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भूगोल

शब्दावली

राजस्थान की जलवायु विशेषताएँ एवं वर्गीकरण

पेपर II · इकाई 3 अनुभाग 16 / 16 PYQ-शैली 42 मिनट

सार्वजनिक अनुभाग पूर्वावलोकन

शब्दावली

शब्द परिभाषा परीक्षा प्रासंगिकता
कोपेन वर्गीकरण तापमान/वर्षा सीमाओं का उपयोग करने वाला अनुभवजन्य जलवायु वर्गीकरण; 5 प्रमुख क्षेत्र (A–E); व्लादिमीर कोपेन द्वारा निर्मित मध्यम
गर्म मरुस्थल जलवायु (BWhw) गर्म मरुस्थल जलवायु; वार्षिक वर्षा <25 सेमी; अत्यधिक तापमान परास मध्यम
गर्म अर्ध-शुष्क मैदानी जलवायु (BSh) गर्म मैदान (अर्ध-शुष्क); 25–50 सेमी; मरुस्थल और आर्द्र के बीच संक्रमण मध्यम
आर्द्र उपोष्णकटिबंधीय जलवायु (Cwg) मानसून के साथ आर्द्र उपोष्णकटिबंधीय; वर्षाकाल से पहले सर्वाधिक गर्म माह (g=गंगा प्रकार) मध्यम
लू गर्म, शुष्क, धूल भरी पश्चिमी पवन; मई–जून; 45–50°C; लू लगना (हीट स्ट्रोक) का कारण मध्यम
मावठ पश्चिमी विक्षोभों से शीतकालीन वर्षा; उत्तरी राजस्थान में रबी फसलों के लिए महत्त्वपूर्ण उच्च
पश्चिमी विक्षोभ भूमध्य सागर से बाह्य-उष्णकटिबंधीय निम्न-दाब तंत्र; पूर्व की ओर यात्रा; शीतकालीन वर्षा लाता है उच्च
महाद्वीपीय जलवायु अत्यधिक तापमान परास (गर्म ग्रीष्म, ठंडी शीत); कम आर्द्रता; समकारी समुद्र से दूर मध्यम
सूखा / अकाल जल अभाव उत्पन्न करने वाली वर्षा कमी; राजस्थान में औसतन 10 में से 3 वर्ष मध्यम
छप्पनिया अकाल 1899–1900 का महा अकाल (VS 1956); राजपूताना में सबसे बुरा दर्ज अकाल मध्यम
अंतर-उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र निम्न-दाब पट्टी जहाँ NE और SE व्यापारिक पवनें मिलती हैं; मानसून स्थिति नियंत्रित करती है मध्यम
शुष्क क्षेत्र अनुसंधान CAZRI (केन्द्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान) जोधपुर में — मरुस्थलीकरण, सूखा-प्रतिरोधी फसलों पर शोध मध्यम
वर्षा छाया पर्वत का अनुवात (पवन-विमुख) भाग कम वर्षा प्राप्त करता है; अरावली पश्चिमी राजस्थान के लिए वृष्टि-छाया बनाती है उच्च
मरुस्थलीकरण शुष्क/अर्ध-शुष्क भूमि का क्षरण; वनस्पति और ऊपरी मृदा का ह्रास; थार मरुस्थल का विस्तार मध्यम
परिवर्तन गुणांक वर्षा परिवर्तनशीलता का सांख्यिकीय माप; थार में >40% (अत्यंत अविश्वसनीय); भारत औसत ~20% मध्यम
समवर्षा रेखा मानचित्र पर समान वर्षा वाले बिन्दुओं को जोड़ने वाली रेखा; राजस्थान में शुष्क/अर्ध-शुष्क क्षेत्रों को चिह्नित करने के लिए मध्यम
महाद्वीपीयता बड़े भूभागों का जलवायवी प्रभाव; बड़ी दैनिक और मौसमी तापमान परास; चुरू में उच्चतम (~47°C दिन, हिमांक के निकट रातें) मध्यम
मानसून द्रोणी पाकिस्तान से बंगाल की खाड़ी तक फैली निम्न-दाब धुरी; इसके उत्तर की ओर खिसकाव से राजस्थान पर SW मानसून कमज़ोर होता है (ब्रेक मानसून) मध्यम
अरावली की वर्षा-छाया SW मानसून अरावली श्रृंखला के समानांतर है (लम्बवत नहीं), अतः श्रृंखला न्यूनतम पर्वतीय उत्थान देती है; पश्चिमी राजस्थान शुष्क रहता है उच्च
तापीय निम्न दाब ग्रीष्मकाल में तीव्र सतही ताप से भूमि पर बनने वाला निम्न-दाब क्षेत्र; राजस्थान में प्री-मानसून धूल तूफान (आँधी) को संचालित करता है मध्यम
पाला दिसम्बर–जनवरी में शून्य के निकट तापमान शीतकालीन फसलों को नुकसान; उत्तरी और पूर्वी राजस्थान में सर्वाधिक गम्भीर मध्यम