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समसामयिकी संबंध
हालिया घटनाक्रम
मानगढ़ धाम राष्ट्रीय स्मारक घोषित (नवंबर 2022): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाँसवाड़ा जिले की मानगढ़ पहाड़ी पर कार्यक्रम में भाग लिया और इसे राष्ट्रीय महत्व का स्थल घोषित किया, राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश के जनजातीय समुदाय उपस्थित रहे। मानगढ़ पहाड़ी नरसंहार (17 नवंबर 1913) में गोविंद गुरु के नेतृत्व में लगभग 1,500 भील आदिवासी मारे गए। यह 109 वर्ष पहले हुई घटना को बहुप्रतीक्षित राष्ट्रीय मान्यता देता है और जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम भागीदारी की व्यापक राष्ट्रीय कथा से जोड़ता है।
राजस्थान ने तीन ऐतिहासिक शहरों का नाम बदला (मार्च 2026): राजस्थान सरकार ने विरासत पुनरुद्धार के हिस्से के रूप में मार्च 2026 में तीन ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण शहरों का नाम बदलने की घोषणा की। यह राजस्थान की स्वतंत्रता-पूर्व ऐतिहासिक पहचान के साथ चल रहे राजनीतिक जुड़ाव से संबंधित है — वही प्रेरणा जो मानगढ़ धाम मान्यता के पीछे है।
शहीद दिवस 2026 — 95वीं वर्षगाँठ (23 मार्च 2026): भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की 95वीं शहादत वर्षगाँठ राष्ट्रीय स्तर पर मनाई गई। यद्यपि ये व्यक्तित्व राजपूताना के विशिष्ट दायरे से बाहर हैं, राजस्थान में शहीद दिवस समारोहों में राजस्थान के अपने शहीदों — गोमेंडा गोलीकांड पीड़ित (रूपाजी, कृपाजी) और बिजोलिया आंदोलन प्रतिभागियों — को राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम कथा से जोड़ने वाले कार्यक्रम शामिल थे।
दांडी मार्च 96वीं वर्षगाँठ (12 मार्च 2026): दांडी मार्च की 96वीं वर्षगाँठ पूरे भारत में कार्यक्रमों के साथ मनाई गई। राजस्थान में, यह गोकुलभाई भट्ट की मूल दांडी मार्च में भागीदारी और सिरोही प्रजा मंडल की गाँधीवादी विरासत से जुड़ा। भट्ट की दांडी मार्च और सिरोही के राजस्थान (बॉम्बे के बजाय) में एकीकरण दोनों में भूमिका एक आवर्ती परीक्षा-प्रासंगिक जीवनी विवरण है।
बिजोलिया शताब्दी मान्यता (चालू 2024–2026): राजस्थान सरकार द्वारा 2024 से राज्य सांस्कृतिक कैलेंडर में विजय सिंह पथिक की जयंती (1 फरवरी) शामिल करना, राजस्थान राज्य अभिलेखागार (बीकानेर) में बिजोलिया आंदोलन प्रलेखन पर नवीन विद्वत ध्यान के साथ, आंदोलन के शैक्षणिक प्रोफ़ाइल को सामयिक बनाए रखता है।
समसामयिकी से संभावित परीक्षा प्रश्न
संभावित प्रश्न: "राजस्थान के जनजातीय इतिहास के लिए मानगढ़ धाम नरसंहार (1913) के महत्व और स्वतंत्रता संग्राम से इसके संबंध पर चर्चा कीजिए। इसे 'आदिवासी जलियाँवाला बाग' क्यों कहा गया है?"
उत्तर सूत्र: गोविंद गुरु की सम्प सभा (1883) → औपनिवेशिक वन बंदोबस्त → भगत आंदोलन → 17 नवंबर 1913 सभा → ~1,500 मारे गए → लंबी उपेक्षा → 2022 राष्ट्रीय स्मारक → जनजातीय प्रतिरोध को राष्ट्रीय स्वतंत्रता कथा से जोड़ता हैसंभावित प्रश्न: "राजस्थान में जागीरदारी व्यवस्था 20वीं शताब्दी में किसान और जनजातीय दोनों आंदोलनों की संरचनात्मक मूल कारण कैसे बनी? विशिष्ट उदाहरणों से स्पष्ट कीजिए।"
उत्तर सूत्र: जागीरदारी की प्रकृति (बेगार, लाग-बाग, बिजोलिया में 84 लागें) → बिजोलिया (1897–1941) → बेगूँ (1921–23) → शेखावाटी (1930 का दशक) → एकी आंदोलन (1921–22) → जागीरदारी उन्मूलन अधिनियम 1952संभावित प्रश्न: "राजस्थान के स्वतंत्रता संग्राम और एकीकरण में गोकुलभाई भट्ट के योगदान का वर्णन कीजिए।"
उत्तर सूत्र: सिरोही प्रजा मंडल (1939) → दांडी मार्च भागीदारी (1930) → "राजस्थान के गाँधी" → सिरोही के राजस्थान में विलय अभियान → चरण 6 एकीकरण (26 जनवरी 1950) → आबू-देलवाड़ा समझौता
टॉपिक 4/138 | पेपर I, यूनिट 1 — इतिहास (इतिहास) | भाग A | जनरेट: 2026-04-06
