सार्वजनिक अनुभाग पूर्वावलोकन
मुख्य बिंदु
सूर्यातप (Insolation)
- पृथ्वी की सतह पर प्राप्त सौर विकिरण; भूमध्यरेखीय क्षेत्रों को ध्रुवीय क्षेत्रों की तुलना में ~2× अधिक प्राप्त होता है
- आपतन कोण, दिन की लंबाई, वायुमंडलीय पथ की लंबाई और एल्बिडो पर निर्भर करता है
- आर्कटिक की गर्मियों में 24 घंटे दिन का प्रकाश रहता है; तिरछी किरणें वायुमंडल में अधिक दूरी तय करती हैं
- भूमध्यरेखा पर वार्षिक सूर्यातप: ~1,370 W/m² (सौर स्थिरांक)
एल्बिडो (Albedo)
- किसी सतह की परावर्तनशीलता — आने वाले सौर विकिरण का वह भाग जो परावर्तित हो जाता है
- ताजी बर्फ: 80–90%; बर्फ: 70–80%; रेगिस्तानी रेत: 35–40%; महासागर: 6%; उष्णकटिबंधीय वन: 12–15%
- वैश्विक औसत: ~30%; उच्च एल्बिडो वाली सतहें जलवायु को ठंडा करती हैं
- निम्न एल्बिडो वाली सतहें (गहरा महासागर, वन) अधिक ऊष्मा अवशोषित करती हैं
वायुमंडलीय दाब पेटियाँ
- भूमध्यरेखीय निम्न दाब (0°): तीव्र तापन, ऊपर उठती वायु, निम्न दाब, भारी वर्षा
- उपोष्णकटिबंधीय उच्च दाब (30° N/S): अवतरित वायु, शुष्क, स्वच्छ आकाश, मरुस्थल
- उपध्रुवीय निम्न दाब (60° N/S): ठंडी ध्रुवीय और गर्म उपोष्णकटिबंधीय वायु का मिलन
- ध्रुवीय उच्च दाब (90°): अत्यंत ठंडी, घनी, अवतरित होती वायु
तीन-कोशिका वायुमंडलीय परिसंचरण
- Hadley Cell (0°–30°): गर्म वायु भूमध्यरेखा पर ऊपर उठती है, ध्रुव की ओर गति करती है, 30° पर ठंडी होकर उतरती है जिससे उपोष्णकटिबंधीय उच्च दाब बनता है
- Ferrel Cell (30°–60°): अप्रत्यक्ष कोशिका; सतह पर पवनें ध्रुव की ओर बहती हैं
- Polar Cell (60°–90°): ठंडी वायु ध्रुवों पर उतरती है, भूमध्यरेखा की ओर बहती है
कोरिऑलिस प्रभाव
- पृथ्वी के घूर्णन के कारण, पवनें उत्तरी गोलार्ध में दाईं ओर और दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर विक्षेपित होती हैं (Buys-Ballot का नियम)
- व्यापारिक पवनें उत्तरी गोलार्ध में NE और दक्षिणी गोलार्ध में SE से बहती हैं; पछुआ पवनें NH में SW और SH में NW से
- उत्तरी गोलार्ध में चक्रवात वामावर्त घूमते हैं और दक्षिणी गोलार्ध में दक्षिणावर्त
वैश्विक पवन तंत्र
- व्यापारिक पवनें (0°–30°): NH में NE Trades, SH में SE Trades; पृथ्वी पर सबसे विश्वसनीय पवनें
- पछुआ पवनें (30°–60°): उपध्रुवीय निम्न दाब की ओर बहती हैं; SH में अधिक शक्तिशाली — "Roaring Forties," "Furious Fifties"
- ध्रुवीय पूर्वी पवनें (60°–90°): ध्रुवीय उच्च दाब से ठंडी, शुष्क पवनें
जेट धाराएँ (Jet Streams)
- 9–16 km ऊँचाई पर तीव्र प्रवाहित, संकरी ऊपरी वायु धाराएँ, गति 120–400 km/h
- उपोष्णकटिबंधीय Jet (30° N/S, ~12 km): साल भर उपोष्णकटिबंधीय मौसम को प्रभावित करती है
- ध्रुवीय Jet (60° N/S, ~9 km): मध्य-अक्षांशीय मौसम तंत्र को नियंत्रित करती है
- उष्णकटिबंधीय पूर्वी Jet: भारतीय मानसून को उत्तर की ओर ले जाती है
आर्द्रता
- परम आर्द्रता: प्रति इकाई आयतन में जलवाष्प का द्रव्यमान (g/m³)
- सापेक्षिक आर्द्रता (RH): वास्तविक वाष्प और संतृप्त वाष्प का अनुपात × 100%; हाइग्रोमीटर/साइक्रोमीटर से मापी जाती है
- विशिष्ट आर्द्रता: आर्द्र वायु के प्रति द्रव्यमान में जलवाष्प का द्रव्यमान (g/kg)
- ओस बिंदु: वह तापमान जिस पर ठंडी होती वायु 100% RH (संतृप्ति) तक पहुँचती है
वर्षण के प्रकार
- संवहनीय वर्षा: गर्म वायु ऊर्ध्वाधर रूप से ऊपर उठती है — भूमध्यरेखीय/मानसूनी क्षेत्र; दोपहर की गरज के साथ वर्षा
- पर्वतीय/उच्चावच वर्षा: पर्वतों का वातामुखी ढलान — पश्चिमी घाट, चेरापूँजी 11,430 mm/वर्ष
- वाताग्री/चक्रवाती वर्षा: ठंडी और गर्म वायुराशियाँ मिलती हैं — शीतोष्ण क्षेत्र, मध्यम, दीर्घकालिक
- संवहनीय ओलावृष्टि: तीव्र ऊर्ध्वप्रवाह जलकणों को जमा देते हैं
विश्व जलवायु वर्गीकरण
- A (उष्णकटिबंधीय): Af, Am, Aw — सभी महीने 18°C से ऊपर
- B (शुष्क): BWh (गर्म मरुस्थल), BSh (अर्ध-शुष्क) — वाष्पीकरण वर्षण से अधिक
- C (शीतोष्ण): Csa (भूमध्यसागरीय), Cfb (महासागरीय) — सबसे ठंडा महीना -3°C से 18°C
- D (महाद्वीपीय): ठंडी सर्दियाँ; E (ध्रुवीय): ET (टुंड्रा), EF (हिम टोपी)
El Niño–Southern Oscillation / ENSO
- El Niño: मध्य/पूर्वी प्रशांत महासागर का असामान्य तापन (प्रत्येक 2–7 वर्षों में); व्यापारिक पवनों को कमज़ोर करता है
- प्रभाव: ऑस्ट्रेलिया, भारत, SE एशिया में सूखा; पेरू/इक्वाडोर में बाढ़; वैश्विक तापमान वृद्धि
- La Niña: विपरीत — अधिक शक्तिशाली पवनें, ठंडा प्रशांत; भारतीय मानसून को सुदृढ़ करती है, ऑस्ट्रेलिया में बाढ़
- SOI: ताहिती और डार्विन के बीच दाब का अंतर Southern Oscillation को मापता है
ग्रीनहाउस प्रभाव और वैश्विक तापन
- प्राकृतिक ग्रीनहाउस प्रभाव CO₂, जलवाष्प, CH₄, N₂O द्वारा बनाए रखा जाता है; इसके बिना पृथ्वी का औसत = −18°C
- जीवाश्म ईंधन दहन से बढ़ा हुआ ग्रीनहाउस प्रभाव — CO₂ 425 ppm (2024) पर, पूर्व-औद्योगिक 280 ppm की तुलना में
- वैश्विक औसत तापमान पूर्व-औद्योगिक स्तर से 1.1°C ऊपर (2024)
