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संभावित प्रश्न एवं आदर्श उत्तर
प्रश्न 1 (5 अंक — 50 शब्द): नाज़ी विचारधारा की मुख्य विशेषताएँ क्या थीं?
आदर्श उत्तर:
नाज़ी विचारधारा (राष्ट्रीय समाजवाद) पाँच स्तंभों पर आधारित थी: (1) नस्लीय श्रेष्ठता — आर्यन मास्टर रेस सर्वोच्च; यहूदी, स्लाव, रोमा "उप-मानव"; (2) उग्र यहूदी-विरोध — यहूदी नस्लीय शत्रु और वैश्विक षड्यंत्रकारी; (3) लेबेंसराउम — जीवन-स्थान के लिए पूर्व में जर्मन विस्तार; (4) फ्यूहरर प्रिंज़िप — हिटलर के प्रति पूर्ण आज्ञाकारिता; (5) साम्यवाद और उदारवाद-विरोध — लोकतंत्र और मार्क्सवाद दोनों की अस्वीकृति। सब कुछ अंततः होलोकॉस्ट में परिणत हुआ।
प्रश्न 2 (5 अंक — 50 शब्द): होलोकॉस्ट क्या था? इसकी मुख्य विशेषताएँ क्या थीं?
आदर्श उत्तर:
होलोकॉस्ट (शोआ) नाज़ी जर्मनी का यूरोपीय यहूदियों का व्यवस्थित जनसंहार था (1941–45) — लगभग 60 लाख यहूदी (यूरोपीय यहूदियों का दो-तिहाई) और 50–60 लाख अन्य (रोमा, विकलांग, सोवियत POW, पोलिश नागरिक) मारे गए। विधियाँ: गैस चैम्बर (ऑशविट्ज़ में ज़ायक्लोन बी) और आइनज़ात्ज़ग्रुपेन द्वारा सामूहिक गोलीबारी। वान्नसी सम्मेलन (20 जनवरी 1942) ने "अंतिम समाधान" समन्वित किया। कब्जे वाले पोलैंड में छह विनाश शिविर (ऑशविट्ज़, ट्रेब्लिंका, सोबिबोर आदि) मुख्य स्थल थे।
प्रश्न 3 (5 अंक — 50 शब्द): हिटलर जर्मनी में सत्ता में कैसे आए?
आदर्श उत्तर:
हिटलर ने लोकतंत्र की कमज़ोरियों का फायदा उठाकर कानूनी तरीके से सत्ता हासिल की: महामंदी (1929–33) ने बेरोज़गारी 60 लाख तक पहुँचाई; नाज़ी प्रचार ने यहूदियों और साम्यवादियों को दोष दिया। NSDAP ने जुलाई 1932 में 37.4% मत पाए। राष्ट्रपति हिंडनबर्ग ने 30 जनवरी 1933 को हिटलर को चांसलर नियुक्त किया। रैखस्टाग अग्निकांड (27 फरवरी 1933) ने नागरिक स्वतंत्रताएँ निलंबित कीं; सक्षम अधिनियम (23 मार्च 1933) ने तानाशाही शक्तियाँ दीं। हिंडनबर्ग की मृत्यु (1934) के बाद हिटलर फ्यूहरर बने।
प्रश्न 4 (5 अंक — 50 शब्द): "रोम पर मार्च" क्या था और इसने मुसोलिनी को सत्ता कैसे दिलाई?
आदर्श उत्तर:
रोम पर मार्च (27–28 अक्टूबर 1922) मुसोलिनी का शक्ति-प्रदर्शन था — लगभग 30,000 ब्लैकशर्ट फासीवादी मिलिशिया चार दिशाओं से रोम पर मार्च किया। प्रधानमंत्री फाक्टा ने राजा विक्टर इमैनुएल III से मार्शल लॉ माँगा; राजा ने इनकार किया (गृहयुद्ध से डरकर) और मुसोलिनी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया। मुसोलिनी मिलान से स्लीपर कार से पहुँचे। इस संवैधानिक नियुक्ति ने उन्हें प्रधानमंत्री बनाया, PNF के पास केवल 535 में से 35 संसदीय सीटों के बावजूद फासीवादी अधिग्रहण की शुरुआत हुई।
प्रश्न 5 (10 अंक — 150 शब्द): इटली में फासीवाद और जर्मनी में नाज़ीवाद की विचारधारा और उत्थान की तुलना कीजिए।
आदर्श उत्तर:
इतालवी फासीवाद (मुसोलिनी, 1919–45) और जर्मन नाज़ीवाद (हिटलर, 1920–45) अंतर्युद्ध यूरोप के दो प्रमुख अति-दक्षिणपंथी अधिनायकवाद थे — समान जड़ें किंतु महत्वपूर्ण अंतर।
समान उत्पत्ति: दोनों WWI के परिणाम से उभरे — राष्ट्रीय अपमान (इटली की "अपंग विजय"; जर्मनी का वर्साय "डिक्टाट"), आर्थिक संकट (इतालवी बेरोज़गारी; जर्मन हाइपरइन्फ्लेशन और महामंदी) और साम्यवादी क्रांति का भय जिसने मध्यवर्ग और उद्योगपतियों को उग्र राष्ट्रवादियों की ओर धकेला।
समान विशेषताएँ: दोनों ने लोकतंत्र, उदारवाद और साम्यवाद अस्वीकार किए; नेता-पूजा के साथ एकदलीय राज्य बनाए (मुसोलिनी इल दूचे, हिटलर फ्यूहरर); अर्धसैनिक हिंसा का उपयोग किया (ब्लैकशर्ट बनाम SA/SS); राज्य, राष्ट्र और हिंसा का महिमामंडन किया; आक्रामक विदेश नीतियाँ अपनाईं।
मुख्य अंतर: नस्ल नाज़ीवाद के केंद्र में था किंतु इतालवी फासीवाद में प्रारंभ में गौण। हिटलर की विचारधारा जुनूनी नस्लीय पदानुक्रम पर बनी थी — आर्यन श्रेष्ठता, यहूदी "उप-मानवता", पूर्व में लेबेंसराउम — जिसने होलोकॉस्ट को अनिवार्य बनाया। मुसोलिनी का फासीवाद मुख्यतः नस्लीय से अधिक राष्ट्रवादी था; 1938 तक इतालवी यहूदियों के पास फासीवादी पार्टी के पद थे, जब मुसोलिनी ने जर्मन दबाव में नस्लीय कानून अपनाए। नाज़ीवाद का लक्ष्य नस्लीय साम्राज्य था; इतालवी फासीवाद का भूमध्यसागरीय रोमन साम्राज्य। दोनों 1945 में विनाशकारी सैन्य पराजय में समाप्त हुए।
प्रश्न 6 (10 अंक — 150 शब्द): जर्मनी में नाज़ीवाद के उदय में वर्साय की संधि और महामंदी की भूमिका स्पष्ट कीजिए।
आदर्श उत्तर:
नाज़ीवाद का उदय दो परस्पर-जुड़े संकटों से हुआ: वर्साय की संधि (1919) और महामंदी (1929–33)।
वर्साय की संधि: संधि ने "युद्ध-अपराध" खंड (अनुच्छेद 231), 132 अरब गोल्ड मार्क का हर्जाना, 13% जर्मन क्षेत्र की हानि, उपनिवेशी साम्राज्य और 1,00,000 तक सीमित सेना थोपी। जर्मनों ने इसे डिक्टाट कहा — एक अपमान। यह घायल राष्ट्रीय गौरव वह भावनात्मक ईंधन बना जिसे नाज़ी प्रचार ने बखूबी भुनाया।
आर्थिक संकट: 1923 में हाइपरइन्फ्लेशन (1 डॉलर = 4.2 खरब मार्क) ने मध्यवर्ग की बचत मिटाई। वॉल स्ट्रीट दुर्घटना (1929) ने बैंक दिवालिएपन को जन्म दिया; बेरोज़गारी जनवरी 1932 (30% कार्यबल) तक 60 लाख तक पहुँची। निराश मतदाताओं ने हिटलर के राष्ट्रीय पुनर्जागरण के वादों की ओर रुख किया।
राजनीतिक विफलता: हिंडनबर्ग के आस-पास रूढ़िवादी अभिजात वर्ग ने गलत अनुमान लगाया कि वे हिटलर को नियंत्रित कर सकेंगे। 30 जनवरी 1933 को उसे चांसलर नियुक्त करना एक ऐसे व्यक्ति को सत्ता सौंपना था जिसने तब रैखस्टाग अग्निकांड और सक्षम अधिनियम का उपयोग लोकतंत्र को ध्वस्त करने के लिए किया — जो होलोकॉस्ट और द्वितीय विश्वयुद्ध की ओर ले गया।
