौर मिशन | 2010 | 2030 तक 280 GW सौर | 89.9 GW (मार्च 2025) |
| सौभाग्य (घरेलू विद्युतीकरण) | 2017 | 100% विद्युतीकरण | 2019 में प्राप्त |
| PM-KUSUM | 2019 | किसानों के जरिए 30.8 GW सौर | जारी |
| FAME India Phase-II | 2019 | EV अपनाना | 10,000 करोड़ रु. |
| PM सूर्य घर | 2024 | 1 करोड़ रूफटॉप सोलर | 75 लाख+ आवेदन (2025) |
| राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन | 2023 | 2030 तक 5 MMTPA H₂ | 19,744 करोड़ रु. |
ऊर्जा सुरक्षा की चुनौतियाँ:
भारत की 85%+ ऊर्जा जरूरतें जीवाश्म ईंधन से पूरी होती हैं। तेल आयात पर ~$232 बिलियन/वर्ष खर्च होता है जिससे चालू खाते का घाटा बढ़ता है और वैश्विक कीमतों के झटकों का असर होता है। नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश इस निर्भरता कम करने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम है।
