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इतिहास

संभावित प्रश्न एवं आदर्श उत्तर

स्वतंत्रता के बाद भारत: रियासतों का विलय, भाषाई पुनर्गठन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विकास, महिला सशक्तिकरण

पेपर I · इकाई 1 अनुभाग 9 / 11 0 PYQ 30 मिनट

सार्वजनिक अनुभाग पूर्वावलोकन

संभावित प्रश्न एवं आदर्श उत्तर

प्रश्न 1 (5 अंक — 50 शब्द): भारत के एकीकरण में ऑपरेशन पोलो का क्या योगदान था? रज़ाकार कौन थे?

उत्तर:

ऑपरेशन पोलो (13–17 सितम्बर 1948) भारत का हैदराबाद के विरुद्ध सैन्य "पुलिस एक्शन" था, जब निज़ाम ने विलय से इनकार किया। रज़ाकार — कासिम रज़वी (मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) के नेतृत्व में एक अर्धसैनिक बल — हिंदुओं को आतंकित करते थे। जनरल J.N. चौधरी के नेतृत्व में भारतीय सेना ने 108 घंटों में उन्हें पराजित किया। हैदराबाद एकीकृत हुआ, निज़ाम के शासन का अंत हुआ और भारत के सबसे बड़े अनिच्छुक राज्य का समेकन संपन्न हुआ।


प्रश्न 2 (5 अंक — 50 शब्द): हिंदू कोड बिल क्या थे? महिला अधिकारों के लिए वे क्यों महत्त्वपूर्ण थे?

उत्तर:

हिंदू कोड बिल (1955–56) — डॉ. अम्बेडकर द्वारा समर्थित चार अधिनियम — हिंदू व्यक्तिगत कानून में सुधार किए: हिंदू विवाह अधिनियम (एकविवाह, तलाक का अधिकार), हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम (पुत्रियों को समान उत्तराधिकार), हिंदू अल्पसंख्यता और संरक्षकता अधिनियम (माँ के अधिकार), और हिंदू दत्तक अधिनियम। इन्होंने मनु-आधारित शोषण को समाप्त किया और महिलाओं को विवाह, संपत्ति, परिवार में अधिकार दिए — प्राचीन काल से भारत की महिलाओं के लिए सबसे बड़ी कानूनी क्रांति।


प्रश्न 3 (5 अंक — 50 शब्द): राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 क्या था? इसकी सिफारिश करने वाले आयोग का नाम बताइए।

उत्तर:

राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 ने भाषाई आधार पर भारत के आंतरिक मानचित्र का पुनर्निर्माण किया, Part A/B/C/D वर्गीकरण को प्रतिस्थापित करते हुए 1 नवम्बर 1956 से 14 राज्य और 6 केंद्रशासित प्रदेश बनाए। यह फज़ल अली आयोग (राज्य पुनर्गठन आयोग, 1953–55) — अध्यक्ष सैयद फज़ल अली, सदस्य H.N. कुंज़रू और K.M. पणिक्कर — की सिफारिशों पर आधारित था। 1953 में आंध्र के गठन ने भाषाई माँग की अनिवार्यता सिद्ध कर दी थी।


प्रश्न 4 (5 अंक — 50 शब्द): भारत की 1958 की वैज्ञानिक नीति संकल्प क्या थी?

उत्तर:

वैज्ञानिक नीति संकल्प (1958) — PM नेहरू के नेतृत्व में संसद द्वारा पारित — भारत की पहली औपचारिक विज्ञान नीति थी। इसने राज्य को प्रतिबद्ध किया: लोगों के कल्याण के लिए विज्ञान का संवर्धन, मूलभूत व अनुप्रयुक्त अनुसंधान को समर्थन, वैज्ञानिकों की विशेष स्थिति की मान्यता, और सामाजिक असमानताओं को कम करने में विज्ञान का उपयोग। नेहरूवादी दृष्टि थी: विज्ञान ही गरीबी, निरक्षरता और अंधविश्वास से मुक्ति दिला सकता है — राष्ट्र-निर्माण के केंद्र में विज्ञान को स्थापित करना।


प्रश्न 5 (10 अंक — 150 शब्द): 1947 के बाद रियासतों के भारतीय संघ में विलय की प्रक्रिया का विवेचन कीजिए। हैदराबाद, जूनागढ़ और कश्मीर की विशेष चुनौतियाँ क्या थीं?

उत्तर:

स्वतंत्रता के समय 562 रियासतें भारत के 48% क्षेत्र को कवर करती थीं। सरदार पटेल और V.P. मेनन ने विलय-पत्र (IoA) का उपयोग किया — शासकों ने प्रिवी पर्स और विशेषाधिकारों के बदले रक्षा, विदेश और संचार भारत को सौंपे। 15 अगस्त 1947 तक अधिकांश राज्य शामिल हो गए, लेकिन तीन प्रमुख मामलों ने गंभीर चुनौती दी।

हैदराबाद — सबसे बड़ा और सबसे धनी राज्य — निज़ाम मीर उस्मान अली खान ने स्वतंत्रता की माँग की, रज़ाकार अर्धसैनिक का सहारा लिया। राजनयिक विफलता के बाद ऑपरेशन पोलो (13–17 सितम्बर 1948) ने 108 घंटों में नियंत्रण स्थापित किया।

जूनागढ़ के नवाब ने हिंदू बहुल जनसंख्या के बावजूद पाकिस्तान से विलय किया। भारत ने नवम्बर 1947 में कब्जा किया; जनमत संग्रह (99.95% भारत समर्थक) ने एकीकरण की पुष्टि की।

कश्मीर सबसे जटिल था: पाकिस्तानी कबायली आक्रमण के बाद महाराजा हरि सिंह ने 26 अक्टूबर 1947 को IoA पर हस्ताक्षर किए। भारतीय सेना ने श्रीनगर सुरक्षित किया, परंतु युद्धविराम रेखा और UN की भूमिका ने अनसुलझा विवाद उत्पन्न किया।

गोवा (1961, ऑपरेशन विजय) और फ्रांसीसी पांडिचेरी (1954) ने भारत के क्षेत्रीय समेकन को पूर्ण किया। पटेल की उपलब्धि — कभी-कभी "20वीं सदी की सबसे महान शांतिकालीन राजनीति" कहलाई — ने भारत के विविध टुकड़ों को एक राष्ट्र में एकीकृत किया।


प्रश्न 6 (10 अंक — 150 शब्द): स्वतंत्रता के बाद भारत में महिला सशक्तिकरण के मील-पत्थरों का विवेचन कीजिए।

उत्तर:

स्वतंत्रता-पश्चात भारत की महिला सशक्तिकरण की प्रतिबद्धता कानून, नीति और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के माध्यम से विकसित हुई।

संवैधानिक आधार (1950): अनुच्छेद 14, 15, 16 ने समानता की गारंटी दी; अनुच्छेद 15(3) ने महिलाओं के लिए सकारात्मक कार्रवाई सक्षम की।

कानूनी मील-पत्थर: हिंदू कोड बिल (1955–56) — डॉ. अम्बेडकर द्वारा — ने महिलाओं को विवाह (एकविवाह, तलाक), संपत्ति (समान उत्तराधिकार) और संरक्षकता में अधिकार दिए। दहेज प्रतिषेध अधिनियम (1961) ने दहेज प्रतिबंधित किया; समान पारिश्रमिक अधिनियम (1976) ने समान वेतन अनिवार्य किया।

राजनीतिक सशक्तिकरण: 73वें और 74वें संशोधन (1992–93) ने PRI सीटों में 33% आरक्षण दिया — जमीनी स्तर पर 10 लाख से अधिक निर्वाचित महिलाएँ। इंदिरा गाँधी 1966 में पहली महिला PM बनीं; प्रतिभा पाटिल पहली महिला राष्ट्रपति (2007)। महिला आरक्षण अधिनियम (नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023) लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33% आरक्षण देता है।

आर्थिक सशक्तिकरण: 1.2 करोड़ से अधिक SHGs बैंक ऋण से जुड़े; NRLM (2011) ने ग्रामीण महिला समूहों को मजबूत किया। महिला साक्षरता 7.9% (1951) से ~70% (2021) तक बढ़ी।

चुनौतियाँ जारी हैं: महिला श्रम-बल भागीदारी (2023 में 24%), लैंगिक वेतन अंतर, और महिलाओं के विरुद्ध हिंसा — ये सभी निरंतर ध्यान माँगते हैं।