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नीतिशास्त्र

परिचय एवं संदर्भ

प्रशासनिक निर्णय-निर्माण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता बनाम विवेक

पेपर II · इकाई 1 अनुभाग 2 / 12 PYQ-शैली 24 मिनट

सार्वजनिक अनुभाग पूर्वावलोकन

परिचय एवं संदर्भ

विषय 64 RPSC 2026 Mains पाठ्यक्रम में एक नई प्रविष्टि के रूप में स्पष्ट रूप से सूचीबद्ध है और 2021 तथा 2023 दोनों में इसके अंक शून्य थे — जिससे यह 2026 में उच्च-संभावना वाला प्रश्न बन जाता है। यह विषय नैतिकता, प्रौद्योगिकी शासन और लोक प्रशासन के संगम पर स्थित है। यह परीक्षार्थी की उस क्षमता का परीक्षण करता है कि वह राज्य शक्ति के प्रयोग में AI प्रणालियों की मानवीय नैतिक निर्णय-क्षमता के विकल्प, पूरक या विरोधाभासी भूमिका का आलोचनात्मक मूल्यांकन कर सके।

यह प्रश्न केवल सैद्धांतिक नहीं है। भारत सक्रिय रूप से शासन में AI का उपयोग कर रहा है: कल्याण के लिए आधार-आधारित प्रमाणीकरण, रेलवे स्टेशनों पर फेशियल रिकग्निशन, पूर्वानुमानित पुलिसिंग उपकरण और AI-सहायक कर जाँच। RAS अधिकारियों को ऐसी दुनिया विरासत में मिलेगी जहाँ एल्गोरिदम महत्वपूर्ण सार्वजनिक निर्णयों को सूचित करेंगे — और कभी-कभी वे निर्णय लेंगे भी। RPSC परीक्षक संभवतः 5-अंक का प्रश्न पूछेंगे जिसमें AI के योगदान और उसकी सीमाओं को समझाना होगा, या 10-अंक का प्रश्न जिसमें आलोचनात्मक नैतिक विश्लेषण माँगा जाएगा।

परीक्षा रणनीति: इस विषय को तीन दृष्टिकोणों से समझें — (a) AI क्या प्रदान करता है (दक्षता, सुसंगतता, पैमाना); (b) AI में क्या कमी है (विवेक, सहानुभूति, प्रासंगिक नैतिक निर्णय); (c) एक जिम्मेदार नैतिक ढाँचा कैसा दिखना चाहिए (HITL, व्याख्यायोग्यता, जवाबदेही, आनुपातिकता)।