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इतिहास

त्वरित पुनरावलोकन सारणी

शासकों की राजनीतिक एवं सांस्कृतिक उपलब्धियाँ (18वीं शताब्दी तक)

पेपर I · इकाई 1 अनुभाग 13 / 16 0 PYQ 49 मिनट

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त्वरित पुनरावलोकन सारणी

विषय विवरण वर्ष / संदर्भ
तराइन प्रथम युद्ध पृथ्वीराज III ने मुहम्मद गोरी को पराजित किया 1191 ई.
तराइन द्वितीय युद्ध पृथ्वीराज III पराजित और वीरगति 1192 ई.
पृथ्वीराज रासो चंद बरदाई द्वारा महाकाव्य; पृथ्वीराज III का दरबार 12वीं–13वीं शताब्दी ई.
रणथंभौर दुर्ग स्थापना वाग्भट्ट (चाहमान); सवाई माधोपुर लगभग 944 ई.
रणथंभौर 1301 जौहर हम्मीरदेव का अलाउद्दीन खिलजी के विरुद्ध 11 जुलाई 1301 ई.
हम्मीर महाकाव्य नयनचंद्र सूरि का संस्कृत काव्य; 14 सर्ग लगभग 1400 ई.
बप्पा रावल गुहिल संप्रभुता की नींव; एकलिंगजी मंदिर लगभग 728–734 ई.
सारंगपुर युद्ध राणा कुम्भा ने मालवा के महमूद खिलजी को पराजित किया 1437 ई.
विजय स्तम्भ 9-मंजिला स्तम्भ, 37 मीटर, चित्तौड़गढ़; राजस्थान प्रतीक 1448 ई.
कुम्भलगढ़ दीवार 36 किमी परकोटा; UNESCO 2013; भीतर 360 मंदिर 1458 ई.
संगीत-राज राणा कुम्भा का संगीतशास्त्र ग्रंथ; 5 खंड लगभग 1440–1468 ई.
राणा कुम्भा — 32 दुर्ग कुम्भलगढ़, अचलगढ़ सहित 1433–1468 ई.
खानवा युद्ध राणा साँगा बाबर से पराजित; आगरा से 37 किमी पश्चिम 16 मार्च 1527 ई.
हल्दीघाटी युद्ध प्रताप बनाम मान सिंह I; खमनोर, राजसमंद 18 जून 1576 ई.
चेतक प्रताप का घोड़ा; प्रताप को सुरक्षित पहुँचाकर मृत्यु 1576 ई.
प्रताप की मृत्यु चावंड (डूंगरपुर); शिकार की चोट से 19 जनवरी 1597 ई.
मेहरानगढ़ दुर्ग स्थापना राव जोधा; 122-मीटर चट्टान; जोधपुर 1459 ई.
मेहरानगढ़ — फतेहपोल मुगलों के निष्कासन का स्मारक 1707 ई.
मेहरानगढ़ — जयपोल जयपुर-बीकानेर पर विजय का स्मारक 1806 ई.
सामेल युद्ध मालदेव के सेनापति जैता और कूंपा बनाम शेरशाह 5 जनवरी 1544 ई.
शेरशाह की उक्ति "मुट्ठी भर बाजरे के लिए..." — सामेल युद्ध के बाद 1544 ई.
मान सिंह I मनसब 7,000 जात — राजपूत सरदारों में सर्वोच्च अकबर का शासनकाल
गोविंददेव मंदिर वृंदावन; संरक्षक मान सिंह I लगभग 1590 ई.
जैसलमेर दुर्ग स्थापना राव जैसल; त्रिकूट पहाड़ी; 250 फुट ऊँची; 99 बुर्ज 1156 ई.
दिलवाड़ा मंदिर विमल शाह (1031 ई.); तेजपाल-वास्तुपाल (1231 ई.); माउंट आबू 1031–1231 ई.
जयपुर नगर स्थापना विद्याधर भट्टाचार्य (वास्तुकार); 9 क्षेत्र 1727 ई.
जयपुर UNESCO विश्व धरोहर — जयपुर नगर 2019 ई.
जंतर मंतर जयपुर UNESCO विश्व धरोहर 2010 ई.
सम्राट यंत्र विश्व की सबसे बड़ी धूपघड़ी; 27 मीटर शंकु; 2 सेकंड सटीकता जयपुर, 1734 ई.
ज़ीज-ए-मुहम्मद शाही जय सिंह II की खगोलीय सारणियाँ; मुगल सम्राट के नाम पर 1738 ई.
अश्वमेध यज्ञ किसी भारतीय शासक द्वारा अंतिम — जय सिंह II 1734 ई.
रानीजी की बावड़ी 46 मीटर गहरी; 3-मंजिला बावड़ी; बूँदी 1699 ई.
बानी ठनी किशनगढ़ शैली; निहाल चंद; 1973 डाक टिकट लगभग 1750 ई.
पर्वतीय दुर्ग UNESCO 6 दुर्ग (चित्तौड़गढ़, कुम्भलगढ़, रणथंभौर, आमेर, जैसलमेर, गागरोण) 2013 ई.
दीन-ए-इलाही अकबर का समन्वित पंथ; ~18 अनुयायी; 1605 ई. में समाप्त 1582 ई.