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समाज, प्रबंधन एवं लेखाशास्त्र

मुख्य बिंदु

भारत में सामाजिक समस्याएँ: दहेज, तलाक, भ्रष्टाचार, गरीबी, वेश्यावृत्ति, बेरोजगारी, मादक पदार्थ-व्यसन

पेपर I · इकाई 3 अनुभाग 1 / 13 PYQ-शैली 27 मिनट

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मुख्य बिंदु

  1. दहेज वह संपत्ति या नकद राशि है जो वधू के परिवार द्वारा वर के परिवार को दी जाती है; दहेज निषेध अधिनियम, 1961 दहेज देने या लेने को प्रतिबंधित करता है, जिसमें 5 वर्ष तक कारावास और/या ₹15,000 या दहेज के मूल्य (जो भी अधिक हो) का जुर्माना निर्धारित है।

  2. IPC धारा 498A (1983 में जोड़ी गई) पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा पत्नी पर की जाने वाली क्रूरता — जिसमें दहेज उत्पीड़न शामिल है — को आपराधिक बनाती है; धारा 304B दहेज मृत्यु से संबंधित है (विवाह के 7 वर्षों के भीतर संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु — दहेज मृत्यु माना जाता है)।

  3. भारत में तलाक की दर वैश्विक मानकों की तुलना में कम है (~1.1 प्रति 1,000 जनसंख्या), लेकिन बढ़ रही है; हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955 में व्यभिचार, क्रूरता, परित्याग (2 वर्ष), और धर्म परिवर्तन जैसे आधार शामिल हैं; तीन तलाक (तत्काल मौखिक तलाक) को मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 द्वारा आपराधिक बना दिया गया।

  4. भारत में भ्रष्टाचार से प्रतिवर्ष GDP का 5% नुकसान होने का अनुमान है; ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के भ्रष्टाचार बोध सूचकांक (CPI) 2023 में भारत 180 देशों में 93वें स्थान पर रहा जिसका स्कोर 39/100 है; भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (2018 में संशोधित) प्राथमिक भ्रष्टाचार-विरोधी कानून है।

  5. भारत में गरीबी: नीति आयोग की 2023 MPI (बहुआयामी गरीबी सूचकांक) रिपोर्ट दर्शाती है कि 11.28% भारतीय बहुआयामी दृष्टि से गरीब हैं (2013-14 में 29.17% से कम); तेंदुलकर समिति (2009) ने कैलोरी-आधारित उपभोग से गरीबी मापी; वर्तमान आधिकारिक रेखा सुरेश तेंदुलकर पद्धति का उपयोग करती है।

  6. भारत में बेरोजगारी: PLFS (आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण) 2022-23 दर्शाता है कि बेरोजगारी दर (UR) 3.2% है (सामान्य स्थिति); युवा बेरोजगारी (15–29 वर्ष) शहरी क्षेत्रों में 10% है; संरचनात्मक, घर्षणात्मक, चक्रीय, और प्रच्छन्न बेरोजगारी — भारतीय संदर्भ में चार प्रमुख प्रकार हैं।

  7. भारत में नशा: NDDTC 2019 सर्वेक्षण के अनुसार 16 करोड़ लोग शराब का हानिकारक उपयोग करते हैं; 3.1 करोड़ भांग का उपयोग करते हैं; 2.26 करोड़ ओपिओइड का उपयोग करते हैं; पंजाब, राजस्थान, और उत्तर-पूर्व राज्यों में हेरोइन/ओपिओइड उपयोग की सर्वाधिक प्रचलन दर है।

  8. भारत में वेश्यावृत्तिअनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 (ITPA), जिसे 1986 में संशोधित किया गया, वेश्यावृत्ति को स्वयं आपराधिक नहीं ठहराता, लेकिन वेश्यालय चलाना, दलाली, और सार्वजनिक स्थानों पर याचना (सॉलिसिटिंग) को प्रतिबंधित करता है; NCRB 2022 ने ITPA के अंतर्गत 2,189 मामले दर्ज किए।

  9. सामाजिक समस्याओं के कारण परस्पर जुड़े हैं: पितृसत्ता दहेज और लैंगिक हिंसा को बढ़ावा देती है; आर्थिक असमानता गरीबी और वेश्यावृत्ति को प्रेरित करती है; राजनीतिक संरक्षण भ्रष्टाचार को सक्षम बनाता है; रोजगार-रहित शहरीकरण बेरोजगारी उत्पन्न करता है; सामाजिक अलगाव नशे की लत को बढ़ावा देता है।

  10. भ्रष्टाचार-विरोधी प्रमुख सरकारी पहल: सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (नागरिकों को जवाबदेही मांगने का अधिकार); लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 (स्वतंत्र लोकपाल); PFMS (सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली) — रिसाव कम करने के लिए प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण; व्हिसलब्लोअर संरक्षण अधिनियम, 2014

  11. बेरोजगारी योजनाएं: MGNREGS (100 दिन की गारंटीशुदा ग्रामीण रोजगार); PM कौशल विकास योजना (PMKVY) — युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण; स्टार्टअप इंडिया (2016) — उद्यमिता; राष्ट्रीय कैरियर सेवा (NCS) पोर्टल — रोजगार मिलान; आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना — COVID-19 पुनर्प्राप्ति रोजगार के लिए EPFO सब्सिडी।

  12. NDPS अधिनियम, 1985 (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेज़ एक्ट) भारत में नशीली दवाओं के दुरुपयोग को नियंत्रित करने वाला प्राथमिक कानून है; यह मादक दवाओं के निर्माण, कब्जे, बिक्री और उपभोग को प्रतिबंधित करता है; मात्रा के अनुसार दंड 6 महीने से 20 वर्ष तक है; नीति आयोग की ड्रग डिमांड रिडक्शन रणनीति (2021) रोकथाम, उपचार, और सामुदायिक पुनर्वास पर केंद्रित है।