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इतिहास

परिचय एवं पाठ्यक्रम

प्रागैतिहासिक संस्कृति एवं प्राचीन ऐतिहासिक स्थल

पेपर I · इकाई 1 अनुभाग 2 / 14 0 PYQ 42 मिनट

सार्वजनिक अनुभाग पूर्वावलोकन

परिचय एवं पाठ्यक्रम

यह विषय राजस्थान की मानव प्रागैतिहासिक और प्रारम्भिक ऐतिहासिक काल की सम्पूर्ण गाथा को समेटता है — निम्न पुरापाषाण काल के उपकरण-प्रयोगकर्ता समुदायों (~1,00,000 ईसा पूर्व) से लेकर मध्यपाषाण शिकारी-संग्राहकों, ताम्रपाषाण कृषि-पशुपालन बस्तियों, हड़प्पाई नगरीय चरण, और प्रारम्भिक ऐतिहासिक महाजनपद तथा मौर्य-कालीन राज्य-व्यवस्थाओं तक, लगभग दूसरी-तीसरी शताब्दी ईस्वी तक।

पाठ्यक्रम की सीमाएँ

RPSC 2026 मेन्स पाठ्यक्रम इसे प्रश्नपत्र I, इकाई 1 (इतिहास), भाग A में राजस्थान के दायरे में रखता है। सीमाएँ स्पष्ट हैं: यह विषय वहाँ समाप्त होता है जहाँ विषय #2 (शासकों की राजनीतिक और सांस्कृतिक उपलब्धियाँ) प्रारम्भ होता है, अर्थात् लगभग गुप्त काल पर। सामान्य राष्ट्रीय-स्तर की प्रागैतिहासिक सामग्री से कोई अंक नहीं मिलते; प्रत्येक तथ्यात्मक बिंदु राजस्थान के विशिष्ट स्थलों, उत्खननकर्ताओं, भौतिक संस्कृति, या तिथियों पर आधारित होना चाहिए।

PYQ संदर्भ

यह एक PYQ टियर 4 (सामयिक) विषय है — यह हाल की 5 RPSC मेन्स परीक्षाओं में से केवल 1 में सीधे आया (2018, अहाड़ संस्कृति पर)। तथापि, कालीबंगा और ताम्रपाषाण संस्कृतियों जैसे उप-विषय प्रारम्भिक परीक्षा में नियमित रूप से आते हैं, जिसका अर्थ है कि मेन्स परीक्षक बुनियादी तथ्यात्मक दक्षता की अपेक्षा रखते हैं।

2026 के संशोधित पाठ्यक्रम में स्पष्ट रूप से "प्रागैतिहासिक संस्कृति और प्राचीन ऐतिहासिक स्थल" सूचीबद्ध है — पहले के पाठ्यक्रमों की तुलना में व्यापक सूत्रीकरण जो संकीर्ण रूप से "अहाड़ संस्कृति" पर केंद्रित था। यह संकेत देता है कि 2026 की परीक्षा में सम्पूर्ण प्रागैतिहासिक–प्रारम्भिक ऐतिहासिक श्रृंखला को कवर करने वाले प्रश्न आने की अधिक संभावना है।

2026 में क्या अपेक्षा करें

इस विषय के लिए PYQ का जोर विशेष रूप से अहाड़ संस्कृति पर रहा है (2018)। नए पाठ्यक्रम की व्यापकता को देखते हुए, 2026 के प्रश्न इन पर होने की संभावना है:

  • कालीबंगा की हड़प्पाई विशेषताएँ
  • बैराठ का महाजनपद महत्त्व
  • ताम्रपाषाण संस्कृतियों के तुलनात्मक प्रश्न

मध्यकालीन काल से आगे राजस्थान की ऐतिहासिक गाथा की निरंतरता के लिए विषय #2 देखें। स्थल अवस्थिति को आकार देने वाली भौगोलिक पृष्ठभूमि के लिए विषय #83 (भू-आकृति विज्ञान) देखें।