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इतिहास

महत्त्वपूर्ण आँकड़े एवं सांख्यिकी

लोक संगीत, लोक नृत्य, लोक कथाएँ, लोकगाथाएँ

पेपर I · इकाई 1 अनुभाग 9 / 15 0 PYQ 48 मिनट

सार्वजनिक अनुभाग पूर्वावलोकन

महत्त्वपूर्ण आँकड़े एवं सांख्यिकी

सारणी 1: प्रमुख लोक नृत्य रूप — वर्गीकरण एवं समुदाय सन्दर्भ

नृत्य रूप प्रकार प्राथमिक समुदाय वाद्य क्षेत्र विशेष मान्यता
घूमर वृत्त, महिलाएँ सभी जातियाँ (उत्पत्ति: भील) ढोल, शहनाई राज्यव्यापी राजकीय नृत्य (2023)
कालबेलिया एकल/समूह, महिलाएँ कालबेलिया (सपेरा) बीन, ढोलक पाली, अजमेर, चित्तौड़गढ़ UNESCO ICH 2010
गैर वृत्त, पुरुष भील, मारवाड़ डण्डियाँ, ढोल बाड़मेर, बाँसवाड़ा
भवाई सन्तुलन-कलाबाजी भवाई-जोगी महिलाएँ ढोल उदयपुर, डूँगरपुर अत्यधिक संकटग्रस्त
तेरहताली बैठकर ताल-वादन कामड़ महिलाएँ 13 मंजीरे नागौर, पाली रुणिचा मेला सम्बद्ध
चरी सन्तुलन (घड़े) गुज्जर महिलाएँ ढोल, नगारा किशनगढ़ (अजमेर) GI-सम्बद्ध
अग्नि नृत्य अनुष्ठान-कलाबाजी जसनाथी सिद्ध पुरुष ढोल बीकानेर (कतरियासर) जसनाथ पंथ
कठपुतली कठपुतली रंगमंच भाट (नट) समुदाय हारमोनियम, सारंगी जयपुर, राजस्थान संकटग्रस्त (कॉलोनी 2017 में विस्थापित)
चकरी महिला वृत्त कंजर महिलाएँ हारमोनियम, ढोलक कोटा-बूँदी (हाड़ौती)
वालर वृत्त, मिश्रित गरासिया समुदाय शहनाई सिरोही-आबू जनजातीय (देखें विषय #8)

स्रोत: राजस्थान संगीत नाटक अकादमी सर्वेक्षण 2022; संस्कृति मंत्रालय, भारत के त्योहार 2024

सारणी 2: प्रमुख लोकवाद्य — तकनीकी सन्दर्भ

वाद्य प्रकार (H-S) तार/ईख समुदाय क्षेत्र संकटग्रस्त?
रावणहत्था कॉर्डोफ़ोन (धनुष) 2 मुख्य + 11 सहानुभूति भोपा मारवाड़-मेवाड़ मध्यम जोखिम
कमायचा कॉर्डोफ़ोन (धनुष) 12 (3+9) मँगनियार बाड़मेर-जैसलमेर अत्यधिक (<15 उस्ताद)
सिन्धी सारंगी कॉर्डोफ़ोन (धनुष) 3 मुख्य + 15–17 सहानुभूति लंगा बाड़मेर जोखिम में
अलगोजा एरोफ़ोन (बाँसुरी-जोड़ी) भील, मेघवाल बाँसवाड़ा-बाड़मेर जोखिम में
मोरचंग इडियोफ़ोन (जॉ-हार्प) 1 जीभ मँगनियार, जोगी बाड़मेर, जैसलमेर प्रोत्साहित (बाड़मेर महोत्सव)
बाँकिया एरोफ़ोन (तुरही) धोली राज्यव्यापी
जंतर कॉर्डोफ़ोन (धनुष) 3 नायक-भोपा अजमेर-भीलवाड़ा UNESCO-सम्बद्ध, जोखिम में
करताल इडियोफ़ोन (खटकने वाले) कामड़, नाथ-जोगी राज्यव्यापी स्थिर
एकतारा कॉर्डोफ़ोन (तोड़ा) 1 नाथ-जोगी राज्यव्यापी स्थिर
बीन (पुँगी) एरोफ़ोन (दोहरी ईख) कालबेलिया, जोगी पाली-अजमेर मध्यम जोखिम

स्रोत: कोमल कोठारी शोध केन्द्र, जोधपुर; संगीत नाटक अकादमी प्रलेखन परियोजना 2021

सारणी 3: लोकदेवता महाकाव्य परम्पराएँ — तुलनात्मक आँकड़े

लोकदेवता काल मूल जिला वार्षिक मेला मेला उपस्थिति पूजक महाकाव्य लम्बाई (अनुमानित)
पाबूजी 14वीं शताब्दी ई. फलोदी (जोधपुर) फड़ पूजा (विविध) 1–2 लाख रेबारी, भील ~1,00,000 शब्द
देवनारायण 9वीं–10वीं शताब्दी ई. आसींद (भीलवाड़ा) देवनारायण जयन्ती 3–4 लाख गुज्जर, मीणा >10,00,000 शब्द (UNESCO)
रामदेवजी 14वीं–15वीं शताब्दी ई. रुणिचा (जैसलमेर) रुणिचा मेला (भाद्र) 5–6 लाख सर्व-समुदाय, मुस्लिम पीर भक्त ~2,00,000 शब्द
गोगाजी 9वीं–10वीं शताब्दी ई. दादरेवा (चुरू) गोगामेड़ी मेला (भाद्र) 4–5 लाख जाट, चमार, सामान्य ~80,000 शब्द
तेजाजी 11वीं शताब्दी ई. खड़नाल (नागौर) परबतसर मेला (भाद्र) 3–4 लाख जाट, कुम्हार, किसान ~60,000 शब्द

स्रोत: राजस्थान पर्यटन विकास निगम (RTDC) मेला सांख्यिकी 2023-24; कोमल कोठारी शोध केन्द्र, 2019