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परिचय एवं संदर्भ
अवलोकन
ब्रिटिश शासन ने भारत को इतिहास में किसी भी पूर्ववर्ती राजनीतिक परिवर्तन से अधिक गहराई से बदल दिया। पहले के विजेताओं के विपरीत, जो संस्कृति और रुचि में भारतीय हो गए, अंग्रेज़ बाहरी बने रहे — मातृदेश की अर्थव्यवस्था के लिए संसाधन निकालते हुए साथ ही ऐसी संस्थाओं और विचारों को भी लाए, जिनका उपयोग बाद में उनके अपने शासन को चुनौती देने के लिए हुआ।
तीन परस्पर जुड़े आयाम
इस विषय में तीन संबद्ध धाराएँ हैं:
- राजनीतिक एकीकरण — ब्रिटेन ने सहायक संधि, व्यपगत सिद्धांत और प्रत्यक्ष विजय के माध्यम से स्वतंत्र शक्तियों को किस प्रकार अधीन किया
- आर्थिक परिवर्तन — भूमि राजस्व व्यवस्थाएँ, विऔद्योगीकरण, रेलवे, और धन-निकासी
- प्रशासनिक एकीकरण — सिविल सेवा, कानूनों की संहिताबद्धता, अंग्रेज़ी शिक्षा, और विधायी ढाँचा
परीक्षा प्रासंगिकता
2021 के RPSC प्रश्न "द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान स्वदेशी उद्योगों की भूमिका" (10 अंक) का सीधा संबंध इस विषय की आर्थिक धारा से है। पूर्व वर्षों (2016, 2013) में ब्रिटिश नीति प्रश्नों की उच्च आवृत्ति और 2023 में शून्य अंक इसे 2026 के लिए एक मज़बूत पूर्वानुमान बनाते हैं।
