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इतिहास

क्षेत्रीय वितरण

लोक संगीत, लोक नृत्य, लोक कथाएँ, लोकगाथाएँ

पेपर I · इकाई 1 अनुभाग 7 / 15 0 PYQ 48 मिनट

सार्वजनिक अनुभाग पूर्वावलोकन

क्षेत्रीय वितरण

राजस्थान की लोक परम्पराएँ समान रूप से वितरित नहीं हैं — इनकी मजबूत क्षेत्रीय पहचान है जो भूगोल, समुदाय की सघनता और ऐतिहासिक संरक्षण पैटर्न से जुड़ी है।

क्षेत्र प्रमुख लोक परम्पराएँ प्रमुख समुदाय उल्लेखनीय केन्द्र
मारवाड़ (जोधपुर-बाड़मेर-जैसलमेर) लंगा-मँगनियार संगीत, पाबूजी महाकाव्य, गैर नृत्य, कठपुतली लंगा, मँगनियार, भोपा, भाट जोधपुर (RIFF), बाड़मेर, जैसलमेर
शेखावाटी (झुंझुनू-सीकर-चुरू) चंग नृत्य, फाग गीत, गोगाजी महाकाव्य जाट, ब्राह्मण, चमार सुजानगढ़, फतेहपुर, मण्डावा
मेवाड़ (उदयपुर-भीलवाड़ा-राजसमन्द) घूमर, भवाई, देवनारायण महाकाव्य, पाबूजी फड़ चित्रकारी भील, गुज्जर, जोशी (चित्रकार), नायक-भोपा भीलवाड़ा (फड़), नाथद्वारा, राजसमन्द
हाड़ौती (कोटा-बूँदी-झालावाड़) चकरी नृत्य, तेंदूखेड़ा लोक गीत, कोली जनजातीय संगीत कंजर, कोली, सहारिया कोटा, बूँदी
ढूँढार (जयपुर-टोंक) घूमर, चरी नृत्य (किशनगढ़), कठपुतली गुज्जर, कालबेलिया, नट-भाट जयपुर (कठपुतली कॉलोनी), किशनगढ़
मेवात (अलवर-भरतपुर) रसिया गीत, रास-लीला, भजन मेव मुस्लिम, ब्रज-प्रभावित समुदाय अलवर, करौली
वागड़ (बाँसवाड़ा-डूँगरपुर) भील जनजातीय संगीत, अलगोजा, गैर, वालर नृत्य भील, गरासिया, मेघवाल बाँसवाड़ा (मानगढ़ पहाड़ी)

स्रोत: राजस्थान राज्य गजेटियर, कला एवं संस्कृति खण्ड, भाग 1; राजस्थान संगीत नाटक अकादमी क्षेत्रीय सर्वेक्षण 2019