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समाज, प्रबंधन एवं लेखाशास्त्र

मुख्य बिंदु

संगठनात्मक व्यवहार: धारणा, अभिप्रेरणा, समूह गतिशीलता, संगठनात्मक संस्कृति

पेपर I · इकाई 3 अनुभाग 1 / 11 PYQ-शैली 25 मिनट

सार्वजनिक अनुभाग पूर्वावलोकन

मुख्य बिंदु

  1. संगठनात्मक व्यवहार (OB) व्यक्तिगत और समूह व्यवहार तथा मानव व्यवहार एवं संगठन के बीच अंतरसंबंध का अध्ययन है। यह मनोविज्ञान (व्यक्ति), सामाजिक मनोविज्ञान (समूह), समाजशास्त्र (संगठन), और मानवविज्ञान (संस्कृति) से विचार लेता है। प्रमुख संस्थापक: एल्टन मेयो (हॉथॉर्न अध्ययन, 1924–32) और कर्ट लेविन (समूह गतिशीलता, 1947)।

  2. मास्लो का आवश्यकता सोपान (1943): पाँच-स्तरीय पिरामिड — नीचे से: (1) शारीरिक (भोजन, जल, निद्रा); (2) सुरक्षा (संरक्षण, रोजगार, स्वास्थ्य); (3) सामाजिक/प्रेम-संबद्धता (मित्रता, परिवार, अंतरंगता); (4) सम्मान (आत्म-सम्मान, पहचान, उपलब्धि); (5) आत्म-साक्षात्कार (पूर्ण क्षमता की प्राप्ति, सृजनशीलता, अर्थ); निचली आवश्यकताएँ पर्याप्त रूप से पूरी होने के बाद ही उच्च आवश्यकताएँ प्रेरक बनती हैं।

  3. हर्जबर्ग का द्वि-कारक सिद्धांत (1959): (1) स्वच्छता कारक (रखरखाव कारक) — कार्य परिस्थितियाँ, वेतन, सुरक्षा, कंपनी नीति; इनकी उपस्थिति असंतोष रोकती है किन्तु प्रेरित नहीं करती; (2) प्रेरक — उपलब्धि, मान्यता, जिम्मेदारी, प्रगति, विकास; इनकी उपस्थिति वास्तव में कार्य-संतुष्टि और प्रेरणा उत्पन्न करती है।

  4. मैकलेलैंड का त्रि-आवश्यकता सिद्धांत (1961): तीन अर्जित आवश्यकताएँ व्यवहार को चालित करती हैं: (1) उपलब्धि की आवश्यकता (nAch) — श्रेष्ठ बनने की इच्छा, मध्यम जोखिम लेना, परिणामों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी पसंद करना; (2) शक्ति की आवश्यकता (nPow) — दूसरों को प्रभावित करने की इच्छा; व्यक्तिगत शक्ति (स्वहित) बनाम संस्थागत शक्ति (संगठन का लाभ); (3) संबद्धता की आवश्यकता (nAff) — घनिष्ठ पारस्परिक संबंधों और पसंद किए जाने की इच्छा।

  5. OB में प्रत्यक्षण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा व्यक्ति इंद्रिय-जानकारी का चयन, व्यवस्थापन और व्याख्या करके दुनिया को समझता है; प्रत्यक्षीय पूर्वाग्रह सटीक समझ को विकृत करते हैं — प्रमुख पूर्वाग्रह: हेलो प्रभाव (एक गुण समग्र धारणा को प्रभावित करता है), रूढ़िबद्धता (समूह विशेषताएँ व्यक्ति पर लागू करना), प्रक्षेपण (अपनी भावनाएँ दूसरों पर आरोपित करना), चयनात्मक प्रत्यक्षण (पूर्व-धारणाओं की पुष्टि के लिए जानकारी छाँटना)।

  6. नेतृत्व शैलियाँ: (1) निरंकुश — सभी निर्णय नेता स्वयं लेता है; अधीनस्थों का कोई योगदान नहीं; त्वरित निर्णय लेकिन मनोबल कम; (2) लोकतांत्रिक/सहभागी — अधीनस्थ निर्णयों में शामिल; उच्च मनोबल और सृजनशीलता; (3) अहस्तक्षेप — नेता पूरी तरह प्रतिनिधित्व करता है; अत्यधिक कुशल/प्रेरित टीमों के लिए उपयुक्त। पथ-लक्ष्य सिद्धांत (House, 1971): नेता अधीनस्थों के लक्ष्य-पथ में बाधाएँ दूर करने के लिए शैली समायोजित करता है — चार शैलियाँ: निर्देशात्मक, सहायक, सहभागी, उपलब्धि-उन्मुख।

  7. संगठनों में समूह: औपचारिक समूह (कार्य-आधारित, आधिकारिक रूप से निर्मित) बनाम अनौपचारिक समूह (स्वाभाविक रूप से निर्मित, सामाजिक आधारित)। समूह निर्माण के चरण (टकमैन, 1965): निर्माण → संघर्ष → मानकीकरण → प्रदर्शन → समापन। टीम बनाम समूह: टीम में साझा लक्ष्य, पारस्परिक जवाबदेही, और पूरक कौशल होते हैं; समूह केवल एक समान पदनाम साझा कर सकता है।

  8. संगठनात्मक संस्कृति (एडगर शाइन, 1985) — साझा बुनियादी मान्यताओं का वह प्रतिरूप जो एक समूह ने बाह्य अनुकूलन और आंतरिक एकीकरण की समस्याओं को सुलझाते हुए सीखा; तीन स्तर: (1) कलाकृतियाँ (दृश्य संरचनाएँ, प्रक्रियाएँ, प्रतीक — ड्रेस कोड, कार्यालय लेआउट); (2) प्रकट मूल्य (घोषित रणनीतियाँ, लक्ष्य, दर्शन — मिशन वक्तव्य); (3) बुनियादी मान्यताएँ (अचेतन, स्वतःस्वीकृत विश्वास — गहनतम स्तर)।

  9. हॉथॉर्न अध्ययन (एल्टन मेयो, 1924–32): वेस्टर्न इलेक्ट्रिक कंपनी, Hawthorne, शिकागो में आयोजित। प्रमुख निष्कर्ष: (1) प्रकाश की परिस्थितियों की परवाह किए बिना श्रमिक उत्पादकता बढ़ी — Hawthorne प्रभाव (देखे जाने पर प्रदर्शन बढ़ता है); (2) सामाजिक मानदंड कार्य समूहों के भौतिक परिस्थितियों से अधिक उत्पादकता को प्रभावित करते हैं; (3) प्रबंधन की मान्यता और ध्यान मनोबल में महत्वपूर्ण सुधार करता है; इसने मानवीय संबंध प्रबंधन विद्यालय को जन्म दिया।

  10. मैकग्रेगर का थ्योरी X और थ्योरी Y (1960): थ्योरी X मानता है कि कर्मचारी स्वभावतः आलसी हैं, काम से बचते हैं, कड़े पर्यवेक्षण की जरूरत है, मुख्यतः धन और सुरक्षा से प्रेरित हैं (नकारात्मक दृष्टिकोण); थ्योरी Y मानता है कि कर्मचारी स्व-प्रेरित, सक्षम, रचनात्मक हैं, जिम्मेदारी खोजते हैं, और उच्च-क्रम की आवश्यकताओं से प्रेरित होते हैं (सकारात्मक दृष्टिकोण); मैकग्रेगर ने थ्योरी Y को आधुनिक संगठनों के लिए अधिक प्रभावी माना।

  11. करिश्माई नेतृत्व (Weber/Conger & Kanungo): असाधारण गुणों, दृष्टि और वाक्-कौशल वाला नेता जो समर्पण और आत्म-बलिदान की प्रेरणा देता है; NCRB PYQ 2021 — चार विशेषताएँ: (1) दृष्टि और अभिव्यक्ति; (2) अनुयायियों की आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशीलता; (3) अपरंपरागत व्यवहार; (4) व्यक्तिगत जोखिम उठाने की तत्परता; परिवर्तनकारी नेतृत्व से अलग जो अधिक व्यवस्थित होता है।

  12. संगठनों में संघर्ष: कार्यात्मक (उत्पादक) बनाम अकार्यात्मक (विनाशकारी) संघर्ष; थॉमस-किलमैन संघर्ष-प्रकार साधन: 5 संघर्ष-समाधान शैलियाँ — प्रतिस्पर्धी, सहयोगी, समझौताकारी, टालना, समायोजन; सहयोगी शैली दोनों पक्षों के लक्ष्य प्राप्त करती है किन्तु समय और उच्च विश्वास की आवश्यकता होती है।