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इतिहास

समसामयिकी संबंध

धार्मिक आस्थाएँ, संत, लोक देवता

पेपर I · इकाई 1 अनुभाग 13 / 15 0 PYQ 53 मिनट

सार्वजनिक अनुभाग पूर्वावलोकन

समसामयिकी संबंध

हाल की घटनाएँ

  • राम नवमी 2026 (अप्रैल 2026): राजस्थान भर में राम नवमी उत्सव — जयपुर का गोविंद देव जी मंदिर (मान सिंह प्रथम द्वारा 1590 CE में कृष्ण के लिए स्थापित), नाथद्वारा का श्रीनाथजी मंदिर (वल्लभाचार्य-पुष्टि मार्ग संप्रदाय; मूर्ति 1672 CE में औरंगजेब से सुरक्षा के लिए मथुरा से नाथद्वारा लाई गई), और पुष्कर ब्रह्मा मंदिर में बड़े पैमाने पर राज्य-प्रतिभागिता देखी गई। राम नवमी 2025–26 के आसपास की राजनीतिक गतिशीलता RPSC के 2026 में सगुण वैष्णव परंपरा (मीरा बाई, पुष्टि मार्ग) पर बढ़े ध्यान के साथ परस्पर जुड़ी है।

  • मानगढ़ धाम — राष्ट्रीय महत्त्व की घोषणा (नवंबर 2022): हालाँकि यह मुख्यतः एक आदिवासी आंदोलन से जुड़ा है (विषय #4), मानगढ़ पहाड़ी नरसंहार (1913) का एक प्रबल धार्मिक आयाम था — गोविंद गुरु का भगत आंदोलन एक सुधारवादी धार्मिक आंदोलन था। प्रधानमंत्री मोदी ने नवंबर 2022 में मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय महत्त्व का स्थान घोषित किया; राजस्थान सरकार ने इसे पुरातत्त्व एवं संग्रहालय विभाग के अंतर्गत विरासत स्थल के रूप में नामित किया।

  • ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती उर्स (मार्च 2026): ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती का 814वाँ उर्स मार्च 2026 में अजमेर में आयोजित हुआ, जिसमें ~2 लाख तीर्थयात्रियों की अनुमानित रिकॉर्ड उपस्थिति रही; केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सह-प्रायोजन किया। वार्षिक उर्स एक जीवंत समसामयिक विषय बना हुआ है — किसी भी वर्ष की परीक्षा इसका संदर्भ दे सकती है।

  • राजस्थान सरकार के लोक देवता उत्सव (2024–25): मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार ने प्रमुख लोक देवताओं के लिए समर्पित राज्य-प्रायोजित उत्सवों की घोषणा की — पाबूजी मेला (कोलू, जोधपुर) और गोगामेड़ी मेला (हनुमानगढ़) को बजट 2025–26 में क्रमशः ₹3.5 करोड़ और ₹5 करोड़ की बढ़ी हुई राज्य बजट सहायता मिली।

  • दिलवाड़ा और रणकपुर UNESCO नामांकन (2024–25): भारत के भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण ने 2024 में जैन विरासत स्थलों के लिए एक क्रमिक नामांकन के अंतर्गत दिलवाड़ा मंदिर (माउंट आबू) और रणकपुर जैन मंदिर का संशोधित नामांकन दस्तावेज UNESCO की विश्व विरासत सूची के लिए प्रस्तुत किया; परिणाम प्रतीक्षित है।

समसामयिकी से संभावित परीक्षा प्रश्न

  1. संभावित प्रश्न: "भारत की समन्वयात्मक विरासत के प्रतीक के रूप में अजमेर में ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्त्व क्या है?"
    उत्तर-संकेत: लगभग 1193 CE में स्थापना; चिश्ती सुलह-ए-कुल दर्शन; वार्षिक उर्स (रजब 1–6); अंतर-धार्मिक तीर्थयात्रा; मुगल संरक्षण (अकबर की पैदल तीर्थयात्राएँ); UNESCO कव्वाली विरासत; अजमेर से राजस्थान सरकार का पर्यटन राजस्व (₹480 करोड़, 2022–23)।

  2. संभावित प्रश्न: "राजस्थान में सांप्रदायिक सौहार्द को मजबूत करने में लोक देवताओं की भूमिका का वर्णन करो।"
    उत्तर-संकेत: राम देव पीर — हिंदू-मुस्लिम दोहरी पूजा; गोगाजी — मुसलमानों द्वारा ज़ाहिर पीर के रूप में पूजित; लाल दास — हिंदू मेवाती और मुस्लिम दोनों अनुयायी; पंचपीर शब्दावली (पीर = इस्लामी); औपचारिक धार्मिक संप्रदायवाद से विपरीत; उनके मेलों को राज्य-समर्थन।

  3. संभावित प्रश्न: "राजस्थान में सामाजिक समानता और सांप्रदायिक सौहार्द के प्रतीक के रूप में बाबा रामदेव (रामदेवजी) के महत्त्व पर चर्चा करो।"
    उत्तर-संकेत: तोमर राजपूत में जन्म; हाजी मालेक (मुस्लिम पीर) के अधीन शिष्यत्व; जाति-समानता — निम्न जातियों के लिए चमत्कार; मुसलमानों द्वारा रामसा पीर के रूप में पूजित; रामदेवरा मेला (~5 लाख तीर्थयात्री, भाद्रपद शुक्ल 2–11); राजस्थान सरकार की आधिकारिक मान्यता।


विषय 11 में से 138 | प्रश्नपत्र I, इकाई 1 — इतिहास | निर्मित: 2026-04-06