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इतिहास

पिछले वर्षों के प्रश्न विश्लेषण

प्रागैतिहासिक संस्कृति एवं प्राचीन ऐतिहासिक स्थल

पेपर I · इकाई 1 अनुभाग 9 / 14 0 PYQ 42 मिनट

सार्वजनिक अनुभाग पूर्वावलोकन

पिछले वर्षों के प्रश्न विश्लेषण

पूछे गए प्रश्न

इस विषय के लिए हाल की RPSC मेन्स परीक्षाओं में केवल एक प्रत्यक्ष PYQ उपलब्ध है:

  • RPSC मेन्स 2018, प्रश्नपत्र I (10 अंक): "राजस्थान की अहाड़ संस्कृति की मुख्य विशेषताओं का वर्णन कीजिए।"

2013, 2016, 2021 या 2023/2024 की परीक्षाओं में इस विशिष्ट विषय पर कोई प्रत्यक्ष प्रश्न नहीं आया। तथापि, RPSC प्रारम्भिक परीक्षाओं में कालीबंगा और ताम्रपाषाण संस्कृतियाँ नियमित रूप से आती हैं, जो परीक्षकों द्वारा अपेक्षित बुनियादी तथ्यात्मक दक्षता स्थापित करती है।

RPSC क्या परखता है

एकमात्र पुष्ट PYQ (2018) और प्रारम्भिक परीक्षा के प्रतिरूपों से:

  • 2018 का फोकस: अहाड़ संस्कृति की विशेषताओं का वर्णनात्मक स्मरण — भौतिक संस्कृति, मृद्भांड प्रकार, भौगोलिक वितरण, आर्थिक आधार। प्रश्न तथ्यात्मक-वर्णनात्मक था, विश्लेषणात्मक नहीं। 10-अंक प्रारूप (150 शब्द) के लिए आवश्यक था: ताम्रपाषाण की परिभाषा, स्थान, नैदानिक मृद्भांड, तांबे का उपयोग, अर्थव्यवस्था और राजस्थान में महत्त्व।

  • प्रारम्भिक परीक्षा प्रतिरूप: कालीबंगा का जुता हुआ खेत, द्विकालिक किलेबंदी और अग्नि-वेदिकाएँ कम से कम प्रत्येक दो प्रारम्भिक चक्रों में एक बार वस्तुनिष्ठ एकल-उत्तर प्रश्नों के रूप में परखी जाती हैं। गणेश्वर की तांबा-संग्रह संख्या (900+) और बागोर के उत्खननकर्ता (वी.एन. मिश्रा) अक्सर परखे जाने वाले तथ्यात्मक संदर्भ बिंदु हैं।

  • प्रश्न प्रकार प्राथमिकता: जब RPSC ने इस विषय पर प्रश्न निर्धारित किए हैं, प्रारूप तथ्यात्मक स्मरण (विशेषताएँ बताएँ, उत्खननकर्ता पहचानें, तिथि बताएँ) रहा है, न कि विश्लेषणात्मक (तुलना करें, मूल्यांकन करें, प्रभाव समझाएँ)। यह विषय की प्रारम्भिक-इतिहास प्रकृति के अनुरूप है।

  • कोई तुलनात्मक प्रश्न नहीं आया — जैसे "अहाड़ और गणेश्वर संस्कृतियों की तुलना करें।" तथापि, 2026 के संशोधित पाठ्यक्रम की व्यापक संरचना से ऐसे विश्लेषणात्मक प्रश्नों के आने का संकेत मिलता है।

आवृत्ति और प्रवृत्ति

  • आवृत्ति: 5 में से 1 हाल की परीक्षा (केवल 2018)
  • प्रवृत्ति: स्थिर-से-बढ़ती हुई। 2026 के संशोधित पाठ्यक्रम ने "अहाड़ संस्कृति" से परे "प्रागैतिहासिक संस्कृति और प्राचीन ऐतिहासिक स्थल" तक दायरे को स्पष्ट रूप से विस्तृत किया है।
  • अंक श्रृंखला: 10 अंक (केवल 2018)

2026 पूर्वानुमान

नए पाठ्यक्रम की व्यापकता और पिछले PYQs की कमियों के आधार पर, इस विषय के लिए 2026 के सर्वाधिक संभावित प्रश्न प्रकार हैं:

  1. 5-अंक तथ्यात्मक प्रश्न (उच्च संभावना): "घोसुंडी शिलालेख का क्या महत्त्व है?" / "बागोर के उत्खननकर्ता और उसकी प्रमुख खोज का नाम बताएँ।" / "कालीबंगा के जुते हुए खेत का पुरातात्त्विक महत्त्व क्या है?"

  2. 10-अंक वर्णनात्मक-विश्लेषणात्मक प्रश्न (मध्यम संभावना): "कालीबंगा की एक हड़प्पाई स्थल के रूप में मुख्य विशेषताओं का वर्णन कीजिए और समझाइए कि यह अन्य हड़प्पाई नगरों से क्या अनूठा बनाती है।"

  3. तुलनात्मक प्रश्न (2026 के लिए नया): "राजस्थान की अहाड़-बनास और गणेश्वर-जोधपुरा ताम्रपाषाण संस्कृतियों की तुलना कीजिए।"

  4. समसामयिकी संदर्भ: मार्च 2026 में कामान का कामवन नामकरण को देखते हुए, प्राचीन स्थानीय नामों को वर्तमान राजस्थान नीति से जोड़ने वाला प्रश्न संभव है।