मुख्य बिंदु

  1. 1

    एक्सपोसैट 1 जनवरी 2024 को कृष्ण विवर और न्यूट्रॉन तारों जैसे चमकीले एक्स-रे स्रोतों के ध्रुवण अध्ययन के लिए प्रक्षेपित हुआ।

  2. 2

    चंद्रयान-3 में विक्रम और प्रज्ञान 23 अगस्त 2023 के चंद्र दक्षिण ध्रुवीय मृदु अवतरण से जुड़े हैं।

  3. 3

    आदित्य-एल1 6 जनवरी 2024 को निरंतर सौर अवलोकन के लिए सूर्य-पृथ्वी एल1 बिंदु की हेलो कक्षा में पहुँचा।

  4. 4

    कल्पक्कम का पीएफबीआर होमी भाभा के तीन-चरणीय परमाणु कार्यक्रम के तीव्र प्रजनक दूसरे चरण का प्रतीक है।

  5. 5

    डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना पहचान, भुगतान, डेटा विनिमय, सार्वजनिक मंच और खुले नेटवर्क को सेवा-प्रदान से जोड़ती है।

  6. 6

    जीनोमइंडिया डीबीटी से जुड़ा जनसंख्या-जीनोमिक्स संसाधन है, जिसमें 20 संस्थानों के माध्यम से 10,000 भारतीय जीनोम अनुक्रमित किए गए।

  7. 7

    रक्षा प्रौद्योगिकी प्रश्नों में अक्सर अग्नि, ब्रह्मोस, तेजस, अस्त्र, आकाश और पिनाका जैसी प्रणालियों का सही मिलान पूछा जाता है।

  8. 8

    भारतीय विज्ञान परंपरा सी. वी. रमन, एस. एन. बोस, होमी भाभा, विक्रम साराभाई, एम. एस. स्वामीनाथन और ए. पी. जे. अब्दुल कलाम को उनके क्षेत्रों से जोड़ती है।

आरएएस प्रारंभिक परीक्षा के लिए विज्ञान-प्रौद्योगिकी मानचित्र

आरएएस प्रारंभिक परीक्षा में विज्ञान और प्रौद्योगिकी को संस्थानों, मिशनों, तिथियों, संख्याओं और अनुप्रयोगों के मानचित्र के रूप में दोहराना सबसे उपयोगी है। हालिया प्रगतियों को भारतीय योगदान से जोड़कर देखना चाहिए: अंतरिक्ष के लिए ISRO, परमाणु ऊर्जा के लिए डीएई और बार्क, अनुसंधान मिशनों के लिए डीएसटी, जीनोमिक्स के लिए डीबीटी, लोक-स्वास्थ्य अनुसंधान के लिए आईसीएमआर, प्रयोगशालाओं के लिए सीएसआईआर, संगणन के लिए माइटि और सी-डैक, तथा रणनीतिक प्रणालियों के लिए डीआरडीओ। प्रश्न सामान्यतः केवल नारा नहीं पूछता; वह यह देखता है कि अभ्यर्थी किसी मिशन को उसके यंत्र, स्थान, परिव्यय, वर्ष या कृषि, स्वास्थ्य, मौसम, आपदा प्रबंधन, शासन, शिक्षा, वित्तीय समावेशन और जलवायु सहनशीलता जैसे अंतिम उपयोग से जोड़ पाता है या नहीं। इस विषय को संभालने की पहली आदत है हर योजना को स्वीकृति देने वाली संस्था और तिथि से टैग करना: 2023 का राष्ट्रीय क्वांटम मिशन, 2024 का इंडियाएआई मिशन, 2021 का सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम, 2024 की जीनोमइंडिया 10,000 जीनोम अनुक्रमण घोषणा और 2024 में पीएफबीआर कोर लोडिंग। दूसरी आदत है खोज और तैनाती को अलग रखना। सी. वी. रमन या एस. एन. बोस मूलभूत वैज्ञानिक योगदान दिखाते हैं, जबकि चंद्रयान-3, पीएफबीआर, कोवैक्सिन, परम रुद्र और अर्धचालक इकाइयाँ संस्थागत तैनाती दिखाती हैं। तीसरी आदत है हर तकनीक के साथ भारत-विशेष अनुप्रयोग जोड़ना। उपग्रह डेटा फसल सलाह और चक्रवात चेतावनी में मदद करता है; जैव-प्रौद्योगिकी निदान, टीके और जीनोम आधारित चिकित्सा में काम आती है; चिप इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा, गतिशीलता और दूरसंचार को सहारा देते हैं; अति उच्च संगणन मौसम और पदार्थ मॉडलिंग में प्रयोग होता है। चौथी आदत सटीक संख्या बचाकर रखना है: इंडियाएआई मिशन के लिए 10,371.92 करोड़ रुपये, राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के लिए 6003.65 करोड़ रुपये, अर्धचालक कार्यक्रम के लिए 76,000 करोड़ रुपये, पीएफबीआर के लिए 500 मेगावाट विद्युत, जीनोमइंडिया के लिए 10,000 जीनोम और कोवैक्सिन के तीसरे चरण के नैदानिक परीक्षण में 81% अंतरिम प्रभावकारिता। साफ उत्तर मंत्रालयों को भी अलग करता है। ISRO अंतरिक्ष विभाग के अधीन है; डीएई परमाणु ऊर्जा संभालता है; डीबीटी विज्ञान-प्रौद्योगिकी प्रशासन में जैव-प्रौद्योगिकी से जुड़ा है; माइटि डिजिटल और अर्धचालक नीति चलाता है; डीआरडीओ रक्षा अनुसंधान से जुड़ा है। परीक्षा का जाल यह है कि कई कार्यक्रमों के नाम राष्ट्रीय, मिशन या इंडिया से शुरू होते हैं। इसलिए हर कार्यक्रम को एक तिथि, एक आधिकारिक संख्या और एक अनुप्रयोग से बाँधकर याद करें।

संभावित RAS प्रश्न

PYQ रुझान और 2026 पाठ्यक्रम विश्लेषण पर आधारित

1 MCQ सूची-I को सूची-II से मिलाइए और सही विकल्प चुनिए: सूची-I में चंद्रयान-3, आदित्य-एल1, एक्सपोसैट और गगनयान टीवी-डी1 हैं; सूची-II में चंद्र सॉफ्ट लैंडिंग, एल1 के चारों ओर हेलो कक्षा, एक्स-किरण ध्रुवणमिति और चालक दल बचाव प्रदर्शन हैं।
  1. A विकल्प क: A-i, B-ii, C-iii, D-iv सही उत्तर
  2. B विकल्प ख: A-ii, B-i, C-iv, D-iii
  3. C विकल्प ग: A-i, B-iii, C-ii, D-iv
  4. D विकल्प घ: A-iv, B-ii, C-iii, D-i

व्याख्या

चंद्रयान-3 चंद्र सॉफ्ट लैंडिंग से, आदित्य-एल1 एल1 हेलो कक्षा से, एक्सपोसैट एक्स-किरण ध्रुवणमिति से और टीवी-डी1 गगनयान चालक दल बचाव प्रदर्शन से जुड़ा है।