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संचार अवसंरचना
संचार अवसंरचना
5.1 दूरसंचार क्षेत्र में क्रांति
भारत के दूरसंचार क्षेत्र में किसी भी बुनियादी ढाँचे क्षेत्र से सबसे नाटकीय परिवर्तन हुआ है:
परिवर्तन की समयरेखा:
- 1994: पहला निजी दूरसंचार लाइसेंस (NTP 1994)
- 1999: नई दूरसंचार नीति (NTP 1999) — स्पेक्ट्रम आवंटन, ISP उदारीकरण
- 2003: एकीकृत एक्सेस सेवा लाइसेंस प्रारंभ
- 2016: Reliance Jio का प्रवेश — मुफ्त वॉयस कॉल; डेटा ~1 रु./GB (95% मूल्य गिरावट)
- 2022: 5G लॉन्च — PM मोदी ने IMC 2022 में लॉन्च किया; Jio और Airtel द्वारा तैनाती
- 2023: दूरसंचार अधिनियम 2023 — Indian Telegraph Act 1885 और TRAI Act 1997 प्रतिस्थापित; "स्पेक्ट्रम अधिकार" और "दूरसंचार साइबर सुरक्षा" प्रावधान शामिल
वर्तमान स्थिति (2024–25):
- कुल ग्राहक: 1.18 अरब (मार्च 2025) — विश्व में दूसरा
- इंटरनेट उपयोगकर्ता: 83.2 करोड़+
- मोबाइल डेटा उपभोग: भारत में विश्व की सबसे कम मोबाइल डेटा कीमतें (~$0.17/GB)
- 5G कवरेज: 700+ जिले (2024); Jio + Airtel देशव्यापी तैनाती
- 4G/5G ग्राहक: कुल ग्राहक आधार का ~95%
5.2 भारतनेट — ग्रामीण डिजिटल कनेक्टिविटी
भारतनेट (पूर्व में राष्ट्रीय ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क — NOFN):
- उद्देश्य: सभी 2.5 लाख ग्राम पंचायतों को उच्च-गति ब्रॉडबैंड (≥100 Mbps) से जोड़ना
- Phase 1 (2017): सरकारी-वित्तपोषित OFC के जरिए 1 लाख GP जुड़े
- Phase 2 (2018–): शेष GP; निजी साझेदारी मॉडल
- बजट: 61,109 करोड़ रु. (कुल कार्यक्रम लागत अनुमान)
- स्थिति (2024): 2.07 लाख GP जुड़े; 14.8 लाख किमी OFC बिछाई गई
PM वाणी (PM Wi-Fi Access Network Interface):
- स्थानीय दुकानदारों (PDO — सार्वजनिक डेटा कार्यालयों) के जरिए सार्वजनिक Wi-Fi हॉटस्पॉट बनाने की योजना
- ग्रामीण/अर्ध-शहरी क्षेत्रों में अंतिम-मील इंटरनेट पहुँच प्रदान करता है
5.3 डिजिटल अवसंरचना स्टैक
भारत ने विश्व-अग्रणी डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI) स्टैक बनाया है:
| प्लेटफॉर्म | उद्देश्य | पैमाना (2024) |
|---|---|---|
| आधार | बायोमेट्रिक डिजिटल ID | 1.37 अरब नामांकित |
| UPI | रियल-टाइम डिजिटल भुगतान | 1,496 करोड़ लेनदेन/माह (मार्च 2025) |
| DigiLocker | डिजिटल दस्तावेज भंडारण | 27 करोड़+ उपयोगकर्ता |
| UMANG | सरकारी सेवाएँ ऐप | 1,800+ सेवाएँ |
| CoWIN | टीकाकरण प्रबंधन | 2.2 अरब खुराक ट्रैक |
| GeM (सरकारी ई-मार्केटप्लेस) | सार्वजनिक खरीद | 4 लाख करोड़+ GMV (2023–24) |
भारत का DPI मॉडल — खुली, अंतर-संचालनीय, सरकार-निर्मित अवसंरचना जिस पर निजी नवाचार — अब India Stack साझेदारी के माध्यम से 50+ देशों द्वारा अपनाया जा रहा है।
भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था:
- भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था 2026 तक $1 ट्रिलियन पहुँचने की उम्मीद
- स्टार्टअप इकोसिस्टम: 1.17 लाख+ मान्यता प्राप्त स्टार्टअप (2025 तक); 110+ यूनिकॉर्न
- फिनटेक क्षेत्र: UPI ने वित्तीय समावेशन में क्रांति; 2023 में India का UPI अंतरराष्ट्रीय भुगतान के लिए विस्तार
दूरसंचार क्षेत्र की चुनौतियाँ:
- ग्रामीण-शहरी डिजिटल विभाजन — शहरी इंटरनेट घनत्व बनाम ग्रामीण
- BSNL का वित्तीय संकट और पुनर्जीवन पैकेज (1.64 लाख करोड़ रु., 2022)
- 5G स्पेक्ट्रम की ऊँची कीमतें और कवरेज विस्तार की चुनौती
- साइबर सुरक्षा: बढ़ती डिजिटल निर्भरता के साथ साइबर हमलों का खतरा
