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अर्थशास्त्र

अनुमानित प्रश्न एवं आदर्श उत्तर

उद्योग: नीति, सुधार, वैश्वीकरण, उदारीकरण, निजीकरण, सूक्ष्म एवं लघु उद्यम

पेपर I · इकाई 2 अनुभाग 9 / 11 0 PYQ 26 मिनट

सार्वजनिक अनुभाग पूर्वावलोकन

अनुमानित प्रश्न एवं आदर्श उत्तर

Q1. [5 अंक — 50 शब्द] MSMEs परिभाषित करें। निवेश और कारोबार मानदंड के साथ संशोधित परिभाषा (2020) बताएँ।

आदर्श उत्तर: MSMEs (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) को 2020 के आत्मनिर्भर भारत संशोधन में दोहरे मानदंड से परिभाषित किया गया — निवेश और वार्षिक कारोबार। सूक्ष्म: निवेश ≤ 1 करोड़ रु., कारोबार ≤ 5 करोड़ रु.। लघु: ≤ 10 करोड़ रु. निवेश, ≤ 50 करोड़ रु. कारोबार। मध्यम: ≤ 50 करोड़ रु. निवेश, ≤ 250 करोड़ रु. कारोबार। MSMEs GDP में ~30% और भारत के निर्यात में 45% योगदान देते हैं।


Q2. [5 अंक — 50 शब्द] भारत के 1991 के आर्थिक सुधारों (LPG) की मुख्य विशेषताएँ क्या थीं?

आदर्श उत्तर: भारत के 1991 के LPG सुधारों के तीन स्तंभ थे: उदारीकरण — रक्षा और परमाणु ऊर्जा को छोड़ सभी क्षेत्रों में औद्योगिक लाइसेंस समाप्त; MRTP प्रतिबंध हटाए; आयात शुल्क घटाए। निजीकरण — सार्वजनिक क्षेत्र आरक्षण 17 से घटाकर 2 क्षेत्र; विनिवेश कार्यक्रम शुरू। वैश्वीकरण — FDI प्रतिबंध ढीले; FERA 1973 की जगह FEMA 2000; रुपया चालू खाते पर परिवर्तनीय बनाया। इन्होंने लाइसेंस राज युग समाप्त किया।


Q3. [5 अंक — 50 शब्द] PLI योजनाएँ क्या हैं? जिन तीन क्षेत्रों में लागू हुई हैं उनके नाम बताएँ।

आदर्श उत्तर: उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) योजनाएँ 4–6 वर्षों के लिए आधार वर्ष से अधिक वृद्धिशील बिक्री पर 4–6% वित्तीय प्रोत्साहन देती हैं, जिससे घरेलू विनिर्माण, FDI और निर्यात बढ़ता है। भारत ने 2021 में 14 क्षेत्रों के लिए PLI शुरू की, कुल परिव्यय 1.97 लाख करोड़ रु.। तीन प्रमुख क्षेत्र: (1) मोबाइल फोन एवं इलेक्ट्रॉनिक्स (41,000 करोड़ रु.), (2) फार्मास्यूटिकल्स (15,000 करोड़ रु.), (3) ऑटोमोबाइल एवं ऑटो पार्ट्स (25,938 करोड़ रु.)।


Q4. [10 अंक — 150 शब्द] आत्मनिर्भर भारत अभियान की व्याख्या करें। इसके औद्योगिक और आर्थिक नीति आयाम क्या हैं?

आदर्श उत्तर: आत्मनिर्भर भारत अभियान, PM मोदी द्वारा 12 मई 2020 को घोषित, 20 लाख करोड़ रु. (~GDP का 10%) के प्रोत्साहन पैकेज के साथ भारत का व्यापक COVID-19 आर्थिक जवाब था।

पाँच स्तंभ: अर्थव्यवस्था (राजकोषीय प्रोत्साहन), बुनियादी ढाँचा (परिसंपत्ति मुद्रीकरण, औद्योगिक गलियारे), व्यवस्था (कारोबारी सुगमता सुधार), जीवंत जनसांख्यिकी (कौशल विकास) और माँग (उपभोग प्रोत्साहन)।

औद्योगिक आयाम:

  • 14 क्षेत्रों के लिए PLI योजनाएँ (1.97 लाख करोड़ रु.): मोबाइल फोन, फार्मा, ऑटोमोबाइल, सौर PV, रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स में वृद्धिशील घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहन।
  • MSME समर्थन: आपात ऋण सुविधा गारंटी योजना (ECLGS) ने 3 लाख करोड़ रु. के पूर्ण गारंटीशुदा ऋण दिए। MSME परिभाषा संशोधित।
  • आयात प्रतिस्थापन: 509 रक्षा वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध; फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स की समान सूचियाँ।
  • रक्षा निर्यात लक्ष्य: 2028 तक 50,000 करोड़ रु. रक्षा निर्यात।
  • राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन (NMP): PPP रियायतों से सरकारी बुनियादी ढाँचा परिसंपत्तियों से 6 लाख करोड़ रु. का लक्ष्य।

आत्मनिर्भर भारत ने भारत को आपूर्ति श्रृंखला निर्भरता (विशेषतः चीन पर) से स्वावलंबी विनिर्माण की ओर पुनः स्थापित किया, जबकि China+1 विकल्प तलाशने वाली वैश्विक कंपनियों को PLI प्रोत्साहन से आकर्षित किया।


Q5. [10 अंक — 150 शब्द] 1991 से भारत के औद्योगिक क्षेत्र पर उदारीकरण के प्रभाव का विश्लेषण करें।

आदर्श उत्तर: भारत का 1991 का उदारीकरण — PM नरसिम्हा राव और वित्त मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में भुगतान संकट से प्रेरित — ने औद्योगिक परिदृश्य को मूलतः बदल दिया।

सकारात्मक प्रभाव: पहला, GDP वृद्धि "हिन्दू वृद्धि दर" (~3.5%) से औसत 6–8% (1991–2024) तक पहुँची। दूसरा, FDI नगण्य स्तर से बढ़कर 70+ अरब डॉलर/वर्ष (2023–24) हो गया, भारत विश्व का 5वाँ सबसे बड़ा FDI प्राप्तकर्ता बना। तीसरा, आयात शुल्क ~300% से ~13% घटने से उपभोक्ता कल्याण बढ़ा। चौथा, निजी क्षेत्र अब 60%+ विनिर्माण उत्पादन करता है। पाँचवाँ, दूरसंचार, विमानन, बैंकिंग, बीमा क्षेत्र प्रतिस्पर्धा से बदल गए — भारत में 1.2 अरब मोबाइल उपभोक्ता (विश्व में दूसरा)।

नकारात्मक प्रभाव: औद्योगिक रोजगार आनुपातिक नहीं बढ़ा — विनिर्माण रोजगार ~12% कार्यबल पर स्थिर रहा। आयात से प्रतिस्पर्धा न कर पाने वाले हाथकरघा, लघु उद्योगों का विऔद्योगीकरण हुआ। क्षेत्रीय असमानता बढ़ी — उन्नत राज्यों को असमान FDI मिला।

कुल मिलाकर, उदारीकरण ने भारत के वैश्विक एकीकरण को गति दी पर समावेशी औद्योगिक वृद्धि के लिए पूरक नीतियाँ जरूरी हैं।


Q6. [5 अंक — 50 शब्द] भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) क्या है? इसकी भूमिका क्या है?

आदर्श उत्तर: भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI), प्रतिस्पर्धा अधिनियम 2002 के तहत स्थापित (2009 से क्रियाशील), प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देता है और प्रतिस्पर्धा-विरोधी प्रथाओं को रोकता है। यह कार्टेल, बोली-धोखाधड़ी और बड़ी कंपनियों द्वारा प्रभावी बाजार स्थिति के दुरुपयोग की जाँच करता है। यह उन विलयों को भी नियंत्रित करता है जो प्रतिस्पर्धा को काफी कम कर सकते हैं। उल्लेखनीय कार्रवाइयों में Android OS प्रभुत्व के लिए Google पर 1,337 करोड़ रु. जुर्माना (2022) शामिल है। CCI ने पुराने MRTP आयोग की जगह ली।