Skip to main content

इतिहास

बौद्ध धर्म — मूल दर्शन और विकास

धार्मिक आंदोलन एवं दर्शन (प्राचीन एवं मध्यकालीन)

पेपर I · इकाई 1 अनुभाग 4 / 11 0 PYQ 31 मिनट

सार्वजनिक अनुभाग पूर्वावलोकन

बौद्ध धर्म — मूल दर्शन और विकास

3.1 स्थापना और मूल सिद्धांत

सिद्धार्थ गौतम का जीवन

  • लगभग 563 ई.पू. में लुम्बिनी (अब नेपाल) में जन्म; शाक्य वंश के राजा शुद्धोदन के पुत्र
  • 29 वर्ष की आयु में चार दृश्यों (वृद्ध, रोगी, शव, भिक्षु) को देखकर गृहत्याग
  • 6 वर्षों के कठोर तप के बाद उसे त्यागा और बोध गया में सुजाता से खीर स्वीकार की
  • बोध गया (बिहार) में बोधि वृक्ष के नीचे ज्ञान (निर्वाण) प्राप्त किया, लगभग 528 ई.पू.
  • प्रथम उपदेश (धम्मचक्कप्रवत्तन सुत्त) सारनाथ (वाराणसी के निकट) में पाँच पूर्व-साथियों को दिया — संघ की स्थापना
  • लगभग 483 ई.पू. में कुशीनगर (उत्तर प्रदेश) में निधन — महापरिनिर्वाण

चार आर्य सत्य (चतुर आर्य सत्य)

  1. दुःख: समस्त अस्तित्व में दुःख है — जन्म, मृत्यु, प्रिय से वियोग, अप्रिय से संयोग
  2. समुदय: दुःख का कारण तृष्णा है — सुख, अस्तित्व और अनस्तित्व की लालसा
  3. निरोध: तृष्णा के सम्पूर्ण विनाश से दुःख का अंत संभव है
  4. मार्ग: अष्टांगिक मार्ग दुःख-निरोध की ओर ले जाता है

अष्टांगिक मार्ग (अष्टांगिक मार्ग)

सम्यक् दृष्टि, सम्यक् संकल्प, सम्यक् वाक्, सम्यक् कर्मान्त, सम्यक् आजीव, सम्यक् व्यायाम, सम्यक् स्मृति, सम्यक् समाधि — तीन समूहों में वर्गीकृत:

  • प्रज्ञा: सम्यक् दृष्टि, सम्यक् संकल्प
  • शील: सम्यक् वाक्, सम्यक् कर्मान्त, सम्यक् आजीव
  • समाधि: सम्यक् व्यायाम, सम्यक् स्मृति, सम्यक् समाधि

प्रमुख सिद्धांत

  • अनात्मन्: कोई स्थायी आत्मा नहीं
  • अनिच्च: अनित्यता
  • प्रतीत्यसमुत्पाद: प्रतीत्य-उत्पत्ति — सब कुछ परिस्थितियों पर निर्भर होकर उत्पन्न होता है; किसी की स्वतंत्र सत्ता नहीं
  • निर्वाण: संसार से मुक्ति — तृष्णा का विनाश

3.2 बौद्ध संगीतियाँ और विभाजन

संगीति तिथि स्थान प्रमुख परिणाम
प्रथम 483 ई.पू. राजगृह (बिहार) विनय पिटक और धम्म पिटक का संकलन
द्वितीय 383 ई.पू. वैशाली विभाजन का आरंभ — महासांघिक बनाम स्थविरवादी
तृतीय 250 ई.पू. पाटलिपुत्र अशोक का संरक्षण; मोग्गलिपुत्त तिस्स; विदेशों में प्रचारक (महिंद — श्रीलंका)
चतुर्थ लगभग 100 ई. कुंडलवन, कश्मीर कनिष्क का संरक्षण; हीनयान/महायान विभाजन

3.3 हीनयान बनाम महायान

पक्ष हीनयान (थेरवाद) महायान
लक्ष्य व्यक्तिगत मुक्ति (निर्वाण) सभी प्राणियों की मुक्ति (बोधिसत्व आदर्श)
भाषा पाली संस्कृत
बुद्ध की अवधारणा ऐतिहासिक शिक्षक, मानव दिव्य सत्ता, ब्रह्मांडीय बुद्ध
भौगोलिक प्रसार श्रीलंका, दक्षिण-पूर्व एशिया तिब्बत, चीन, जापान, कोरिया
प्रमुख ग्रंथ त्रिपिटक (पाली कैनन) प्रज्ञापारमिता सूत्र, लोटस सूत्र

वज्रयान (तांत्रिक बौद्ध धर्म) — 5वीं–7वीं शती ई. में उत्तर-पूर्व भारत में उभरा तीसरा विद्यालय; तिब्बत में प्रसारित; तांत्रिक अनुष्ठानों, मंत्रों और प्रत्यक्ष संचरण पर बल।