237. राजस्थान की जनजातियाँ
Tribes of Rajasthanमूल मुख्य बिंदु
- 1
राजस्थान अनुसूचित जनजाति जनसंख्या (जनगणना 2011) 92,38,534 है, जो राज्य की आबादी का 13.48 प्रतिशत है।
- 2
राजस्थान की अधिसूचित जनजाति सूची में भील, भील मीना, डामोर, गरासिया, कथोडी/कटकरी, मीना और सहरिया सहित 12 समुदाय हैं।
- 3
मीणा/मीना और भील जनगणना 2011 के दो सबसे बड़े घटक हैं; पूर्वी मीणा पट्टा और दक्षिणी भील पट्टा अलग हैं।
- 4
सहरिया राजस्थान का एकमात्र पीवीटीजी केंद्रित समूह है, जिसका मुख्य क्षेत्र बारां के किशनगंज और शाहबाद में है।
- 5
मानगढ़ 1913, लसोड़िया/भगत सुधार धाराएँ और 1921-22 का एकी आंदोलन जनजातीय भूगोल को स्वतंत्रता-आंदोलन इतिहास से जोड़ते हैं।
- 6
वन अधिकार अधिनियम 2006, जनजातीय क्षेत्रीय विकास प्रशासन और जनजातीय उप-योजना राज्य नीति का मूल ढांचा बनाते हैं।
- 7
बेणेश्वर मेला, भीली-वागड़ी भाषाएँ और अरावली-वागड़ क्षेत्र जनजाति नामों को संस्कृति और स्थान से जोड़ते हैं।
- 8
जिला-पट्टा, जनजाति-मेला, आंदोलन-नेता और जनगणना 2011 रैंकिंग मुख्य स्मरण समूह हैं।
मूल जनगणना आधार और अधिसूचित समुदाय
राजस्थान अनुसूचित जनजाति जनसंख्या (जनगणना 2011) इस विषय का पहला आधार है। जनगणना 2011 में राजस्थान में 92,38,534 अनुसूचित जनजाति व्यक्ति दर्ज हैं, जो राज्य की जनसंख्या का 13.48 प्रतिशत हैं। व्यक्तिगत जनजाति तालिका यह भी दिखाती है कि केवल एक पंक्ति का दावा भ्रामक हो सकता है: मीना पंक्ति में 43,45,528 व्यक्ति, भील समूह पंक्ति में 41,00,264 व्यक्ति, गरासिया में 3,14,194, डामोर/डामरिया में 91,463, कथोडी/कटकरी में 4,833 और सेहरिया/सहरिया में 1,11,377 व्यक्ति दर्ज हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की सूची राजस्थान में 12 अधिसूचित अनुसूचित जनजातियाँ देती है, जो भील समूह से शुरू होकर सेहरिया, सहरिया तक जाती है। यह सूची प्रशासनिक है, जबकि जनगणना तालिका जनसांख्यिकीय है; दोनों मिलकर आरक्षण, जिला रैंकिंग, कल्याण योजना और जिला मानचित्रों का आधार बनाते हैं। अधिसूचित सूची छह लोकप्रिय नामों से बड़ी है। इसमें भील, भील मीना, डामोर, धानका, गरासिया, कथोडी/कटकरी, कोली ढोर, कोकना/कोकनी, मीना, नायकड़ा, पटेलिया और सेहरिया/सहरिया आते हैं। कोई छोटा समुदाय कानून में मौजूद हो सकता है, भले उसकी जनगणना पंक्ति छोटी हो। जनगणना आकार दूसरी परत जोड़ता है: भील मीना मीना से अलग है, गरासिया राजपूत गरासिया को छोड़कर गिना गया है और कथोडी/कटकरी बहुत छोटी अरावली-संबद्ध पंक्ति रहती है। राजस्थान की जनजातीय भूगोल केवल नाम-सूची नहीं है। यह जनगणना 2011, अधिसूचित सूची, जिला संकेंद्रण और नीति साधनों पर आधारित तालिका-मानचित्र विषय है। स्थान-पैटर्न नाम जितना ही महत्त्व रखता है। मीणा/मीना समुदाय पूर्वी पट्टी में मजबूत है; भील समुदाय दक्षिणी मेवाड़-वागड़ पट्टी को आकार देता है; सहरिया बारां में तीखा स्थानीय पॉकेट बनाता है; गरासिया, डामोर और कथोडी/कटकरी छोटे हैं, पर अरावली, व्यवसाय और संस्कृति संकेतों में उपयोगी रहते हैं।
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संभावित संभावित RAS प्रश्न
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1 MCQ जनगणना 2011 में राजस्थान की अनुसूचित जनजाति जनसंख्या और राज्य-हिस्सा कौन सा है?
व्याख्या
ख सही है क्योंकि जनगणना 2011 राजस्थान की अनुसूचित जनजाति जनसंख्या 92,38,534 और राज्य हिस्सा 13.48 प्रतिशत दर्ज करती है। क कुल और हिस्सा दोनों बदलता है। ग बारां सहरिया का नया पीएम-जनमन सर्वेक्षण नंबर है, राज्य अनुसूचित जनजाति कुल नहीं। घ मीना पंक्ति और अनुसूचित जाति जैसे प्रतिशत को मिलाता है।
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