सार्वजनिक अनुभाग पूर्वावलोकन
शब्दावली
| पद (EN) | शब्द (HI) | परिभाषा | परीक्षा की दृष्टि से |
|---|---|---|---|
| Azad Hind Fauj | आज़ाद हिंद फौज | सुभाष बोस द्वारा 1943 में स्थापित भारतीय राष्ट्रीय सेना (INA) — बर्मा/पूर्वोत्तर भारत में ब्रिटिश के विरुद्ध जापान के साथ लड़ी | INA मुकदमे 1945–46; स्वतंत्रता में योगदान |
| Chauri Chaura | चौरी-चौरा | गाँव (गोरखपुर, UP) जहाँ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस थाना जलाया (22 पुलिसकर्मी मृत), 4 फरवरी 1922 — गाँधी ने असहयोग वापस लिया | प्रमुख मोड़ — आंदोलन निलंबन का गाँधी का निर्णय |
| Civil Disobedience | सविनय अवज्ञा | अन्यायपूर्ण कानूनों का जानबूझकर, अहिंसक उल्लंघन — गाँधी के 1930 आंदोलन की मुख्य रणनीति | नमक सत्याग्रह, दांडी मार्च — प्रमुख उदाहरण |
| Do or Die | करो या मरो | गाँधी का 1942 भारत छोड़ो आंदोलन का नारा — स्वतंत्रता पाने या मर जाने का पूर्ण संकल्प | भारत छोड़ो आंदोलन 1942 |
| Dyarchy | द्वैध शासन | संवैधानिक व्यवस्था (GoI अधिनियम 1919) जिसमें कुछ विषय भारतीय मंत्रियों को "हस्तांतरित" किए गए, अन्य ब्रिटिश के लिए "आरक्षित" रहे | अंतर-युद्ध काल की संवैधानिक रूपरेखा |
| HSRA | HSRA (हिंदुस्तान समाजवादी गणतंत्र संघ) | हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी — भगत सिंह का संगठन (1928–31) | क्रांतिकारी धारा — भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद |
| Home Rule | होम रूल | ब्रिटिश साम्राज्य के भीतर स्वशासन की माँग — पूर्ण स्वतंत्रता से कम; तिलक और बेसेंट लीगें (1916) | पूर्ण स्वराज माँग का पूर्ववर्ती |
| Lucknow Pact | लखनऊ समझौता | 1916 में कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचन-मंडल स्वीकारने का समझौता | हिंदू-मुस्लिम एकता — संक्षिप्त अवधि; उदारवादी-उग्रवादी विभाजन भी समाप्त हुआ |
| Purna Swaraj | पूर्ण स्वराज | संपूर्ण स्वतंत्रता — लाहौर अधिवेशन, दिसंबर 1929 में कांग्रेस का लक्ष्य घोषित | अधिराज्य दर्जे से पूर्ण स्वतंत्रता की माँग की ओर बदलाव |
| Rowlatt Act | रॉलेट अधिनियम | 1919 का कानून — 2 वर्ष तक बिना मुकदमे के नजरबंदी की अनुमति; देशव्यापी विरोध और जलियाँवाला बाग की घटनाओं का संदर्भ | 1919 के आंदोलन की पृष्ठभूमि |
| Salt Satyagraha | नमक सत्याग्रह | नमक कर के विरुद्ध गाँधी का अभियान — दांडी मार्च (1930); सामूहिक गिरफ्तारी को आमंत्रित करने के लिए अन्यायपूर्ण कानून का अहिंसक उल्लंघन | सविनय अवज्ञा आंदोलन का सबसे प्रतिष्ठित एकल कार्य |
| Satyagraha | सत्याग्रह | गाँधी का अहिंसक प्रतिरोध का दर्शन — "सत्य-बल"; विरोधी को रूपांतरित करने के लिए स्वेच्छा से कष्ट स्वीकार | मुख्य गाँधीवादी अवधारणा — चंपारण, असहयोग, सविनय अवज्ञा |
| Simon Commission | साइमन कमीशन | पूरी तरह ब्रिटिश संवैधानिक समीक्षा आयोग (1927–28) — कोई भारतीय सदस्य नहीं; सभी भारतीय दलों ने बहिष्कार किया | लाला लाजपत राय के विरोध को उकसाया; उनकी मृत्यु ने भगत सिंह को प्रेरित किया |
| Swaraj | स्वराज | स्वशासन; तिलक ने इसे राजनीतिक स्वतंत्रता के लिए प्रयोग किया; गाँधी ने इसे आत्म-अनुशासन और विकेंद्रीकरण के व्यापक अर्थ में भी लिया | भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के सभी चरणों में मुख्य माँग |
| Cripps Mission | क्रिप्स मिशन | मार्च–अप्रैल 1942 में सर स्टैफर्ड क्रिप्स का मिशन — WWII के बाद अधिराज्य दर्जा और अलग होने का अधिकार देने की पेशकश; कांग्रेस ने "डूबते बैंक पर उत्तर-दिनांकित चेक" (नेहरू) कहकर अस्वीकार किया | भारत छोड़ो आंदोलन 1942 की पृष्ठभूमि |
| Cabinet Mission | कैबिनेट मिशन | मार्च–जून 1946 में तीन ब्रिटिश कैबिनेट मंत्रियों (पेथिक-लॉरेंस, स्टैफर्ड क्रिप्स, ए.वी. अलेक्जेंडर) का मिशन — सीमित केंद्रीय सरकार वाले संघीय भारत का प्रस्ताव; मुस्लिम लीग ने अस्वीकार किया | भारत को एकजुट रखने का अंतिम गंभीर ब्रिटिश प्रयास; विफलता से विभाजन |
| Partition of Bengal | बंगाल-विभाजन | 1905 में वायसराय कर्जन ने बंगाल को पूर्वी बंगाल (मुस्लिम बहुल) और पश्चिमी बंगाल (हिंदू बहुल) में विभाजित किया — आधिकारिक कारण प्रशासनिक; 1911 में रद्द | स्वदेशी आंदोलन और जन-राष्ट्रवाद का प्रेरक |
| Jallianwala Bagh | जलियाँवाला बाग | 13 अप्रैल 1919: ब्रिगेडियर डायर ने अमृतसर में 20,000 निहत्थे लोगों पर गोलियाँ चलाईं — 379 मृत (आधिकारिक), 1,200 घायल; टैगोर ने नाइटहुड लौटाई | मोड़ — भारत का ब्रिटिश न्याय में विश्वास समाप्त; असहयोग आंदोलन अपरिहार्य |
| Khilafat Movement | खिलाफत आंदोलन | 1919–24 में ऑटोमान खलीफा की रक्षा के लिए भारतीय मुसलमानों का आंदोलन; कांग्रेस-खिलाफत गठबंधन ने गाँधी के असहयोग आंदोलन को हिंदू-मुस्लिम एकता का चरित्र दिया | स्वतंत्रता संग्राम में सबसे बड़ी हिंदू-मुस्लिम एकता का क्षण |
| Swadeshi | स्वदेशी | भारतीय वस्तुओं से आत्मनिर्भरता का आंदोलन; बंगाल विभाजन (1905) से शुरू; 1920 के दशक में गाँधी ने पुनः जीवित किया | आर्थिक राष्ट्रवाद — ब्रिटिश वस्तुओं का बहिष्कार |
