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इतिहास

पिछले वर्षों के प्रश्न विश्लेषण

मेले एवं त्योहार

पेपर I · इकाई 1 अनुभाग 9 / 14 0 PYQ 43 मिनट

सार्वजनिक अनुभाग पूर्वावलोकन

पिछले वर्षों के प्रश्न विश्लेषण

पूछे गए प्रश्न

पाँच परीक्षित वर्षों (2013, 2016, 2018, 2021, 2023/2024) के RPSC मुख्य परीक्षा के डेटाबेस में इस विषय पर कोई प्रत्यक्ष पूर्व वर्ष प्रश्न नहीं है। उत्सव-सम्बन्धी सामग्री केवल व्यापक सांस्कृतिक प्रश्नों के उप-घटकों के रूप में आई है।

उत्सव सामग्री को छूने वाले सन्निकट प्रश्न:

  • RPSC मुख्य परीक्षा 2021, प्रश्नपत्र I (लोक संस्कृति अनुभाग): गणगौर और लोक परम्पराओं पर प्रश्न व्यापक लोक संस्कृति प्रश्नों के अंग के रूप में आए (इस विषय संख्या के लिए PYQ डेटाबेस में सटीक पाठ उपलब्ध नहीं; T006 के साथ अतिव्यापन)
  • RPSC मुख्य परीक्षा 2016 और 2018: "राजस्थान के लोक देवता" पर प्रश्नों में रामदेवजी और गोगाजी शामिल थे — ऐसी सामग्री जो सीधे रामदेवरा और गोगामेड़ी की मेला परम्पराओं से अतिव्यापित होती है

RPSC किसका परीक्षण करता है (सन्निकट विषयों से अनुमान)

सन्निकट PYQ प्रश्नों के प्रतिरूप से, मेलों और उत्सवों पर RPSC का सम्भावित दृष्टिकोण:

  • तथ्यात्मक स्मरण: मेलों के नाम, स्थान, तिथियाँ, प्रकार वर्गीकरण
  • सांस्कृतिक गहराई: कोई विशिष्ट मेला विशिष्ट रूप से राजस्थानी क्यों है? (जैसे गणगौर की 18 दिन की अवधि; रामदेवरा का सम्मिश्र हिन्दू-मुस्लिम चरित्र)
  • तुलनात्मक: मेलों को प्रकार के अनुसार वर्गीकृत करें और प्रत्येक के दो उदाहरण दें
  • आर्थिक कोण: राजस्थान की पशुचारण अर्थव्यवस्था के लिए पशु मेलों का महत्त्व
  • विश्लेषणात्मक (10 अंक): मेलों और उत्सवों को राजस्थान की सम्मिश्र संस्कृति के वाहक के रूप में मूल्यांकन करें

आवृत्ति और प्रवृत्ति

  • उपस्थिति: 5 हालिया परीक्षाओं में से 0 (प्रत्यक्ष प्रश्न)
  • प्रवृत्ति: 2026 संशोधित पाठ्यक्रम के अन्तर्गत नया विषय — 2026 में पहली बार आने की प्रबल सम्भावना
  • अंक श्रेणी: लागू नहीं (कभी प्रत्यक्ष रूप से परीक्षित नहीं); सन्निकट विषय प्रश्नों पर 5–10 अंक

2026 का पूर्वानुमान

RPSC 2026 मुख्य परीक्षा प्रश्नपत्र I के पाठ्यक्रम में "मेले एवं त्यौहार" का स्पष्ट उल्लेख एक प्रबल संकेत है। सर्वाधिक सम्भावित 2026 प्रश्न प्रारूप:

  1. 5 अंक (50 शब्द): "राजस्थान की जनजातीय समुदायों के लिए बेणेश्वर मेले का महत्त्व बताइए।" — स्थान, प्रकार और जनजातीय महत्त्व की तथ्यात्मक स्मरण का परीक्षण।
  2. 5 अंक (50 शब्द): "गणगौर क्या है? इसे राजस्थान का प्रमुख महिला पर्व क्यों माना जाता है?" — पर्व की राजस्थान-विशिष्टता का परीक्षण।
  3. 10 अंक (150 शब्द): "राजस्थान के प्रमुख मेलों को प्रकार के अनुसार वर्गीकृत करें। उनके सांस्कृतिक और आर्थिक महत्त्व की विवेचना करें।" — वर्गीकरण और विश्लेषणात्मक गहराई का परीक्षण।
  4. 10 अंक (150 शब्द): "राजस्थान के मेले और उत्सव इसकी सम्मिश्र सांस्कृतिक विरासत को प्रतिबिम्बित करते हैं। उदाहरण सहित विचार करें।" — धार्मिक, जनजातीय और समन्वयात्मक परम्पराओं में संश्लेषण का परीक्षण।