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प्रमुख सूचकांक एवं भारत की स्थिति
वैश्विक सूचकांकों में भारत की स्थिति परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। RPSC प्रायः "X क्या है और भारत की रैंकिंग क्या है?" प्रारूप में 5-अंक के प्रश्न पूछता है।
| सूचकांक | प्रकाशनकर्ता | भारत की रैंक (2023–24) | प्रमुख मेट्रिक |
|---|---|---|---|
| HDI | UNDP | 134/193 (2023) | 0.644 |
| GII (लैंगिक असमानता) | UNDP | 108/166 (2023) | 0.437 |
| वैश्विक भूख सूचकांक | IFPRI | 105/127 (2023) | 28.7 (गंभीर) |
| व्यापार सुगमता | विश्व बैंक (2021 में बंद) | 63/190 (2020) | — |
| वैश्विक नवाचार सूचकांक | WIPO | 39/132 (2023) | — |
| प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक | RSF | 159/180 (2024) | — |
| जलवायु परिवर्तन प्रदर्शन सूचकांक | Germanwatch et al | 7/63 (2023) | उच्च प्रदर्शक |
| SDG Index (भारत) | NITI Aayog | — | 66 (2023–24) |
विकसित भारत 2047: 2047 (स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष) तक विकसित राष्ट्र बनने की भारत की दीर्घकालिक दृष्टि। इसके लिए आवश्यक है:
- GDP का $30+ ट्रिलियन तक बढ़ना (आज ~$4 ट्रिलियन से)
- HDI में "अति उच्च" श्रेणी तक सुधार
- गरीबी और कुपोषण का उन्मूलन
