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महत्त्वपूर्ण आँकड़े एवं सांख्यिकी
सारणी 1: राजस्थानी साहित्य की प्रमुख शास्त्रीय कृतियाँ
| कृति | रचनाकार | तिथि/काल | विधा | बोली/लिपि | ऐतिहासिक विषय |
|---|---|---|---|---|---|
| पृथ्वीराज रासो | चंद बरदाई | 12वीं–13वीं शताब्दी (बाद के परिवर्धन सहित) | रासो (वीर महाकाव्य) | डिंगल/मारवाड़ी | पृथ्वीराज III चाहमान |
| कान्हड़दे प्रबंध | पद्मनाभ | 1455 ई. | पुरानी राजस्थानी आख्यान काव्य | पुरानी राजस्थानी | जालोर घेराबंदी, 1311 ई. |
| खुमाण रासो | दलपति विजय | 14वीं–15वीं शताब्दी | रासो | डिंगल | मेवाड़ शासक |
| बीसलदेव रासो | नरपतिनाथ | 12वीं–13वीं शताब्दी | रासो | डिंगल | विग्रहराज IV (बीसलदेव) |
| हम्मीर महाकाव्य | नयनचंद्र सूरि | प्रारंभिक 15वीं शताब्दी | संस्कृत-राजस्थानी द्विभाषी काव्य | संस्कृत/पुरानी राजस्थानी | हम्मीर देव, रणथम्भौर |
| वेलि क्रिशन रुक्मिणी री | राठौड़ पृथ्वीराज (पीथल) | लगभग 1610 ई. | वेलि (डिंगल गीतिकाव्य) | डिंगल/मारवाड़ी | कृष्ण-रुक्मिणी कथा |
| मुनहता नैनसी री ख्यात | मुनहता नैनसी | 1650–1670 ई. | ख्यात (ऐतिहासिक वृत्तांत) | राजस्थानी गद्य | सभी 36 राजपूत वंश |
| वंश भास्कर | सूर्यमल्ल मिश्रण | 1842–1868 ई. | काव्य-वृत्तांत (~20,000 छंद) | राजस्थानी-ब्रज | बूँदी राजवंश |
| वीर सतसई | सूर्यमल्ल मिश्रण | 1850 का दशक | दोहा संग्रह (707 छंद) | ब्रज-राजस्थानी | राजपूत शौर्य |
| बातां री फुलवारी | विजयदान देथा | 1960–2000 का दशक | आधुनिक राजस्थानी गद्य (वात परम्परा) | आधुनिक मारवाड़ी | लोककथाएँ |
स्रोत: डॉ. मोतीलाल मेनारिया, राजस्थानी साहित्य का इतिहास; राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर
सारणी 2: राजस्थानी बोलियाँ — भौगोलिक और भाषाई सिंहावलोकन
| बोली | जिले | अनुमानित वक्ता (2011) | निकटतम भाषाई संबंधी | परम्परागत लिपि |
|---|---|---|---|---|
| मारवाड़ी | जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, नागौर, चूरू | ~1.4 करोड़ | पुरानी अपभ्रंश (शौरसेनी) | महाजनी; देवनागरी |
| मेवाड़ी | उदयपुर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, राजसमंद | ~0.8 करोड़ | मारवाड़ी, गुजराती प्रभाव सहित | देवनागरी |
| ढूँढाड़ी (जयपुरी) | जयपुर, दौसा, टोंक, सवाई माधोपुर | ~0.9 करोड़ | पूर्वी हिंदी/ब्रज | देवनागरी |
| हाड़ौती | कोटा, बूँदी, बारां, झालावाड़ | ~0.5 करोड़ | पूर्वी हिंदी (बुंदेली) | देवनागरी |
| शेखावाटी | सीकर, झुंझुनू | ~0.4 करोड़ | मारवाड़ी-ढूँढाड़ी संक्रमणकालीन | महाजनी; देवनागरी |
| वागड़ी | डूंगरपुर, बाँसवाड़ा | ~0.3 करोड़ | मारवाड़ी-गुजराती-भीली | देवनागरी |
| मेवाती | अलवर, भरतपुर | ~0.3 करोड़ | हरियाणवी-राजस्थानी | देवनागरी |
स्रोत: जनगणना 2011 (भाषा डेटा); जी.ए. ग्रियर्सन, भारत का भाषाई सर्वेक्षण, खंड IX, भाग II (1908)
सारणी 3: 8वीं अनुसूची मान्यता माँग — प्रमुख कालक्रम
| वर्ष | घटना | परिणाम |
|---|---|---|
| 1956 | राज्य पुनर्गठन; राजस्थान वर्तमान रूप में | राजस्थानी संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल नहीं |
| 1963 | आधिकारिक भाषा अधिनियम पारित | राजस्थानी का उल्लेख नहीं |
| 2003 | राजस्थान विधान सभा ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित | पहला राज्य विधायी समर्थन |
| 2003 | 92वाँ संविधान संशोधन — 4 भाषाएँ जोड़ी गईं | राजस्थानी समान या अधिक वक्ता संख्या के बावजूद बाहर |
| 2010 | केंद्र सरकार ने विशेषज्ञ समिति गठित की | स्थगित |
| 2015 | पाटासकर समिति ने राजस्थानी की सिफारिश की | कोई अनुवर्ती कानून नहीं |
| 2024–26 | नागरिक समाज अभियान; संसद में याचिकाएँ | अनसुलझा |
स्रोत: गृह मंत्रालय, भाषा ब्यूरो; राजस्थान विधान सभा अभिलेख; 92वाँ संविधान संशोधन (2003)
